General Competition | Geography | भारत के पर्वत, पठार एवं मैदान
भारत के कुल क्षेत्रफल के 10.7% भू-भाग पर पर्वत का, 18.6% भू-भाग पर पहाड़ का, 27.7% भू-भाग पर पठार का तथा 43% भू-भाग पर मैदान का विस्तार है।

General Competition | Geography | भारत के पर्वत, पठार एवं मैदान
- भारत के कुल क्षेत्रफल के 10.7% भू-भाग पर पर्वत का, 18.6% भू-भाग पर पहाड़ का, 27.7% भू-भाग पर पठार का तथा 43% भू-भाग पर मैदान का विस्तार है।
- हिमालय पर्वत : भारत के उत्तर में यह पर्वत स्थित है। हिमालय पर्वत के उत्तर में तिब्बत का पठार है तथा दक्षिण में गंगा का मैदान या उत्तर भारत का विशाल मैदान है। हिमालय पर्वत पश्चिम में सिंधु नदी से लेकर पूर्व में ब्रह्मपुत्र नदी तक 2400 km में फैला हुआ है। मुख्य तौर पर हिमालय पर्वत पश्चिम से पूर्व में फैला हुआ है लेकिन अरूणाचल प्रदेश राज्य में यह दक्षिण की ओर मुड़ जाती है। इसका विस्तार म्यांमार में भी देखने को मिलता है। म्यांमार में इसे अराकान योमा कहा जाता है। हिमालय पर्वत 2400 km में फैला हुआ है। इसका आकार लगभग धनुषाकार है । सर्वप्रथम सर सिडनी बुराई नामक विद्वान ने हिमालय पर्वत को प्रादेशिक तौर पर चार भागों में बाँटा है-
- पंजाब हिमालय : सिंधु नदी से लेकर सतलज नदी तक जो हिमालय फैला हैं उसे पंजाब हिमालय कहते हैं। इसकी लंबाई 560 km है। इसके अंतर्गत काराकोरम, लद्दाख, जास्कर, पीरपंजाल, धौलाधर जैसी पर्वत श्रेणियाँ आती हैं।
- कुमायूँ हिमालय : सतलज नदी से काली नदी तक फैली हुई हिमालय को कुमायूँ हिमालय कहते हैं। अर्थात् दूसरे शब्दों में कहे तो उत्तराखंड में फैले हुए हिमालय को कुमायूँ हिमालय कहते हैं। इसके अंतर्गत कामेत, त्रिशुल, नंदा देवी जैसी पर्वत चोटियाँ आती हैं। इसकी लंबाई 320 km है।
- नेपाल हिमालय : काली नदी से तीस्ता नदी तक फैले हुए हिमालय को नेपाल हिमालय कहते हैं। इसकी लंबाई 800 km है। विश्व की ऊँची पर्वत चोटियाँ नेपाल हिमालय के अंतर्गत ही आता है। जैसे- माउंट एवरेस्ट, मकालु, अन्नपूर्णा, कंचनजंघा इत्यादि।
- असम हिमालय : तीस्ता नदी से ब्रह्मपुत्र नदी तक फैले हिमालय को असम हिमालय कहते हैं। इसकी लंबाई 750 km है। नामचाबरवा पर्वत इसी हिमालय के अंतर्गत आता है।
- भारतीय राज्य जिसमें हिमालय पर्वत का विस्तार हैं। भारत के कुल 11 राज्य है। 2 केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हैं जहाँ हिमालय पर्वत का स्व हैं, जहां हिमालय पर्वत कर पश्चिम बंगाल, अरूणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, विस्तार हैं। 2 केन्द्रशासित प्रदेश में हिमालय पर्वत का विस्तार विस्तार है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, सिक्किम, स्त्री मासज्य है जहाँ हिमालय पर्वत का विस्तार हैं।
- भारत के उत्तर में जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख केन्द्रशासित प्रदेश में फैले हुए पर्वत श्रेणियों का उत्तर से दक्षिण में क्रम निम्न हैं- 1. काराकोरम, 2. लद्दाख 3. जास्कर, 4. पीरपंजाल, 5. धौलाधर ।
Trick : कल जाएँगें PDS लाने ।
