NCERT EXAMPLAR SOLUTION | CLASS 10TH | SCIENCE (विज्ञान) | Control and Coordination नियंत्रण और समन्वय
1. ग्राही अंगों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन सही है ?
(a) रसग्राही अंग स्वाद का पता लगाते हैं जबकि घ्राणग्राही अंग गंध का
(b) रसग्राही और घ्राणग्राही दोनों ही अंग गंध का पता लगाते हैं
(c) श्रवण और घ्राणग्राही दोनों ही अंग स्वाद का पता लगाते हैं
(d) घ्राणग्राही अंग स्वाद का पता लगाते हैं जबकि रसग्राही अंग गंध का
2. न्यूरॉन में विद्युत आवेग कहाँ से आरंभ होकर कहाँ तक जाते हैं?
(a) डेंड्राइट → ऐक्सॉन → ऐक्सॉन छोर → कोशिकाकाय
(b) कोशिका → डेंड्राइट → ऐक्सॉन → ऐक्सॉन छोर
(c) डेंड्राइट → कोशिकाकाय → ऐक्सॉन → ऐक्सॉन छोर
(d) ऐक्सॉन छोर → ऐक्सॉन → कोशिकाकाय → डेंड्राइट
उत्तर - (c)
3. सिनेप्स पर, रासायनिक संकेत का संप्रेषण होता है
(a) एक न्यूरॉन के डेंड्राइट छोर से दूसरे न्यूरॉन के ऐक्सॉन छोर तक
(b) ऐक्सॉन से उसी न्यूरॉन की कोशिकाकाय तक
(c) कोशिकाकाय से उसी न्यूरॉन के ऐक्सॉन छोर तक
(d) एक न्यूरॉन के ऐक्सॉन छोर से दूसरे न्यूरॉन के डेन्ड्राइट छोर तक
उत्तर - (d)
4. न्यूरॉन में विद्युत संकेत रासायनिक संकेत में कहाँ बदलता है ?
(a) कोशिकाकाय में
(b) ऐक्सॉन छोर पर
(c) डेंड्राइट छोर पर
(d) ऐक्सॉन में
उत्तर - (b)
5. प्रतिवर्ती चाप के संघटकों का सही क्रम क्या है?
(a) ग्राही अंग → पेशियाँ → संवेदी न्यूरॉन → प्रेरक न्यूरॉन → मेरुरज्जु
(b) ग्राही अंग → प्रेरक न्यूरॉन →मेरुरज्जु → संवेदी न्यूरॉन → पेशी
(c) ग्राही अंग → मेरुरज्जु → संवेदी न्यूरॉन → प्रेरक न्यूरॉन → पेशी
(d) ग्राही अंग → संवेदी न्यूरॉन → मेरुरज्जु → प्रेरक न्यूरॉन → पेशी
उत्तर - (d)
6. निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
(i) पर्यावरण में किसी वस्तु के प्रति अनुक्रिया के लिए अचानक होने वाली क्रिया को प्रतिवर्ती चाप कहते हैं
(ii) संवेदी न्यूरॉन संकेतों को मेरुरज्जु से पेशियों तक ले जाते हैं
(iii) प्रेरक न्यूरॉन संकेतों को ग्राही अंगों से मेरुरज्जु तक ले जाते हैं
(iv) किसी ग्राही अंग से आरंभ होकर संकेत एक पेशी अथवा एक ग्रंथि तक जिस मार्ग से संप्रेषित होते हैं उसे प्रतिवर्ती चाप कहते हैं
(a) (i) और (ii)
(b) (i) और (iii)
(c) (i) और (iv)
(d) (i), (ii) और (iii)
उत्तर - (c)
7. मस्तिष्क के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(i) मस्तिष्क में सोचने वाला प्रमुख भाग पश्च-मस्तिष्क है
(ii) सुनने, सूँघने, स्मरण शक्ति, देखने आदि के केंद्र अग्र-मस्तिष्क में स्थित होते हैं
(iii) लार - श्रवण, स्वाद, वमन, रुधिर - दाब जैसी अनैच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण पश्च-मस्तिष्क में स्थित मेडुला से होता है
(iv) अनु-मस्तिष्क शरीर की भंगिका और संतुलन का नियंत्रण नहीं करता
(a) (i) और (ii)
(b) (i), (ii) और (iii)
(c) (ii) और (iii)
(d) (iii) और (iv)
उत्तर - (c)
8. शरीर की भंगिका और संतुलन का नियंत्रण होता है-
(a) प्र-मस्तिष्क से
(b) अनु-मस्तिष्क से
(c) मेडुला से
(d) पोंस से
उत्तर - (b)
9. मेरुरज्जु निकलती है-
(a) प्र-मस्तिष्क से
(b) मेडुला से
(c) पोंस से
(d) अनु-मस्तिष्क से
उत्तर - (b)
10. प्ररोह का प्रकाश की तरफ वृद्धि करना कहलाता है -
(a) गुरुत्वानुवर्तन
(b) जलोनुवर्तन
(c) रसोनुवर्तन
(d) प्रकाशोनुवर्तन
उत्तर - (d)
11. पौधों में एब्सिसिक अम्ल का प्रमुख कार्य है-
(a) कोशिकाओं की लंबाई को बढ़ाना
(b) कोशिका विभाजन को प्रोत्साहित करना
(c) वृद्धि को संदमित करना
(d) तने की वृद्धि को प्रोत्साहित करना
उत्तर - (c)
12. निम्नलिखित में से किसका संबंध पौधे की वृद्धि से नहीं है?
