General Competition | Indian Polity | संविधान सभा
कैबिनेट मिशन योजना के सिफारिश पर भारत के लिए संविधान के निर्माण हेत्तू संविधान सभा का गठन किया गया । कैबिनेट मिशन योजना का भारत में आगमन 24 मार्च 1946 को हुआ । इस आयोग में कुल तीन सदस्य थें जो निम्न हैं-

General Competition | Indian Polity | संविधान सभा
- कैबिनेट मिशन योजना के सिफारिश पर भारत के लिए संविधान के निर्माण हेत्तू संविधान सभा का गठन किया गया । कैबिनेट मिशन योजना का भारत में आगमन 24 मार्च 1946 को हुआ । इस आयोग में कुल तीन सदस्य थें जो निम्न हैं-
- पेंथिक लॉरेंस ने कैबिनेट मिशन योजना की अध्यक्षता की। कैबिनेट मिशन योजना ने अपनी सिफारिश मई 1946 ई. में प्रस्तुत की । इस सिफारिस में कैबिनेट मिशन योजना ने यह कहा कि भारत के संविधान निर्माण हेतू संविधान सभा का गठन किया जायेगा । संविधान सभा में प्रत्येक 10 लाख की आबादी पर 1 सदस्य को शामिल किया जायेगा।
- कैबिनेट मिशन ने संविधान सभा में कुल 389 सदस्य निर्धारित किए जिसमें से 296 सदस्य ब्रिटिश प्रांत से आने थे तो वही 93 सदस्य देशी रियासत से आने थें। आजादी के बाद संविधान सभा का पूर्णगठन हुआ और संविधान सभा में सदस्यों की संख्या घटकर 299 हो गया। जिसमें 229 सदस्य ब्रिटिश प्रांत से शामिल होने थें तो वही 70 सदस्य देशी रियासत से शामिल होने थें । संविधान सभा के अंतिम बैठक में मात्र 284 सदस्य मौजूद थें ।
- संविधान सभा के सदस्य आंशिक रूप से निर्वाचित हुए थें तथा आंशिक रूप से मनोनित थें ।
- संविधान सभा के लिए जो चुनाव जुलाई-अगस्त 1946 में हुआ उसमें आम जनता ने भाग नहीं लिया था बल्कि, विधानसभा के निर्वाचित सदस्य भाग लिए थें ।
- 296 सीट के लिए जो चुनाव हुए उसमें 208 सीट कांग्रेस, 73 सीट मुस्लिम लीग तथा 15 सीट अन्य छोटी-छोटी पाटियों को प्राप्त हुआ ।
- संविधान सभा की स्थापना या प्रथम बैठक 9 दिसम्बर 1946 को दिल्ली में हुआ। इस बैठक में कुल 211 सदस्य मौजूद थें जिसमें सबसे वरिष्ट डॉ० सच्चीदानंद सिन्हा थे जिन्हें संविधान सभा का अस्थायी अध्यक्ष बनाया गया।
स्थायी अध्यक्ष:- राजेन्द्र प्रसादउपाध्यक्षः- H.C मुखर्जी और V.T कृष्णामाचारीसचीवः- H.B. R आयंगरसंवैधानिक सलाहाकार:- B.N रावप्रतीक चिन्ह:- हाथी
- संविधान सभा के समक्ष 13 दिसम्बर 1946 को पंडित जवाहर लाल नेहरू ने उदेश्य प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को संविधान सभा ने 22 जनवरी 1947 को स्वीकार किया । यही उदेश्य प्रस्ताव बाद में जाकर भारतीय संविधान का प्रस्तावना बना ।
- भारतीय संविधान को बनने में 2 वर्ष 11 माह और 18 दिन का समय लगा ।
- भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हो गया और इस तिथि को हमारे संविधान का कुछ प्रावधान जैसे- अनुच्छेद 5, 6, 7, 8, 9, 60, 324 इत्यादि लागू हुए अर्थात हम यह कह सकते हैं कि संविधान आंशिक रूप से लागू 26 नवंबर 1949 को ही हो गया ।
- भारत का संविधान पूर्ण से लागू 26 जनवरी 1950 को हुआ क्योकिं भारत ने 26 जनवरी 1930 को अपना पहला स्वधीनता या स्वतंत्रता दिवस मनाया था ।
- 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है ।
प्रारूप कमिटी के सात सदस्य निम्न है-
- डॉ० भीमराव अम्बेडकर
- कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी
- अल्लादी कृष्णा स्वामी अय्यर
- एन. माधव राव (बी. एल. मित्र के स्थान पर)