- काराकोरम लद्दाख और जास्कर लद्दाख में है | पीरपंजाल पर्वत श्रेणी जम्मू-कश्मीर में तथा धौलाधर पर्वत श्रेणी हिमाचल प्रदेश में मुख्यतः हैं।
उपर्युक्त या ऊपर लिखे हुए पर्वत श्रेणियों का जो उत्तर से दक्षिण में विस्तार हैं वही क्रम पूरब से पश्चिम का भी है।
- भौगोलिक तौर पर हिमालय पर्वत को चार वर्गों में बाँटा गया है, जो निम्न हैं- 1. ट्रांस हिमालय, 2. वृहद हिमालय, 3. लघु हिमालय, 4. शिवालिक ।
- काराकोरम पर्वत श्रेणी की सबसे ऊँची पर्वत चोटी K, या गॉडविन ऑस्टिन है जो कि भारत की सबसे ऊँची चोटी है। इस चांटी की ऊँचाई 8611 km है।
- काराकोरम पर्वत श्रेणी में ही लद्दाख में सियाचिन ग्लेशियर स्थित है जो भारत की सबसे बड़ी ग्लेशियर है। यह 76 km में फैला हुआ है।
- बलतोरो ग्लेशियर, रेमो ग्लेशियर, बियाफो ग्लेशियर, पुनमा ग्लेशियर, हिस्पर ग्लेशियर, बतूरा ग्लेशियर इत्यादि काराकोरम पर्वत श्रेणी के अंतर्गत लद्दाख में स्थित है।
- विश्व की सबसे ऊँची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट हैं जो कि मूलतः नेपाल में स्थित है। सीमा के संदर्भ में यह पर्वत नेपाल और तिब्बत के सीमा पर है। नेपाल में इसे सागरमाथा तथा तिब्बत में इसे चोमोलंगमा कहा जाता है। इसकी ऊँचाई 8848m है।
- हिमालय में स्थित भारत की सबसे ऊँची पर्वत चोटी कंचनजंघा है जो कि सिक्किम में स्थित है। सीमा के संदर्भ में यह पर्वत सिक्किम और नेपाल के सीमा पर स्थित है। इसकी ऊंचाई 8598m है। यह विश्व की तीसरी सबसे ऊँची पर्वत चोटी है।
- भारत की सबसे ऊँची पर्वत चोटी K2 या गॉडविन ऑस्टिन है जिसकी ऊँचाई 8611 m है। यह ट्रांस हिमालय के अंतर्गत काराकोरम पर्वत श्रेणी की पर्वत है। यह लद्दाख में स्थित है। यह भारत की ऊँची पर्वत चोटी है तथा यह विश्व की दूसरी सबसे ऊँची पर्वत चोटी है।
- धौलाधर पर्वत श्रेणी हिमाचल प्रदेश है जबकि धौलागिरि नेपाल में है ।
- ट्रांस हिमालय को वृहत हिमालय से ITSZ (Indus Tsangpo Sulture Zone) करता है।
- लघु हिमालय : इसे कई नाम जैसे - हिमाचल हिमालय, मध्य हिमालय से जाना जाता है। यह वृहद हिमालय के समानांतर उसके दक्षिणी भाग में स्थित है। यह छोटे-छोटे पर्वत श्रेणियों से मिलकर बना है। इसी के अंतर्गत पीरपंजाल, धौलाधर, मसूरी, महाभारत इत्यादि पर्वत श्रेणी आते हैं।
पीर पंजाल - जम्मू-कश्मीरधौलाधर - हिमाचल प्रदेशमसूरी - उत्तराखण्डमहाभारत - नेपाल
- वृहद हिमालय और लघु हिमालय के बीच में कई घाटियाँ मिलती हैं। जैसे- पश्चिम में कश्मीर घाटी तथा पूर्व में काठमांडू घाटी, इसके अलावे और भी कई घाटियाँ जैसे- कांगड़ा घाटी, कुल्लू घाटी, लाहुल और स्फीतिघाटी |
कश्मीर घाटी - जम्मू-कश्मीरकांगड़ा, कुल्लू घाटी, लाहुल स्फीति - हिमाचल प्रदेशकाठमांडू घाटी - नेपाल
- लघु हिमालय के हाल पर छोटे-छोटे घास के मैदान पाये जाते हैं जिसे कश्मीर में मर्ग जैसे- गुलमर्ग, सोनमर्ग तथा उत्तराखण्ड में बुग्याल या पयार कहते हैं।
- घाटी (Valley) : दो पहाड़ियों के बीच के गहरे भाग को घाटी कहते हैं।