(a) ऑक्सिन
(b) जिबरेलिन
(c) साइटोकाइनिन
(d) ऐब्सिसिक अम्ल
उत्तर - (d)
13. आयोडीन किस हॉर्मोन के संश्लेषण के लिए आवश्यक है ?
(a) ऐड्रीनलिन
(b) थायरॉक्सिन
(c) ऑक्सिन
(d) इंसुलिन
उत्तर - (b)
14. इंसुलिन के बारे में गलत कथन चुनिए-
(a) यह अग्न्याशय से उत्पन्न होता है
(b) यह शरीर की वृद्धि और उसके परिवर्धन का नियमन करता है
(c) यह रुधिर में शर्करा के स्तर का नियमन करता है
(d) इंसुलिन के अपर्याप्त स्रवण से डायबिटीज़ नामक रोग हो जाता
उत्तर - (b)
15. बेमेल युग्म को चुनिए-
(a) ऐड्रीनलिन और पीयूष
(b) टेस्टोस्टेरोन और वृषण
(c) ईस्ट्रोजन और अंडाशय
(d) थायरॉक्सिन और थॉयरॉइड ग्रंथि
उत्तर - (a)
16. द्वार-कोशिकाओं की आकृति किसके परिवर्तन के कारण बदल जाती है?
(a) कोशिकाओं की प्रोटीन-संघटना के
(b) कोशिकाओं के तापमान के
(c) कोशिकाओं में जल की मात्रा के
(d) कोशिकाओं में केंद्रक की स्थिति के
उत्तर - (c)
17. मटर के पौधों में प्रतान की वृद्धि किसके कारण होती है?
(a) प्रकाश के प्रभाव के
(b) गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव के
(c) प्रतान की उन कोशिकाओं में तीव्र विभाजन के कारण जो अवलंब से दूर होती हैं
(d) प्रतान की उन कोशिकाओं में तीव्र विभाजन के कारण जो अवलंब के संपर्क में होती हैं
उत्तर - (c)
18. पराग-नलियों की अंडाणु की तरफ़ वृद्धि किसके कारण होती है?
(a) जलानुवर्तन के
(b) रसोनुवर्तन के
(c) गुरुत्वानुवर्तन के
(d) प्रकाशानुवर्तन के
उत्तर - (b)
19. सूर्य के मार्ग के अनुसार सूरज की गति किसके कारण होती है?
(a) प्रकाशानुवर्तन के
(b) गुरुत्वानुवर्तन के
(c) रसोनुवर्तन के
(d) जलानुवर्तन के
उत्तर - (a)
20. पौधे पर से परिपक्व पत्तियों और फलों का झड़ना किस पदार्थ के कारण होता है ?
(a) ऑक्सिन
(b) जिबरेलिन
(c) ऐब्सिसिक अम्ल
(d) साइटोकाइनिन
उत्तर - (c)
21. तंत्रिका आवेग के संप्रेषण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन सही है?
