NCERT EXAMPLAR SOLUTION | CLASS 9TH | SCIENCE (विज्ञान) | Matter in Our Surroundings हमारे आस-पास के पदार्थ

Matter in Our Surroundings हमारे आस-पास के पदार्थ

NCERT EXAMPLAR SOLUTION | CLASS 9TH | SCIENCE (विज्ञान) | Matter in Our Surroundings  हमारे आस-पास के पदार्थ

NCERT EXAMPLAR SOLUTION | CLASS 9TH | SCIENCE (विज्ञान) | Matter in Our Surroundings  हमारे आस-पास के पदार्थ

1. निम्नलिखित परिघटनाओं का कौन-सा समुच्चय ताप बढ़ाने पर बढ़ेगा-
(a) विसरण, वाष्पन, गैसों का संपीडन
(b) वाष्पन, गैसों का संपीडन, विलेयता
(c) वाष्पन, विसरण, गैसों का प्रसार
(d) वाष्पन, विलेयता, विसरण, गैसों का संपीडन
उत्तर - (c)
2. सीमा ने एक प्राकृतिक गैस संपीडन इकाई का निरीक्षण किया तथा पाया कि ताप एवं दाब की विशिष्ट परिस्थितियों में गैस को द्रवित किया जा सकता है। अपने अनुभव को मित्रों के साथ बाँटते हुए वह भ्रमित हो गई। द्रवण के लिए परिस्थितियों के सही समुच्चय को पहचानने में उसकी मदद कीजिए 
(a) निम्न ताप, निम्न दाब
(b) उच्च ताप, निम्न दाब
(c) निम्न ताप, उच्च दाब
(d) उच्च ताप, उच्च दाब
उत्तर - (c)
3. तरल में प्रवाह का अद्वितीय गुण होता है। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(a) केवल गैसें तरल के समान व्यवहार करती है
(b) गैस तथा ठोस तरल के समान व्यवहार करते है
(c) गैस तथा द्रव तरल के समान व्यवहार करते है 
(d) केवल द्रव तरल के समान व्यवहार करते है
उत्तर - (c)
4. ग्रीष्मकाल में जल को मिट्टी के बर्तन में रखने पर किस परिघटना के कारण वह ठंडा हो जाता है?
(a) विसरण
(b) वाष्पोत्सर्जन 
(c) परासरण
(d) वाष्पन
उत्तर - (d)
5. कुछ पदार्थों को उनके कणों के मध्य आकर्षण बलों के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा सही व्यवस्था को निरूपित करता है?
(a) जल, वायु, पवन 
(b) वायु, शर्करा, तेल 
(c) ऑक्सीजन, जल, शर्करा
(d) नमक, रस, वायु 
उत्तर - (c)
6. 25°C, 38°C तथा 66°C को केल्विन मापक्रम में परिवर्तित करने पर इन तापमानों का सही अनुक्रम होगा-
(a) 298K, 311K तथा 339K
(b) 298K, 300K तथा 338 K
(c) 298K, 278K तथा 543K
(d) 298K, 310K तथा 338K
उत्तर - (a)
7. निम्नलिखित में से सही कथन का चयन कीजिए-
(a) ठोस का द्रव अवस्था से गुजरे बिना वाष्प में रूपांतरण वाष्पन कहलाता है।
(b) ठोस का द्रव अवस्था से गुजरे बिना गैस में रूपांतरण ऊर्ध्वपातन कहलाता है।
(c) वाष्प का द्रव अवस्था से गुजरे बिना ठोस में रूपांतरण हिमीकरण कहलाता है।
(d) ठोस का द्रव में रूपांतरण ऊर्ध्वपातन कहलाता है। 
उत्तर - (b)
8. डाइएथिल ईथर, एसीटोन तथा n ब्यूटिल अल्कोहल के क्वथनांक क्रमश: 35°C, 56°C तथा 118°C है। निम्नलिखित में से कौन-से क्वथनांकों का केल्विन मापक्रम में सही निरूपण है?
(a) 306K, 329K, 391K
(b) 308K, 329K, 392K
(c) 308K, 329K, 391K
(d) 329K, 392K, 308K
उत्तर - (c)
9. निम्नलिखित में से कौन-सी परिस्थिति जल के वाष्पन में वृद्धि करेगी?
(a) जल के तापमान में वृद्धि
(b) जल के तापमान में कमी 
(c) जल का कम खुला पृष्ठीय क्षेत्रफल
(d) जल में नमक मिलाना
उत्तर - (a)
10. निम्नलिखित में से किन परिस्थितियों में हाइड्रोजन गैस के अणुओं के मध्य दूरी बढ़ेगी?
(i) बंद पात्र में भरी हाइड्रोजन गैस पर दाब बढ़ाकर
(ii) कुछ हाइड्रोजन गैस का पात्र से रिसाव होने पर
(iii) हाइड्रोजन गैस के पात्र का आयतन बढ़ाकर
(iv) पात्र का आयतन बढ़ाये बिना पात्र में अधिक हाइड्रोजन गैस मिलाने पर
(a) (i) तथा (iii)
(b) (i) तथा (iv)
(c) (ii) तथा (iii)
(d) (ii) तथा (iv)
उत्तर - (c)