- शिवालिक हिमालय : यह हिमालय का सबसे नवीनतम (नया) तथा दक्षिणी भाग है। इसके दक्षिण में उत्तर भारत का विशाल मैदान है। इसे कई नाम जैसे - बाह्य हिमालय और निम्न हिमालय के नाम से भी जाना जाता है। लघु हिमालय और शिवालिक के बीच समतल संरचनात्मक मैदान पाया जाता है जिसे पश्चिम में दून जैसे - देहरादून तथा पूरब में द्वार जैसे- हरिद्वार कहा जाता है।
- ट्रांस हिमालय : तिब्बत के पठार और वृहद हिमालय के बीच में है ।
- वृहद हिमालय : ट्रांस हिमालय और लघु हिमालय के बीच में हैं। इसके अंतर्गत आने वाली पर्वत चोटियों की औसत ऊँचाई 6100m हैं। ट्रांस हिमालय को वृहद हिमालय से अलग ITSZ (Indus Tsangpo Sulture Zone) करता है।
- लघु हिमालय : यह वृहद हिमालय और शिवालिक के बीच में स्थित हैं। इसके अंतर्गत आने वाली पर्वत चोटियाँ की औसत -ऊँचाई 3000m – 45000 m होती है। वृहद हिमालय को लघु हिमालय से अलग MCT (Main Central Thrust) करता है |
- शिवालिक : लघु हिमालय और उत्तर भारत का विशाल मैदान के बीच शिवालिक हैं। इसके अंतर्गत आने वाले पर्वत श्रेणियों की औसत ऊँचाई 600m - 1500m होती है। शिवालिक को उत्तर भारत के विशाल मैदान से अलग HFF (Himalayan Frontiers Fault) करता है।
- Note : लघु हिमालय को शिवालिक हिमालय से अलग MBF (Main Boundary Fault) करता है।
- पूर्वांचल हिमालय या उत्तरी पूर्वी हिमालय : हिमालय पर्वत भारत के सबसे पूरब में स्थित अरूणाचल प्रदेश राज्य से दक्षिण की ओर मुड़ जाती है तथा भारत के उत्तर - पूर्व में स्थित राज्यों में विस्तारित होती है। उसे ही पूर्वांचल हिमालय या उत्तरी-पूर्वी हिमालय कहते हैं ।
- पूर्वांचल हिमालय के अंतर्गत अलग-अलग पहाड़ियों का विस्तार अलग-अलग राज्यों में है जो निम्न हैं-
- पश्चिम बंगाल : दार्जिलिंग पहाड़ी और टाइगर पहाड़ी पश्चिम बंगाल राज्य में स्थित है।
- सिक्किम: कंचनजंघा, संडकफू पर्वत, छोमोयुमो पर्वत, पौहुनरी पर्वत इत्यादि सिक्किम में स्थित है।
- अरूणाचल प्रदेश : दाफला, मीरी, अबोर, मिशमी और पटकाई बुम अरूणालच प्रदेश में स्थित है। इन पहाड़ियों का पश्चिम से पूर्व में यही क्रम है। अरूणाचल प्रदेश राज्य के पूर्व में स्थित पटकाई बुम पर्वत श्रेणी भारत को म्यांमार से अलग करती है। कांगटो पर्वत अरूणाचल प्रदेश में स्थित है। सीमा के संदर्भ में यह अरूणाचल प्रदेश और तिब्बत के सीमा पर स्थित है। (7090m)
- असम : मिकिर पहाड़ी, रेंगमा पहाड़ी, भुवन पहाड़ी इत्यादि असम में स्थित है।
- मेघालय : मेघालय में स्थित पहाड़ियों का पश्चिम से पूर्व क्रम निम्न हैं-
गारो -खासी - जैनतिया, नोकरेक पर्वत, काइलस पर्वत और चेरापूँजी पर्वत मेघालय में ही स्थित है।
- नागालैंड : नागा पहाड़ी नागालैंड राज्य में स्थित है। नागालैंड की सबसे ऊँची पर्वत चोटी सारामती ( 3826m) है।
- मणिपुर : मणिपुरी पहाड़ी तथा लैमातोल पहाड़ी मणिपुर में स्थित है।
- मिजोरम : मिजो पहाड़ी अर्थात् लुशाई की पहाड़ी मिजोरम में स्थित हैं। इसकी सबसे ऊँची चोटी ब्लू माउंटेन (नीला पर्वत) है।
- त्रिपुरा : त्रिपुरी पहाड़ी त्रिपुरा में स्थित हैं।
- ब्रेल / बराइल : यह एक ऐसी पर्वत श्रेणी है जिसका विस्तार तीन अलग-अलग राज्य असम, नागालैंड, मणिपुर में है।
- दक्षिण का पर्वतीय क्षेत्र :