- एन. गोपाल स्वामी आयंगर
- मोहम्मद सादुल्ला
- डी. पी. खेतान ( इनकी मृत्यू के बाद टी. टी. कृष्णामाचारी सदस्य बनें।
- संविधान निर्माण के दौरान संविधान के सदस्यों ने 60 देशों के संविधान को पढ़ा। संविधान बनाने में लगभग 64 लाख (63,96,729) खर्च हुआ।
- संविधान के मूल प्रति को सुरक्षित हिलीयम गैस में रखा गया है।
- संविधान सभा के सदस्यों ने अपनी सातवीं बैठक में महात्मा गाँधी जी को श्रद्धांजलि अर्पित किया ।
- संविधान सभा की कुल 11 बैठक हुई। (कुछ अन्य स्त्रोतों में 12 है ।)
- संविधान के उपर कुल 3 वाचन हुए हैं जिसमें प्रथम वाचन 4 नवंबर 1948 से 9 नवंबर 1948 के बीच, द्वितीय वाचन 15 नवंबर 1948 से 17 अक्टूबर 1949 तथा तृतीय वाचन 14 नवंबर 1949 से 26 नवंबर 1949 |
- संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुआ है। इस बैठक में निम्न निर्णय गयें हैं-
- संविधान सभा के सदस्यों ने सर्वसम्मति के आधार पर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को भारत का प्रथम राष्ट्रपति मनोनित किया । राजेन्द्र प्रसाद 1950-52 तक मनोनित राष्ट्रपति रहें। पहली बार राष्ट्रपति का चुनाव 1950 ई. में हुआ। राजेन्द्र प्रसाद 1952 ई. में पहली बार निर्वाचित राष्ट्रपति हुए ।
- संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को भारत का राष्ट्रगान के रूप में जन-गन-मन को स्वीकार किया। जन-मन-मन के रचयिता रविंद्र नाथ टैगोर है। राष्ट्रगान में कुल पाँच पद है। इसे गाने में 52 सेकेण्ड का समय लगता है वहीं संक्षिप्त रूप से गाने में 20 सेकेण्ड का समय लगता है । संसद की कार्यवाही की शुरूआत दिन के 11 बजे से राष्ट्रगान जन-गन-मन से ही होता है । जन-गन-मन हिन्दी भाषा के भारत-भाग्य विधाता शीर्षक से प्रकाशित हुआ है । राष्ट्रगान पहली बार कांग्रेस ने 1911 के कलकत्ता अधिवेशन में गाया था। इस अधिवेशन की अध्यक्षता पंडित विशन नारायणं धर ने किया था ।
- संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को भारत के राष्ट्रगीत के रूप में वन्दें मातरम् को स्वीकार किया । इस गीत के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी हैं। यह गीत आनंदमंठ नामक ग्रंथ से लिया गया है । राष्ट्रगीत को गाने में 65 सेकेण्ड का समय लगता है । यह गीत पहली बार कांग्रेस के 1896 के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया था। इस अधिवेशन की अध्यक्षता रहीम तुल्ला स्यानी ने की थी ।
- संविधान सभा में निर्णय आपसी सहमति और समायोजन के आधार पर लिया गया था ।
- भारत में राजकीय चिन्ह के रूप में सारनाथ स्थित अशोक स्तंभ को 26 जनवरी 1950 को स्वीकार किया गया था ।
- 1947 से 1950 के दौरान भारत में शासन-प्रशासन संविधान सभा ने भारत शासन अधिनियम 1935 के तहत चलाया ।
- संसद की कार्यवाही की समाप्ति राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् से होता है ।
- भारत के लिए संविधान की माँग सर्वप्रथम 1895 ई. में बाल गंगाधर तिलक ने किया था ।
- 1922 ई. में महात्मा गाँधी ने इच्छा जाहिर किया कि भारतीय अपने संविधान का निर्माण अपने इच्छानुसार करेगें ।
- 1938 ई. में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इच्छा जाहिर किया कि भारतीय अपने संविधान का निर्माण वयस्क मताधिकार के आधार पर किया जायेगा ।
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