ANSWERS

DISCUSSION
1. (c) ताप बढ़ने पर बढ़ेगा
(i) वाष्पन (ii) विसरण (iii) गैसों का प्रसार
  • वाष्पन (Evaporation) : किसी द्रव के सतह कणों का गैस में बदलने की वह क्रिया है जिसमें द्रव की सतह के ठीक ऊपर स्थित गैस संतृप्त न हो।
  • द्रव के प्रत्येक ताप पर बाहरी ऊष्मा लिए भिन्न निरंतर धीरे-धीरे वाष्प में परिवर्तित होने की घटना को वाष्पीकरण कहते है।
  • वाष्पीकरण के फलस्वरूप द्रव का ताप घटता है और ताप वृद्धि के साथ वाष्पन की दर बढ़ जाती है।
  • दो या दो से अधिक पदार्थों का स्वतः एक-दूसरे से मिलकर समांग मिश्रण बनाने की क्रिया को विसरण (डिफ्यूजन) कहते है।
  • ग्राहम के गैस विसरण के नियम के अनुसार, समान दाब और समान ताप पर विसरण की गति गैसों की आपेक्षिक घनत्व के वर्गमूल का व्युत्क्रमानुपाती होती है।
  • V ∝ 1/√d
  • विसरण मुख्यतः गैसों और द्रवों में होता है, ठोस में नहीं।
  • जब किसी गैस को ऊष्मा दी जाती है तो ऊष्मा ग्रहण करके गैस का आयतन बढ़ जाता है, ऊष्मा के कारण गैस के आयतन में विस्तार को गैस का ऊष्मीय प्रसार कहते है। 
2. (c) गैसों के द्रवण के लिए परिस्थितियाँ : निम्न ताप, उच्च दाब की आवश्यकता होती है।
  • बहुत सी गैसों को वायुमंडलीय दाब पर केवल ठंडा करके द्रवण किया जा सकता है लेकिन कुछ गैसों जैसे CO, को द्रवण करने के लिए निम्न ताप के साथ-साथ उच्च दाब की आवश्यकता होती है।
  • गैसों को विभिन्न विधियों द्वारा द्रवण किया जाता है जैसे
    (i) कैसकेड विधि
    (ii) रिजेनरेटिव जूल टॉमसन विधि
    (iii) रूद्धोष्म प्रसरण विधि
    (iv) रूद्धोष्म विचुंबकन विधि
  • तरल पदार्थ वह पदार्थ है जो निरंतर रूप से लागू अपरूपण प्रतिबल या बाहरी बल के तहत विरूपित (प्रवाहित ) होता है।
  • गैस अवस्था में पदार्थ का न तो निश्चित आकार होता है न नियत आयतन | ये जिस बर्त्तन में रखे जाते है उसी का आकार और पूरा आयतन ग्रहण कर लेते है।
  • गैसों में द्रव्यमान होता है।
  • इनके अणु द्रवों और ठोस पदार्थों की तुलना में एक-दूसरे से दूर-दूर होते है।
  • द्रव और गैसों को दाब बढ़ाकर संपीडित किया जाता है। 
  • गैस के कणों की औसत गतिज ऊर्जा केवल उस निकाय के तापमान पर निर्भर करती है।
3. (c) गैस तथा द्रव तरल के समान व्यवहार करते है, क्योंकि इनमें बहाव (प्रवाह) की प्रवृत्ति पाई जाती है।
  • वैज्ञानिक दृष्टि से प्लाज्मा भी तरल पदार्थों की श्रेणी में शामिल है। 
  • भौतिक का वह शाखा जिसमें तरल का अध्ययन होता है उसे तरल यांत्रिकी कहते है।