पश्चिमी घाट पर्वत श्रेणी : भारत के दक्षिणी पश्चिमी भाग में गुजरात से लेकर तमिलनाडु तक यह पर्वत श्रेणी 1600km में फैली हुई है। हिमालय पर्वत श्रेणी के बाद यह भारत की दूसरी सबसे लम्बी पर्वत श्रेणी है। यह भारत के छ: राज्य गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु राज्य में फैली हुई है। पश्चिम घाट पर्वत श्रेणी को महाराष्ट्र में सह्याद्रि कहते हैं। (कर्नाटक)
- गुजरात : गुजरात में स्थित पहाड़ियों का उत्तर से दक्षिण में क्रम निम्न है-
कच्छ की पहाड़ी, माण्डव की पहाड़ी, बरदा पहाड़ी, गिरनार पहाड़ी, गिर पहाड़ी ।
- कच्छ प्रायद्वीप को काठियावाड़ प्रायद्वीप से अलग कच्छ की खाड़ी करता है।
- कांडला बंदरगाह तथा ओखा बंदरगाह कच्छ की खाड़ी में स्थित है। कांडला बंदरगाह भारत का सबसे बड़ा बंदरगाह है, जो कि गुजरात में स्थित है। आजादी के बाद यह पहला विकसित बंदरगाह है। कांडला बंदरगाह का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय बंदरगाह रखा गया है।
- दीव और दमन के बीच खंभात की खाड़ी स्थित है।
- काठियावाड़ प्रायद्वीप को गुजरात की मुख्य भूमि से अलग खंभात की खाड़ी करता है ।
- गुजरात की राजधानी गाँधीनगर कर्क रेखा के दक्षिण में स्थित है।
- नीलगिरि पहाड़ी : पश्चिमी घाट पर्वत श्रेणी तथा पूर्वी घाट पर्वत श्रेणी आपस में एक-दूसरे से नीलगिरि क्षेत्र में मिलती है। नीलगिरि क्षेत्र मूलत: तमिलनाडु राज्य में स्थित है। लेकिन इसका विस्तार तमिलनाडु के साथ-साथ कर्नाटक और केरल के क्षेत्र में भी देखने को मिलता है।
- नीलगिरि की सबसे ऊँची चोटी डोडाबेटा है जिसकी ऊँचाई 2636m है। यह दक्षिणी भारत की दूसरी सबसे ऊँची पर्वत चोटी है।
- अनाईमुडी : यह दक्षिण भारत काऊची पर्वत चोटी है। इसकी ऊँचाई 2695m है। अन्नाईमुडी तीन पहाड़ियों का केन्द्र बिन्दु है। इसके उत्तर में अन्नामलाई पहाड़ी, दक्षिण में इलायची की पहाड़ी तथा पूर्व में पालनी की पहाड़ी है।
- पालगी की पहाड़ी तमिलनाडु राज्य में स्थित है।
- Note : नीलगिरि पहाड़ी और अन्नामलाई पहाड़ी के बीच में पालघाट दर्रा स्थित है।
- नीलगिरि क्षेत्र में टोडा नामक जनजाति पायी जाती है जो मूलत: पशुपालक जनजाति होती है। इस जनजाति में शिशु वध प्रथा का प्रचलन देखने को मिलता है। इस जनजाति में बहुपति विवाह का भी प्रचलन देखने को मिलता है।
- पश्चिमी घाट पर्वत श्रेणी के अंतर्गत आने वाले पहाड़ियों का उत्तर से दक्षिण में क्रम निम्न है -
कालसुबाई, महाबलेश्वर - महाराष्ट्रबाबा बूदन की पहाड़ी - कर्नाटकनीलगिरि पहाड़ी - तमिलनाडुअन्नामलाई पहाड़ी - केरल और तमिलनाडुइलायची पहाड़ी, कार्डमम पहाड़ी - केरल
- पूर्वी घाट पर्वत श्रेणी के अंतर्गत आने वाले पर्वतों का उत्तर से दक्षिण में क्रम निम्न है-
महेन्द्रगिरि - ओडिशानल्लालाई, वेलीकोण्डा, पालकोण्डा, नगारी - आंध्र प्रदेशजवादी, शेवरॉय, पंचमलाई, सिरूमलाई - तमिलनाडु
- महाराष्ट्र : सतमाला पहाड़ी, अजन्ता पर्वत श्रेणी, सह्याद्रि पर्वत श्रेणी, हरिश्चन्द्र पर्वत श्रेणी, बालाघाट पर्वत श्रेणी इत्यादि महाराष्ट्र राज्य में स्थित है।
- महाराष्ट्र की सबसे ऊँची पर्वत चोटी कालसुबाई है, जिसकी ऊँचाई 1646m है।