(a) तंत्रिका - आवेग डेंड्राइट छोर से ऐक्सॉन छोर की तरफ जाता है
(b) डेंड्राइट छोर पर, विद्युत आवेगों के कारण, कुछ रसायनों का उत्सर्जन होता है जो कि दूसरे न्यूरॉन के डेंड्राइट में उसी प्रकार का विद्युत आवेग उत्पन्न कर देते हैं
(c) एक न्यूरॉन के ऐक्सॉन छोर से निकलने वाले रसायन सिनैप्स को लाँघ जाते हैं और दूसरे न्यूरॉन के डेंड्राइट में उसी प्रकार का विद्युत आवेग उत्पन्न कर देते हैं
(d) एक न्यूरॉन विद्युत आवेगों को न केवल दूसरे न्यूरॉन तक ही संप्रेषित करता है बल्कि पेशी और ग्रंथि- कोशिकाओं तक संप्रेषित करता है
उत्तर - (b)
22. शरीर की अनैच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण होता है
(a) अग्र-मस्तिष्क के मेडूला से
(b) मध्य-मस्तिष्क के मेडूला से
(c) पश्च-मस्तिष्क के मेडूला से
(d) मेरुरज्जु के मेडूला से
उत्तर - (c)
23. निम्नलिखित में से कौन-सी क्रिया अनैच्छिक नहीं है?
(a) वमन
(b) लार का स्रवण
(c) हृदय - स्पंदन
(d) चर्वण
उत्तर - (d)
24. जब किसी व्यक्ति को सर्दी-जुकाम हो रहा होता है तब वह क्या नहीं कर सकता ?
(a) सेब और आइसक्रीम के स्वाद में विभेद
(b) इत्र और अगरबत्ती की गंध में विभेद
(c) लाल प्रकाश और हरे प्रकाश में विभेद
(d) गर्म वस्तु और ठंडी वस्तु में विभेद
उत्तर - (b)
25. विद्युत आवेग के प्रवाह की सही दिशा कौन-सी है?
उत्तर - (c)
26. थायरॉक्सिन के बारे में कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) थायरॉक्सिन के संश्लेषण के लिए लौह आवश्यक होता है।
(b) यह शरीर में कार्बोहाइड्रेटों, प्रोटीनों और वसाओं के उपापचय का नियमन करता है।
(c) थायरॉक्सिन के संश्लेषण के लिए थायरॉयड ग्रंथि को आयोडीन की आवश्यकता होती है
(d) थायरॉक्सिन को थायरॉयड हॉर्मोन भी कहते हैं
उत्तर - (a)
27. बौनेपन का कारण होता है-
(a) थायरॉक्सिन के स्राव की अधिकता
(b) वृद्धि-हॉर्मोन के स्राव की कमी
(c) ऐड्रीनलिन के स्राव की कमी
(d) वृद्धि -हॉर्मोन के स्राव की अधिकता
उत्तर - (b)
28. योवनारंभ से संबंधित शरीर के लक्षणों में महत्वपूर्ण परिवर्तन प्रमुखत: किसके स्रवण के कारण होते हैं?
(a) वृषणों से एस्ट्रोजन और अंडाशय से टेस्टोस्टेरॉन के कारण
(b) ऐड्रीनल ग्रंथि से एस्ट्रोजन और पिट्यूटरी ग्रंथि से टेस्टोस्टेरॉन के कारण/
(c) वृषणों से टेस्टोस्टेरॉन और अंडाशय से एस्ट्रोजन के कारण
(d) थायरॉयड ग्रंथि से टेस्टोस्टेरॉन और पिट्यूटरी ग्रंथि से एस्ट्रोजन के कारण
उत्तर - (c)
29. एक चिकित्सक ने किसी व्यक्ति को इंसुलिन का इंजेक्शन लेने की सलाह दी क्योंकि-
(a) उसका रुधिर-चाप कम था
(b) उसके हृदय स्पंदन की दर कम थी
(c) वह गलगंड नामक रोग से पीड़ित था।
(d) उसके रुधिर में शर्करा स्तर अधिक था।
उत्तर - (d)
30. पुरुषों में जनन क्षमता वृद्धि करने वाला हॉर्मोन कौन-सा है?
(a) एस्ट्रोजन
(b) टेस्टोस्टेरॉन
(c) इंसुलिन
(d) वृद्धि-हॉर्मोन
उत्तर - (b)
31. निम्नलिखित में से कौन-सी अंतःस्रावी ग्रंथि अयुग्मित होती है?
