BPSC TRE 2.0 SOCIAL SCIENCE CLASS 10TH ECONOMY NOTES | विकास

यदि लोगों के लक्ष्य भिन्न हैं, तो उनकी राष्ट्रीय विकास के बारे में धारणा भी भिन्न होगी। भारत को विकास के लिए क्या करना चाहिए। यह समझना बहुत आवश्यक है कि देश के विकास के विषय में विभिन्न लोगों की धारणाएँ भिन्न या परस्पर विरोधी हो सकती है।

BPSC TRE 2.0 SOCIAL SCIENCE CLASS 10TH ECONOMY NOTES | विकास

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राष्ट्रीय विकास

  • यदि लोगों के लक्ष्य भिन्न हैं, तो उनकी राष्ट्रीय विकास के बारे में धारणा भी भिन्न होगी। भारत को विकास के लिए क्या करना चाहिए। यह समझना बहुत आवश्यक है कि देश के विकास के विषय में विभिन्न लोगों की धारणाएँ भिन्न या परस्पर विरोधी हो सकती है।
सार्वजनिक सुविधाएं
  • नागरिक कितनी भौतिक वस्तुएँ और सेवाएँ प्रयोग कर सकते हैं, इसके लिए आय अपने आप में संपूर्ण रूप से पर्याप्त सूचक नहीं है। उदाहरण के लिए सामान्यता आपका द्रव्य आपके लिए प्रदूषण मुक्त वातावरण नहीं खरीद सकता या बिना मिलावट की दवाएँ आपको नहीं दिला सकता, जब तक आप ऐसे समुदाय में ही जाकर नहीं रहने लग जाते जहाँ ये * सुविधाएँ पहले से उपलब्ध हैं।
  • द्रव्य आपको संक्रामक बीमारियों से भी नहीं बचा सकता, जब तक आपका पूरा समुदाय इनसे बचाव के लिए कदम नहीं उठाता । वास्तव में जीवन में बहुत सी महत्त्वपूर्ण चीज़ों के लिए सबसे अच्छा और सस्ता भी तरीका इन वस्तुओं और सेवाओं को सामूहिक रूप से उपलब्ध कराना है।
  • शायद तब तक नहीं जब तक तुम्हारे माता-पिता तुम्हें कहीं रखते हों। आप और निजी स्कूल में पढ़ने भेजने की क्षमता इसलिए पढ़ पा रहे हो क्योंकि बहुत से अन्य बच्चे पढ़ना चाहते हैं और बहुत से लोग ये मानते हैं कि सरकार को स्कूल खोलने चाहिए और अन्य प्रकार की सुविधाएँ उपलब्ध करानी चाहिए जिससे सभी बच्चों को पढ़ने का अवसर मिले।
  • अभी भी बहुत से क्षेत्रों में बच्चे मुख्य रूप से लड़कियाँ, माध्यमिक स्तर की शिक्षा भी पूरी नहीं कर पाते क्योंकि सरकार / समाज ने इसके लिए पर्याप्त सुविधाएँ उपलब्ध नहीं कराई हैं।
  • केरल में शिशु मृत्यु दर कम है क्योंकि यहाँ स्वास्थ्य और शिक्षा की मौलिक सुविधाएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। इसी प्रकार, कुछ राज्यों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली ठीक प्रकार कार्य करती है।
  • यदि ऐसे स्थानों में राशन की दुकान ठीक से नहीं चलती, तो लोग इस समस्या का हल करवा सकते हैं। ऐसे राज्यों में लोगों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर निश्चित रूप से बेहतर होने की संभावना है । 
  • एच.डी.आई के परिकलन के लिए बहुत से सुधारों का सुझाव दिया गया है। मानव विकास रिपोर्ट में बहुत से नए घटक जोड़े गए हैं, लेकिन मानव के विकास से पहले, यह बात स्पष्ट कर दी गई है कि विकास महत्त्वपूर्ण है- एक देश के नागरिकों के साथ क्या हो रहा है। लोगों का स्वास्थ्य, उनका कल्याण सबसे अधिक ज़रूरी है।
विकास की धारणीयता
  • 20वीं सदी के उत्तरार्द्ध से बहुत से वैज्ञानिक यह चेतावनी देते आ रहे हैं कि विकास का वर्तमान प्रकार और स्तर धारणीय नहीं है।
  • भूमिगत जल नवीकरणीय साधन का उदाहरण हैं। फसल और पौधों की तरह इन साधनों की पुनः पूर्ति प्रकृति करती है, लेकिन यहाँ हम इन साधनों का अति-उपयोग कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, भूमिगत जल का यदि बरसात द्वारा हो रही पुनः पूर्ति से अधिक प्रयोग करते हैं, तो इस साधन का. अति-उपयोग कर रहे होंगे।
  • गैर नवीकरणीय साधन वो हैं, जो वर्षों से प्रयोग के पश्चात् समाप्त हो जाते हैं। इन संसाधनों का धरती पर एक निश्चित भण्डार हैं और इनकी पुनः पूर्ति नहीं हो सकती।
  • कभी-कभी हमें ऐसे नए साधन मिल जाते हैं, जिनके बारे में हमें पहले कोई जानकारी नहीं थी। नये स्रोत भण्डार में वृद्धि करते हैं, लेकिन समय के साथ यह भी समाप्त हो जाएँगे।
  • पर्यावरण में गिरावट के परिणाम राष्ट्रीय और राज्य सीमाओं का ख्याल नहीं करते; यह एक क्षेत्र या देशगत विषय नहीं रह गया है। हम सब का भविष्य परस्पर जुड़ा हुआ है।
  • विकास की धारणीयता तुलनात्मक स्तर पर ज्ञान का नया क्षेत्र है, जिसमें वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री, दार्शनिक और अन्य सामाजिक वैज्ञानिक मिल-जुल कर काम कर रहे हैं। विकास या प्रगति का प्रश्न हमेशा चलने वाला प्रश्न है ।
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