- ओडिशा : गढजात पहाड़ी, टिकरपाड़ा पर्वत श्रेणी, अस्सीया पहाड़ी, नयागढ़ पहाड़ी इत्यादि ओडिशा राज्य में स्थित है।
- Note : टिकरपाड़ा पर्वत श्रेणी और नयागढ़ पहाड़ी के बीच से होकर महानदी गुजरती है।
- सतमाला पहाड़ी और हरिश्चन्द्र पर्वत श्रेणी के बीच महाराष्ट्र राज्य में थालघाट दर्रा है। जो मुंबई को नासिक से जोड़ता है। (गोदावरी नदी)
- हरिश्चन्द्र पर्वत श्रेणी और महाबलेश्वर के बीच में भोरघाट दर्रा है जो मुंबई को पुणे से आपस में जोड़ता है। (भीमा नदी)
- पालघाट दर्रा केरल के कोच्चि को तमिलनाडु के कोयम्बटूर से आपस में जोड़ता है। यह दर्रा नीलगिरि पहाड़ी और अन्नामलाई पहाड़ी के बीच में स्थित है।
- सेनकोटा घाट दर्रा : यह केरल के तिरूवनंतपुरम को तमिलनाडु के मदुरै से आपस में जोड़ता है। यह दर्रा कार्डमम पहाड़ी और वरूशनाऊ पहाड़ी के बीच में स्थित है।
- Note : थालघाट दर्रा, भोरघाट दर्रा, पालघाट दर्रा, सेनकोटा घाट दर्रा पश्चिमी घाट पर्वत श्रेणी की दर्रा है।
- दर्रा (Pass / Gap) : पर्वतीय भागों में एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने वाले मार्ग को दर्रा (Pass / Gap) कहते हैं। दर्रा खास तौर पर पर्वतीय राज्यों में देखने को मिलता है। जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, सिक्किम इत्यादि।
- तुजु दर्रा : यह मणिपुर में स्थित है। यह दर्रा मणिपुर को म्यांमार से आपस में जोड़ता है।
- बोमाडिला दर्रा : यह अरूणाचल प्रदेश राज्य में स्थित है। यह दर्रा ल प्रदेश को तिब्बत से आपस में जोड़ता है।
- दिफु दर्रा : यह अरूणाचल प्रदेश राज्य में स्थित है। यह अरूणाचल प्रदेश को म्यांमार से आपस में जोड़ता है ।
- पांगसाऊ दर्रा : यह अरूणाचल प्रदेश राज्य में स्थित है। यह अरूणाचल प्रदेश को म्यांमार से जोड़ता है।
- यांग्याप दर्रा : यह अरूणाचल प्रदेश राज्य में स्थित है। यह अरुणाचल प्रदेश को म्यांमार से जोड़ता है ।
- नाथुला दर्रा : यह सिक्किम राज्य में स्थित है। यह दर्रा सिक्किम को तिब्बत से जोड़ता है। भारत-चीन युद्ध 1962 के दौरान इसी दर्रा से होकर चीनी आक्रमणकारी भारत में प्रवेश किया था।
- जेलेप्ला दर्रा : यह सिक्किम राज्य में स्थित है। यह दर्रा सिक्किम को तिब्बत से आपस में जोड़ता है ।
- माना दर्रा : यह उत्तराखण्ड राज्य में स्थित है। यह दर्रा उत्तराखंड को तिब्बत से जोड़ता है।
- नीति दर्रा : यह दर्रा उत्तराखण्ड राज्य में स्थित है। यह उत्तराखंड को तिब्बत से आपस में जोड़ता है।
- लिपुलेख दर्रा : यह दर्रा उत्तराखण्ड राज्य में स्थित है। यह उत्तराखंड को तिब्बत से आपस में जोड़ता है।
Trick : मनीला उत्तराखण्ड |
- मुलिंग्ला दर्रा : यह उत्तराखण्ड राज्य में स्थित है। यह दर्रा उत्तराखंड को तिब्बत से आपस में जोड़ता है ।
- शिपकीला दर्रा : यह हिमाचल प्रदेश राज्य में स्थित है। यह दर्रा हिमाचल प्रदेश को तिब्बत से आपस में जोड़ता है।
- रोहतांग दर्रा : यह हिमाचल प्रदेश राज्य में स्थित है। यह हिमाचल प्रदेश के लाहुल शहर को स्फीति से आपस में जोड़ता है।
- बारालाचा दर्रा : यह हिमाचल प्रदेश राज्य में स्थित है ! यह हिमाचल प्रदेश के मनाली को लद्दाख के लेह से आपस में जोड़ता है।
Trick : शराब - हिमाचल प्रदेश