(a) ऐड्रीनल
(b) वृषण
(c) पिट्यूटरी
(d) अंडाशय
उत्तर - (c)
32. दो न्यूरॉनों के बीच के संगम स्थल को क्या कहते हैं?
(a) कोशिका जंक्शन
(b) तंत्रिकापेशीय जंक्शन
(c) तंत्रिक जोड़
(d) सिनेप्स
उत्तर - (d)
33. मानवों में, जैव प्रक्रियाओं का नियंत्रण और नियमन होता है-
(a) जनन और अंतःस्रावी तंत्रों से
(b) श्वसन और तंत्रिका तंत्रों से
(c) अंत: स्रावी और पाचन तंत्रों से
(d) तंत्रिका और अंत: स्रावी तंत्रों से
उत्तर - (d)
1. (a) ग्राही, हमारी ज्ञानेन्द्रियों में स्थित एक खास कोशिकाएँ होती हैं जो वातावरण से सभी सूचनाएँ ढूँढ़ निकालती है । और उन्हें केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (मेरूरज्जु तथा मस्तिष्क) में पहुँचाती है।
- अग्र मस्तिष्क में विभिन्न ग्राही संवेदी आवेग (सूचनाएँ) प्राप्त करने के लिए क्षेत्र होते हैं।
- ग्राहियों का कार्य पर्यावरण में होनेवाले परिवर्तनों की सूचना ग्रहण करना तथा उन सूचनाओं को विश्लेषण हेतु तथा प्रतिक्रिया हेतु मस्तिष्क को भेजना है।
- यदि ग्राही उचित प्रकार से कार्य न करें तो हमारा शरीर ( उद्दीपन के प्रति) अनुक्रिया नहीं कर पाएगा ।
2. (c) तंत्रिका तंत्र का सबसे ऊपरी हिस्सा साइटॉन कहलाता है जबकि इस Cyton से गुच्छे के समान एक रचना निकलती है जिसे Dendroytes कहते हैं ।
- Cyton के नीचे लंबी-पतली रेशा के समान रचना होती है, जिसे Axon (एक्सॉन) कहते हैं |
- कोशिकाकाय (cell body) को सोम भी कहते हैं ।
- डेंड्राइट्स जो न्यूरॉन तक जानकारी ले जाते हैं, और एक्सॉन जो अन्य न्यूरॉन्स को जानकारी देते हैं, सेल बॉडी से जुड़े होते ।
3. (d) किसी तंत्रिका तंत्र में सिनैप्स कहलाता है- Cyton तथा Dendroytes के जुड़े भाग ।
- Axon शरीर के विभिन्न भागों से सूचनाएँ Cyton तक पहुँचाता है ।
- सिनैप्स को युग्मानुबंध भी कहते हैं |
- प्रतिवर्ती क्रियाओं का नियंत्रण spinal cord द्वारा होता है ।
- तंत्रिका तंत्र का सबसे ऊपरी हिस्सा cyton कहलाता है ।
4. (b) सिनैप्स पर रसायनिक संकेत का संप्रेक्षण एक न्यूरॉन के एक्सॉन छोर से दूसरे न्यूरॉन के डेन्ड्राइट छोर तक होता है ।
- Cell body (कोशिकाकाय) में साइटोप्लाज्म, सेल ऑर्गेनेल, न्यूक्लियस और निस्सल गैन्यूल इत्यादि पाए जाते हैं ।
- सिनैप्स सर्किट का हिस्सा है जो संवेदी अंगों को जोड़ता है, जैसे कि वे जो दर्द या स्पर्श का पता लगाते हैं, परिधिय तंत्रिका तंत्र में मस्तिष्क को ।
- सिनैप्स मस्तिष्क में न्यूरॉन्स को शरीर के बाकी हिस्सों में और उन न्यूरॉन्स से मांपेशियों को जोड़ते हैं ।
5. (d) ग्राही अंग - हमारी ज्ञानेन्द्रियों में स्थित एक खास कोशिकाएँ होती हैं, जो वातावरण से सभी सूचनाएँ ढूँढ़ कर निकालती है, ग्राही अंग कहलाता है ।
- शरीर के विभिन्न संवेदी अंगों से प्राप्त संवेदी तंत्रिका आवेगों या उत्तेजनाओं को केन्द्रीय तंत्रिका अंगों तक ले जानेवाली तंत्रिका कोशिकाएँ संवेदी तंत्रिका कोशिकाएँ (संवेदी न्यूरॉन) कहलाती है।
