परिनालिका के भीतर क्षेत्र रेखाएँ, सरल रेखाओं के रूप में होती हैं जो यह निर्दिष्ट करता हैं कि परिनालिका के भीतर सभी बिंदुओं पर चुंबकीय क्षेत्र समान होता है।
परिनालिका के भीतर उत्पन्न प्रबल चुबंकीय क्षेत्र का उपयोग चुंबकीय पदार्थ जैसे नर्म लोहे के टुकड़ों को, परिनालिका के भीतर रखकर, चुंबकित करने में किया जा सकता है
परिनालिका से संबद्ध चुंबकीय क्षेत्र का पैटर्न छड़ चुंबक के चारों ओर के चुंबकीय क्षेत्र के पैटर्न से भिन्न होता है
परिनालिका में प्रवाहित धारा की दिशा उत्क्रमित करने पर N तथा S ध्रुवों की अदला-बदली हो जाती है।
केंद्र की अपेक्षा सिरों पर अधिक होती है
मध्य में सबसे कम होती है
सभी बिंदुओं पर समान होती है
एक सिरे से दसूरे सिरे की ओर बढ़ती जाती है
विभक्त वलय दिक्परिवर्तक का उपयोग किया जाता है
सर्पी वलयों एवं ब्रुशों का उपयोग किया जाता है
अधिक प्रबल चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग किया जाता है
तार के आयताकार पाश का उपयोग किया जाता है
भूसंपर्कण
फ्यूज़ का उपयोग
स्टैबिलाइजर (Stabilizer) का उपयोग
विद्युत मोटरों का उपयोग
लकड़ी
सूर्य
जीवाश्मी ईंधन
पवन
सूर्य वायुमंडल की ऊपरी परतों को तप्त करना आरंभ करता है
जीवाश्मी ईंधनों के जलने पर वायुमंडल में कार्बन, नाइट्रोजन व सल्फर के ऑक्साइड मुक्त होते हैं
बादलों में घर्षण के कारण विद्युत उत्पन्न होते हैं
पृथ्वी के वायुमंडल में अम्ल होते हैं
जल
यूरेनियम
जैवमात्रा
जीवाश्मी ईंधन
संचित जल की स्थितिज ऊर्जा विद्युत में रूपांतरित हो जाती है
संचित जल की गतिज ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा में रूपांतरित हो जाती है
जल से विद्युत निष्कर्ष की जाती है
विद्युत प्राप्त करने के लिए जल को भाप में रूपांतरित किया जाता है
जूल
सूर्य
यूरेनियम
जीवाश्म ईंधन
नाभिकीय ऊर्जा
तापीय ऊर्जा
सौर ऊर्जा
भूतापीय ऊर्जा
औरंगजेब की नीति
मराठा साम्राज्य का विस्तार
कमजोर शासक वर्ग
ये सभी
अहमदशाह अब्दाली
मीर जादा कालीम
नादिरशाह
अब्दुल्ला खाँ
कुल कृषि भूमि क्षेत्र का विस्तार
जब्ती क्षेत्र का विस्तार
कपास तथा नील के उत्पादन में वृद्धि
उपर्युक्त में से कोई नहीं
जहाँगीर
शाहजहाँ
औरंगजेब
मुहम्मद शाह रंगीला
जागीरदारी व्यवस्था का संकट
रैयतवाड़ी व्यवस्था का संकट
मनसबदारी व्यवस्था का संकट
महालवाड़ी व्यवस्था का संकट
भीमसेन
खाफी खाँ
सतीश चंद्रा
अब्बास खाँ सरवानी
उमरा संगठन
मुकद्दम संगठन
खालिसा संगठन
मीर- बक्शी संगठन
बीजापुर
बहमनी
मराठा
अफगान
शाहआलम
आलमगीर
आजमशाह
मुअज्जम
मंदिरों के प्रति कड़ी नीति
जजिया कर को लागू करना
इस्लामी कानून को वरीयता
ये सभी
अहमदशाह अब्दाली
जलालुद्दीन मांगबरनी
आदम खाँ
नादिरशाह
जमींदारी
स्थायी बंदोबस्त
इजारेदारी व्यवस्था
महालवाड़ी व्यवस्था
प्राय: उनका स्थानांतरण नहीं होता था।
प्राय: उनका संबंध उच्च नस्ल से होता था।
वे राजपरिवार के प्रिय होते थे।
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1701 ई.
1707 ई.
1739 ई.
1703 ई.
रुहेलखंड
बनारस
हैदराबाद
अवध
क्षोभमंडल
समतापमंडल
मध्यमंडल
इनमें से कोई भी नहीं
पठार
मैदान
एक झील
एक पर्वत
क्रेटर
अधिकेन्द्र
लावा
भू-पटल
3
4
5
7
51%
41%
71%
81%
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