- देवसा दर्रा : हिमाचल प्रदेश
- जोजिला दर्रा : यह जम्मू कश्मीर में स्थित हैं। यह दर्रा श्रीनगर को लेह से आपस में जोड़ता है।
- बुर्जिल दर्रा : यह जम्मू कश्मीर राज्य में स्थित है। यह दर्रा श्रीनगर को गिलगित से आपस में जोड़ता है।
- बनिहाल दर्रा : यह जम्मू कश्मीर राज्य में स्थित है। यह दर्रा जम्मू को श्रीनगर से आपस में जोड़ता है।
- पीरपंजाल दर्रा : यह जम्मू कश्मीर राज्य में स्थित है। यह जम्मू को कश्मीर से आपस में जोड़ता है।
- काराकोरम, लानकला, देप्सला, अघील, चांगला, बारा ला, खार्दंगला, पेन्सिला इत्यादि दर्रा लद्दाख में स्थित है। ये सभी दर्रा लद्दाख को चीन से आपस में जोड़ता है। इन सभी दरों में सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित दर्रा काराकोरम है।
- भारतीय मरूस्थल / रेगिस्तान (Desert ) : भारतीय मरूस्थल को थार मरूस्थल भी कहा जाता है। यह मरूस्थल सामान्यतः भारत के उत्तर-पश्चिम में स्थित भारतीय राज्य राजस्थान में विस्तृत है। इसका विस्तार पाकिस्तान में भी देखने को मिलता है। इसे पाकिस्तान में चोलिस्तान कहा जाता है। यह एक गर्म प्रकृति का मरूस्थल है। पूरे विश्व में सबसे ज्यादा मानव जनघनत्व ताला मरूस्थल थार मरूस्थल है। विश्व के कुल क्षेत्रफल के 1/5 भू-भाग या 20% भू-भाग पर मरूस्थल का विस्तार है।
- विश्व का सबसे बड़ा मरूस्थल सहारा मरूस्थल है, जो अफ्रीका महादेश में स्थित है। यह भी एक गर्म प्रकृति का मरूस्थल है।
- वैसा भू-भाग जहाँ 25 cm से कम वर्षा होती है वह भू-भाग मरूस्थल में तब्दील हो जाता है।
- भारतीय द्वीप : भारतीय द्वीप को हमलोग दो भागों में बाँटकर पढ़ते हैं। (a) बंगाल की खाड़ी में स्थित अंडमान निकोबार द्वीप समूह (b) अरब सागर में स्थित लक्षद्वीप समूह |
- (a) अंडमान निकोबार द्वीप समूह : यह भारत के दक्षिण-पूर्व में स्थित बंगाल की खाड़ी में स्थित है। इसमें द्वीपों की संख्या लगभग 572 है। जिसमें बड़े द्वीप मात्र 7 है। बड़े द्वीपों में चार बड़ा द्वीप अंडमान में जबकि 3 बड़े द्वीप निकोबार द्वीप समूह मैं स्थित है।
- उत्तरी अंडमान : यह अंडमान निकोबार द्वीप समूह का एक द्वीप है । इस द्वीप के पूर्वी भाग में नारकोनडम द्वीप है जो कि भारत का एकमात्र सुसुप्त ज्वालामुखी द्वीप है। अंडमान निकोबार द्वीप समूह की सबसे ऊँची पर्वत चोटी सैडलपीक (738m) है। इसी द्वीप पर स्थित है।
- मध्य अंडमान : यह भारत का सबसे बड़ा द्वीप है। इस द्वीप के पूर्वी भाग में भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी द्वीप बैरन द्वीप स्थित है।
- दक्षिणी अंडमान : अंडमान निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर इसी द्वीप पर स्थित है। सेलुलर जेल इसी द्वीप पर स्थित है।
- ग्रेट निकोबार: यह भारत का सबसे दक्षिणी द्वीप है। इसी द्वीप पर इंदिरा प्वाइंट स्थित है जो कि भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु है। अंडमान निकोबार द्वीप समूह की दूसरी सबसे ऊँची पर्वत चोटी माउंट धुलियर (642m) इसी द्वीप पर स्थित है।
- लैंडफॉल द्वीप : यह अंडमान निकोबार द्वीप समूह के सबसे उत्तर में स्थित द्वीप है !