- वैसी तंत्रिका जो मेरुरज्जु या मस्तिष्क से प्राप्त निर्देश को संबंधित अंगों की कोशिकाओं या ग्रंथियों तक पहुँचाता है, प्रेरक तंत्रिका कहलाता है ।
- पेशी/कंकाल पेशी प्राणियों का आंकुचित होने वाला ऊतक (tissue) है।
- रीढ़ की हड्डी (spinal cord) नसों का ऐसा समूह होती है, जो दिमाग का संदेश शरीर के अन्य अंगों खासकर हाथों और पैरों तक पहुँचाती है।
6. (c) प्रतिवर्ती क्रियाओं के आगम संकेतों का पता लगाने और निर्गम क्रियाओं के करने के लिए संवेदी तंत्रिका कोशिका और प्रेरित तंत्रिका कोशिका मेरुरज्जु के साथ मिलकर एक पथ का निर्माण करती है जिसे प्रतिवर्ती चाप कहते हैं ।
- प्रतिवर्ती क्रिया किसी उद्दीपन के प्रति जंतुओं के इच्छा रहित होने वाली त्वरित अचानक स्वतः व अनैच्छिक क्रिया है जबकि प्रतिवर्ती चाप, प्रतिवर्ती क्रिया के समय उत्पन्न तंत्रिका आवेग का ग्राही अंग से प्रभावक स्थल तक पहुँचाने का मार्ग ।
7. (c) मस्तिष्क मानव शरीर का केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण अंग है ।
- मानव मस्तिष्क का सोचने वाला प्रमुख भाग अग्र मस्तिष्क (सेरीब्रम) है।
- सुनने, सूँघने, स्मरण-शक्ति, देखने आदि का केंद्र अग्र-मस्तिष्क में स्थित होते हैं ।
- लार - श्रवण, स्वाद, वमन, रूधिर दाब जैसी अनैच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण पश्च मस्तिष्क में स्थित मेडुला से होता है ।
- अनुमस्तिष्क (सेरीबेलम द्वारा) ऐच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण होता है।
8. (b) मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग प्रमस्तिष्क (सेरीब्रम) है जो कि संपूर्ण मस्तिक का लगभग दो-तिहाई हिस्सा होता है ।
- मेडुला ऑब्लांगेटा एक बेलनाकार रचना होती है जो पीछे की ओर स्पाइनल कॉर्ड या मेरुरज्जु के रूप में पाया जाता है।
- पोंस द्वारा श्वसन क्रिया का नियंत्रण किया जाता है ।
- अनुमस्तिष्क (Cerebellum) को मेटेनसिफेलॉन भी कहते हैं।
9. (b) स्पाइनल कॉर्ड/मेरुरज्जु मस्तिष्क के पिछले सिरे से शुरू होकर रीढ़ की हड्डियों में न्यूरल कैनाल के अन्दर से होता हुआ नीचे की ओर रीढ़ के अन्त तक फैला होता है। ।
- मेरुरज्जु मेडुला से निकलती है ।
- मेडूला द्वारा आवेगों का चालन मस्तिष्क और मेरुरज्जु के बीच होता है।
- सेरीब्रम (प्र-मस्तिष्क) बुद्धि और चतुराई का केन्द्र कहलाता है।
- अनुमस्तिष्क का मुख्य कार्य शरीर का संतुलन बनाए रखना है।
- अनुमस्तिष्क (सेरीबेलम) आन्तरिक कान से संतुलन भाग से संवेदननाएँ ग्रहण करता है।
10. (d) गुरुत्वानुवर्तन (geotropism) किसी जीव की ऐसी वृद्धि होती है जो गुरुत्वाकर्षण बल के उद्दीपन से प्रभावित हो ।
- पौधों की जड़े जलानुवर्तन प्रदर्शित करती हैं अर्थात् वे पानी की ओर वृद्धि करती है ।
- वैसी गति जो प्रकाश उद्दीपन के प्रभाव में प्रकाश की ओर अथवा उसके विपरीत होती है उसे प्रकाशानुवर्तन कहते हैं ।
- किसी विशेष रासायनिक पदार्थ की ओर मुड़ना रसायन अनुवर्तन या रसोनुवर्तन कहलाता है ।
11. (c) एब्सिसिक एसिड एक वृद्धिरोधी हॉर्मोन है।