- न्यूमूर द्वीप : यह बंगाल की खाड़ी में स्थित है । इस द्वीपको लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच विवाद है ।
- प्रिपेरिस द्वीप : यह बंगाल की खाड़ी में स्थित है। इस पर म्यांमार का अधिकार है।
- ग्रेट कोको द्वीप : यह बंगाल की खाड़ी में स्थित है। इस पर म्यांमार का अधिकार है।
- टेरासा द्वीप, केमोराटा द्वीप, नंकौरी द्वीप, कट्चल्ल द्वीप इत्यादि निकोबार द्वीप समूह में स्थित है।
- माजुली द्वीप : यह द्वीप असम में स्थित है। यह द्वीप का ब्रह्मपुत्र नदी द्वारा किया गया है। यह द्वीप अपने जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। माजुली एक नदीय द्वीप है जो विश्व का सबसे बड़ा नदीय द्वीप है। हाल के दिनों में माजुली को असम के 33वें जिला का दर्जा दिया गया है। यह सबसे बड़ा नदी द्वीपीय जिला है।
- ह्वीलर द्वीप : यह ओडिशा राज्य में स्थित है। इसे वर्तमान समय में ए० पी० जे० अब्दुल कलाम द्वीप के रूप में जाना जाता है।
- श्री हरिकोटा द्वीप : यह आंध्र प्रदेश राज्य में स्थित है। यह द्वीप पुलिकट झील को बंगाल की खाड़ी से अलग करता है। सतीश श्रवन अंतरिक्ष केन्द्र श्री हरिकांय द्वीप पर ही स्थित है।
- पम्बन द्वीप : यह आदम ब्रिज या रामसेतु का ही एक भाग है। यह द्वीप मन्नार की खाड़ी में स्थित है । इस द्वीप पर रामेश्वरम् स्थित है। पम्बन द्वीप या पम्बन चैलन रामेश्वरम् द्वीप को भारत की मुख्य भूमि से अलग करता है।
- काचा तीवू द्वीप : इस द्वीप को लेकर भारत और श्रीलंका के बीच विवाद है।
- 30 दिसम्बर, 2018 ई० में अंडमान निकोबार द्वीप समूह के कुछ द्वीपों के नाम परिवर्तित किया गया है जो निम्न हैं-
- रॉस द्वीप : इसका नाम बदलकर सुभाष चन्द्र बोस द्वीप किया गया है। सुभाष चन्द्र बोस के जन्मदिवस पर 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है।
- नील द्वीप : इसका नाम बदलकर शहीद द्वीप किया गया I
- हैवलॉक द्वीप : इसका नाम बदलकर स्वराज द्वीप किया गया है।
- Note: ये तीनों द्वीप अंडमान द्वीप के अंतर्गत आते हैं।
- (b) अरब सागर में स्थित लक्षद्वीप समूह :
- लक्षद्वीप : यह भारत के दक्षिण-पश्चिम में स्थित अरब सागर में स्थित एक प्रवाल द्वीप है । लक्षद्वीप में द्वीपों की संख्या 36 है, जिसमें मात्र 60 द्वीप पर मानव निवास करता है। लक्षद्वीप का सबसे दक्षिणी द्वीप मिनीकॉय है। जो कि लक्षद्वीप का सबसे बड़ा द्वीप है। (कुछ अन्य स्रोतों के अनुसार लक्षद्वीप का सबसे बड़ा द्वीप आण्ड्रोट है ) । लक्षद्वीप का आकार घोड़े के नाल जैसा होता है।
- मिनीकॉय द्वीप : इस द्वीप को लेकर भारत और मालदीव के बीच विवाद है । इस द्वीप पर भारत का अधिकार है।
- आलियाबेट और खालियाबेट द्वीप : यह द्वीप खंभात की खाड़ी में स्थित है। नर्मदा नदी के मुहाने पर आलियाबेट द्वीप जबकि ताप्ती नदी के मुहाने पर खालियाबेट द्वीप स्थित हैं।
- Note: भारत का सबसे उत्तर में स्थित नदी द्वीप माजुली द्वीप है जो असम में स्थित है।
- भारत की प्रमुख घाटियाँ :
- घाटी (Valley) : दो पहाड़ियों के बीच के गहरे भाग को घाटी कहते हैं। घाटी सामान्यतः पर्वतीय राज्यों में मिलता है। घाटी का आकार सामान्यतः यू (U) आकार का होता है। घाटियों से नदियाँ बहा करती है। खास तौर पर वृहद हिमालय और लघु हिमालय के बीच में घाटी देखने को मिलता है।
राज्य | घाटी |
लद्दाख | गलवान घाटी, मर्खा घाटी, सुरू घाटी, नुब्रा घाटी |
हिमाचल प्रदेश | कांगड़ा घाटी, कुल्लु घाटी, लाहुल घाटी, स्फीति घाटी, पार्वती घाटी, किन्नौर घाटी, मालना घाटी, चंबा घाटी |
उत्तराखण्ड | दून घाटी, फूलों की घाटी, जोहर घाटी, नेलांग घाटी, धर्मा पाटी |
सिक्किम | चुंबी घाटी और युथांग घाटी |
नागालैंड | जुकु घाटी |
आंध्र प्रदेश | अराकु घाटी |
तमिलनाडु | कंबम घाटी |
केरल | साइलैंट वैली / मौन घाटी / शांत घाटी |
- पीरपंजाल और धौलाधर पर्वत श्रेणी के बीच में कुल्लू घाटी है। इसे देवताओं की घाटी भी कहा जाता है।
- मालना घाटी छोटा यूनान के रूप में प्रसिद्ध है।
- धर्मशाला शहर कांगड़ा घाटी में स्थित है।
- बौद्धों का प्रसिद्ध ताबो मठ स्फीति घाटी में स्थित है।
- चन्द्रा और भागा नदी लाहुल घाटी से निकलती है।
- चुंबी घाटी के समीप भारत, भूटान और चीन की सीमा मिलती हैं।
- साइलैंट वैली अपनी जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध हैं।
- Line of Actual Control (LAC) के समीप गलवान घाट स्थित है।
- न्योरा घाटी पश्चिम बंगाल में स्थित है।
- सिलिकॉन वैली कर्नाटक राज्य में स्थित है।
- पठार : धरातल से ऊँचा उठा हुआ वैसा स्थल जिसका आधार विस्तृत हो शीर्ष सपाट या मेजाकार हो, पठार कहलाता है। इसकी औसत ऊँचाई धरातल से 500-600 m होता है। भारत का दक्षिणी भाग जिसे हमलोग प्रायद्वीपीय भारत कहते हैं। यह मुख्यतः पठारी भाग ही है। जिस कारण इसे प्रायद्वीपीय पठार भी कहते हैं । प्रायद्वीपीय पठार कई पठारों से निर्मित है इसलिए इसे पठारों का पठार भी कहा जाता है। प्रायद्वीपीय पठार का आकार त्रिभुजाकार है। इसके अंतर्गत दक्कन का पठार, छोटानागपुर का पठार, दण्डकारण्य का पठार इत्यादि आता है।
- छोटानागपुर का पठार : यह मूलत: झारखंड राज्य में है। यह पठार हजारीबाग के पठार, राँची का पठार तथा राजमहल की पहाड़ी से मिलकर बना है।
- छोटानागपुर के पठार से कई सारी नदियाँ निकलती हैं जिसमें छोटानागपुर के पठार की सबसे बड़ी नदी दामोदर नदी है जो कि हजारीबाग के पठार को राँची के पठार से अलग करता है।
- छोटानागपुर के पठार से स्वर्णरेखा नदी निकलती है जो दूसरी सबसे लम्बी नदी है। पवित्रता के दृष्टिकोण से इस नदी को छोटानागपुर की गंगा कहते हैं।
- पारसनाथ की पहाड़ी : यह छोटानागपुर पठार की सबसे ऊँची चोटी है। इसकी ऊँचाई 1366m है। यह पहाड़ी जैन धर्म के लिए प्रसिद्ध है।
- भारत का सबसे प्राचीनतम और प्राथमिक चट्टान आर्कियन क्रम का चट्टान है।
- भारत का सबसे आधुनिकतम या नया चट्टान गोंडवाना क्रम का चट्टान है।
- भारत का 98% कोयला गोंडवाना क्रम के चट्टान में ही पाया जाता है।
- चट्टान निर्माण का क्रम : आर्कियन, धारवाड़, कुडप्पा, विंध्य ।
- हिमालय वलित पहाड़ से संबंधित है।
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इन्द्रावती पर्वत - छत्तीसगढ़मोल्लेम पर्वत - गोवाकलेसर पर्वत - हरियाणाबेतला - झारखण्ड
वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं उत्तर
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