- वाष्पोत्सर्जन क्रिया का नियंत्रण स्टोमाटा को बंद करके एब्सिसिक एसिड द्वारा होता है ।
- एब्सिसिक एसिड पत्तियों के झरने की क्रिया का नियंत्रण करता है जबकि
- पौधों में फूल तथा फल के गिरने की क्रिया को भी नियंत्रित करता है ।
12. (d) औक्जिन जड़ के वृद्धि का नियंत्रण करता है जबकि बीजरहित फल के उत्पादन में सहायक होता है ।
- ऑक्जिन का खोज सर्वप्रथम चार्ल्स डार्विन ने किया था । (केनरी घास में ) ।
- जिबरेलिन हॉर्मोन तने के वृद्धि में सहायक होता है ।
- साइटोकाइनिन क्षारीय प्रकृति का होता है जो कि जड़ के शीर्ष भाग पर संश्लेषित होता है एवं जड़ के कोशिका विभाजन में भाग लेता है ।
- एब्सिसिक एसिड एक वृद्धिरोधी हॉर्मोन है ।
13. (b) एपिनेफ्रिन या एड्रीनलिन हॉर्मोन का स्राव एड्रीनल नामक ग्रंथि से होता है ।
- थायरॉक्सिन हॉर्मोन अवट्टू ग्रंथि से निकलता है ।
- थायरॉक्सिन हॉर्मोन को प्रेरित करने वाला TSH Harmone (Thyroid Stimulating Harmone) है ।
- इंसुलिन नामक हॉर्मोन का स्राव अग्न्याशय के β-cell से स्रावित होता है । इसके अधिकता से Hypoglycimia नामक रोग होता है ।
- ऑक्जिन Organic compound का एक समूह है जो पौधे के Cell devision तथा Cell-elongation में भाग लेता है।
- ऑक्जिन के मुख्य उदाहरण- IAA (Indol Acetic Acid), NAA (Naphthalene Acetic acid) इत्यादि है ।
14. (b) इंसुलिन का स्त्राव अग्न्याशय के लैंगरहैंस द्वीप द्वारा होता है ।
- यह हॉर्मोन ग्लूकोज से ग्लाइकोजन में परिवर्तन की दर को बढ़ा देता है ।
- यह ग्लाइकोजन यकृत में जाकर जमा हो जाता है।
- इंसुलिन की कमी से डायबिटीज (मधुमेह) रोग होता है जबकि
- इसकी अधिकता से Hypoglycima नामक रोग होता है ।
15. (a) एड्रिनेलिन को लड़ो उड़ो हॉर्मोन या उत्तेजना बढ़ाने वाला हॉर्मोन कहते हैं ।
- इस हॉर्मोन के स्राव से हृदय गति बढ़ जाती है ।
- पीयूष ग्रंथि को हाइपोफाइसिस सेरीब्राई भी कहते हैं ।
- हाइपोथैलमस को पीयूष ग्रंथि का मास्टर ग्रंथि कहते हैं ।
- टेस्टोस्टेरॉन एक प्रमुख एंड्रोजन है इसे पौरूष विकास हॉर्मोन भी कहते हैं ।
- एस्ट्रोजन का उत्पादन स्त्रियों में अंडाशय की ग्राफियन पुटिकाओं की थीका इन्टरना कोशिकाओं द्वारा होता है ।
- थाइरॉक्सिन थाइरॉयड ग्रंथि द्वारा स्रावित होने वाला हॉर्मोन है जो कि वृद्धि उत्प्रेरक के रूप में भी कार्य करता है।
17. (c) मटर के पौधों में प्रतान की वृद्धि प्रतान की उन कोशिकाओं में तीव्र विभाजन के कारण होता है जो अवलंब से दूर होती है।
18. (b) गुरुत्वानुवर्तन किसी जीव की ऐसी वृद्धि होती है जो गुरुत्वाकर्षण बल के उद्दीपन से प्रभावित हो ।
- पौधों की जड़े जलानुवर्तन प्रदर्शित करती है अर्थात् वे पानी की ओर वृद्धि करती है I
- वैसी गति जो प्रकाश उद्दीपन के प्रभाव में प्रकाश की ओर अथवा उसके विपरीत होता है उसे प्रकाशानुवर्तन कहते हैं ।
- किसी विशेष रासायनिक पदार्थ की ओर मुड़ना रसायन अनुवर्तन या रसोनुवर्तन कहलाता है।
19. (a) इस प्रश्न का व्याख्या प्रश्न सं० 18 का व्याख्या दोनों समान हैं ।
20. (c) ऑक्जिन का निर्माण तने के शीर्ष भाग पर होता है। जड़ में इसकी अधिकता से जुड़ की वृद्धि प्रभावित होती है ।
- जिबरेलिन के प्रयोग से बीजरहित फल का उत्पादन किया जाता है तथा बीज के अंकुरण में भी ये हॉर्मोन सहायक होते हैं ।
- एब्सिसिक एसिड पत्तियों के झरने, पौधों में फल तथा फूल के गिरने की क्रिया का भी नियंत्रित करता है ।
- साइटोकाइनिन उत्तकों एवं कोशिकाओं को विभाजित करने का है तथा बीजों के अंकुरण को भी प्रेरित करता है।
21. (b) डेंड्राइट छोर पर, विद्युत आवेगों के कारण, कुछ रसायनों का उत्सर्जन होता है जो दूसरे न्यूरॉन के डेंड्राइट में उसी प्रकार का विद्युत आवेग उत्पन्न कर देता है ।
- तांत्रिक तंत्र की इकाई न्यूरॉन कहलाती है ।
- तंत्रिका तंत्र की Cyton से गुच्छे के समान एक रचना निकलती है जिसे डेंड्राइट्स कहते हैं ।
- Cyton के नीचे लंबी-पतली रेशा के समान रचना होती हैं, जिसे एक्सॉन कहते हैं ।
- Axon शरीर के विभिन्न भागों से सूचनाएँ Cyton तक पहुँचाता है।
22. (c) मेडुला ऑब्लांगोटा पश्चमस्तिष्क का एक भाग है जिसमें अनैच्छिक क्रियाओं के नियंत्रण का केन्द्र स्थित होता है।
23. (d) लार की प्रकृति अम्लीय होती है जिसमें Tylin enzyme पाया जाता है जो स्टार्च (Starch) का मालटोज (Maltose) में बदल देता है ।
- Premolar (8) तथा Molar (12) दाँतों द्वारा भोजन को चबाने का कार्य किया जाता है ।
- हृदय से रक्त निकलना Systole तथा प्रवेश करना Diastole कहलाता ।
- रक्त परिसंचरण तंत्र की खोज विलियम हार्वे ने की थी ।
24. (b) जब किसी व्यक्ति को सर्दी-जुकाम हो जाता है तो वह इत्र और अगरबत्ती की गंध में विभेद नहीं कर पाता है ।
- राइनोवायरस रोगाणु सामान्य जुकाम के लिए उत्तरदायी सबसे प्रमुख कारक है, जबकि कोरोना वायरस भी जुकाम के लिए उत्तरदायी एक प्रमुख कारक है।
- जुकाम एक संक्रामक रोग है, जो छींक, वायु इत्यादि के माध्यम से फैलता है ।
25. (c) तंत्रिका कोशिका में विद्युत आवेग का प्रवाह इस प्रकार हैडेंड्राइट-कोशिका समस्त मानसिक क्रियाओं का नियंत्रण किया जाता है ।
- तंत्रिका तंत्र द्वारा समस्त मानसिक क्रियाओं का नियंत्रण किया जाता है ।
- तंत्रिका तंत्र जंतु को बाहरी वातावरण के अनुसार प्रतिक्रिया करने में मदद करता है ।
- तंत्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय का कार्य मुख्यतया मस्तिष्क तथा मेरुरज्जु के द्वारा किया जाता है ।
26. (a) थायरॉक्सिन शरीर में उपापचयी क्रियाओं का नियंत्रण करता है ।
- थायरॉक्सिन के कमी से बच्चों में जड़मानवता (Cretinism) तथा वयस्कों में मिक्सिडीमा (Myxodema) नामक रोग हो जाता है ।
- नेत्रात्सेंधी गलगंड (Exophathalmic Goiter) तथा प्लूमर का रोग थायरॉइड ग्रंथि के अतिस्त्रावरण से होता है ।
- TSH (Thyroid Stimulating Harmone) पीयूष ग्रंथि से स्रावित होता है
27. (b) वृद्धि हॉर्मोन की स्राव में कमी से बौनापन होता है ।
- सोमैटोट्रोपिन को वृद्धि हॉर्मोन कहते हैं ।
- इसकी अधिकता से भीमकायिता (Gigantism) जबकि कमी से बौनापन की समस्या उत्पन्न होती है ।
- यह एक प्राकृतिक रूप से उत्पादित हॉर्मोन है जिसे कायपोषी के नाम से जाना जाता है ।
28. (c) प्रमुख एस्ट्रोजन 'इस्ट्रैडिऑल' होता है, जिसे नारी - विकास हॉर्मोन कहते हैं ।
- टेस्टोस्टेरॉन पुरुषोचित लैंगिक लक्षणों के परिवर्धन एवं यौन आचरण को प्रेरित करता है ।
- एड्रिनेलिन संकटकाल एवं विशेष परिस्थितियों में उचित निर्णय लेने में सहयोग प्रदान करता है ।
- सोमैटोट्रॉपिन को वृद्धि हॉर्मोन के नाम से भी जाना जाता है।
29. (d) चूँकि इंसुलिन रक्त में बढ़े हुए ग्लूकोज (शर्करा) को ग्लाइकोजन में परिवर्तित कर देता है, यह ग्लाइकोजन यकृत में जाकर जमा हो जाता है । अर्थात्
- इंसुलिन को रक्त में ग्लूकोज की मात्रा का नियंत्रण करने वाला हॉर्मोन भी कहा जाता है ।
- इंसुलिन का स्राव अग्न्याशय के β-कोशिका द्वारा होता है ।
- इसकी अधिकता से Hypoglycimia नमक रोग होता है ।
30. (b) पुरुषों में जनन क्षमता वृद्धि करवेवाला हॉर्मोन टेस्टोस्टेरॉन है, जो कि वृषण की लेडिग कोशिकाओं द्वारा स्रावित होती है ।
- एस्ट्रोजेंस का स्रावण पीयूष ग्रंथि के पुटिका प्रेरक हॉर्मोन (FSH) तथा लूटीनाइजिंग हॉर्मोन (LH) के नियंत्रण में होता है।
- इंसुलिन को स्राव β-कोशिका द्वारा होता है ।
- सोमैटोट्रोपिन को वृद्धि हॉर्मोन के नाम से जाना जाता है जिसकी अधिकता से भीमकायिता तथा कमी से बौनापन होता है।
31. (c) एड्रीनल ग्रंथि से एड्रीनेलिन / एपिनेफ्रिन नामक हॉर्मोन का स्राव होता है।
- वृषण से टेस्टोस्टेरॉन नामक हॉर्मोन का स्राव होता है ।
- पीट्यूटरी/पियूष ग्रंथ को मास्टर ग्रंथि भी कहते हैं ।
- अंडाशय द्वारा एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरॉन तथा रिलैक्सिन नामक हार्मोन का स्राव होता है ।
32. (d) दो न्यूरॉनों के बीच के संगम स्थल को सिनैप्स कहते हैं ।
- कोशिका जंक्शन सेलुलर संरचनाओं का एक वर्ग है जिसमें मल्टी- प्रोटीन कॉम्पलेक्स होते हैं जो पड़ोसी कोशिकाओं के बीच या एक सेल और जानवरों में बह्य मैट्रिक्स के बीच संपर्क या आसंजन प्रदान करते हैं ।
- तंत्रिका पेशीय जंक्शन एक रासायनिक अन्तर्ग्रथन मांसपेशी फाइबर के मोटर endplate और मोटर न्यूरॉन अक्षातंतु टर्मिनल के बीच कनेक्शन द्वारा गठित है ।
33. (d) मानवों में, जैव प्रक्रियाओं का नियंत्रण एवं नियमण तंत्रिका और अंतःस्रावी तंत्रों से होता है ।
- अंत: स्रावितंत्र नलिकाविहीन (Ductless) होते हैं ।
- श्वसनतंत्र के अंतर्गत वे सभी अंग आते हैं जिनसे होकर वायु का आदान-प्रदान होता है ।
- तंत्रिका तंत्र संवेदी अंगों, तंत्रिकाओं, मस्तिष्क, मेरुरज्जु एवं तंत्रिका कोशिकाओं का बना होता है ।
- भोजन करने, पचाने, पचे हुए पदार्थों का अवशोषण करके इन्हें रूधिर में पहुँचाने तथा शेष निरर्थक पदार्थ का मल के रूप में परित्याग करने में शामिल सभी अंग पाचन तंत्र के भाग है ।
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