  • पारा एक मात्र तरल धातु है ।
  • पारा का उपयोग थर्मामीटर में किया जाता है, (ताप मापन हेतु) ।
  • दूध एक तरल है, यह एक पायस है जो तरल और तरल का मिश्रण होता है।
  • प्रत्येक पदार्थ के लिए ऐसा क्रांतिक ताप पाया जाता है, जिससे अधिक होने पर पदार्थ केवल तरल अवस्था में रह सकता है।
4. (d) ग्रीष्मकाल में जल को मिट्टी के बर्त्तन में रखने पर वाष्पन की परिघटना के कारण वह ठंडा हो जाता है।
  • मिट्टी के घड़ें में बहुत ही सूक्ष्म छिद्र पाये जाते है जिससे जल का निरंतर वाष्पन होने के कारण जल ठंडा हो जाता है।
  • धातु या प्लास्टिक के पात्र में कोई भी सूक्ष्म छिद्र नहीं पाये जाते जिसके कारण जल का वाष्पन नहीं हो पाता अतः जल ऊष्ण हो जाता है।
  • थर्मोस्टेट बोतल में कलई किया होता है जिससे अंदर का ताप बाहर के ताप से कोई प्रभाव नहीं पड़ता है जिसके कारण इस प्रकार के बोतलों में गर्म पानी गर्म तथा ठंडा पानी ठंडा रहता है।
  • विसरण : गैस > द्रव > ठोस क्रम अनुसार होते है।
  • वाष्पोत्सर्जन : पौधों द्वारा अनावश्यक जल को वाष्प के रूप में शरीर से बाहर निकालने की क्रिया को वाष्पोत्सर्जन कहा जाता है।
  • वाष्पोत्सर्जन तीन प्रकार के होते है
    (i) रंध्रीय वाष्पोत्सर्जन
    (ii) उपत्वचीय वाष्पोत्सर्जन
    (iii) वातरंध्रीय वाष्पोत्सर्जन
5. (c) पदार्थों के कणों के मध्य आकर्षण बलों के बढ़ते क्रम इस प्रकार है-
गैस < द्रव < ठोस
ऑक्सीजन (गैस) < जल (द्रव) < शर्करा (ठोस) 
विभिन्न कर्णी (परमाणु, अणु या आयन) के बीच लगने वाले बलों (आकर्षण या प्रतिकर्षण) को अंतराअणुक बल/अंतराकर्षण बल (Inter-molecular force) कहते है।
एक ही के परमाणुओं के बीच लगने वाले बल को अणु अन्त:अणुक बल (Intra-molecular force) कहते है।
अंतरा आण्विक बल साधारणतः तीन प्रकार के होते है-
(i) परिक्षेपण बल अथवा लंडन वल
(ii) द्विध्रुव-द्विध्रुव आकर्षण बल
(iii) हाइड्रोजन आबंध
पदार्थ के कणों की विशेषताएँ
(i) पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होता है।
(ii) पदार्थ के कण निरंतर गतिशील होते है।
(iii) तापमान बढ़ने से पदार्थ के कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
(iv) पदार्थ के कण अपने आप अंतः मिश्रित जाते है।
पदार्थ की मात्रा कभी-कभी रासायनिक मात्रा या गलत रूप में मोल की संख्या भी कहा जाता है।
पदार्थ की वह मात्रा, जिसमें बराबर संख्या मौलिक अस्तित्व कण हो, जितने की कार्बन 12 के 12g में होते है।
वह संख्या है एवोगाद्रो संख्या, जिसे "NA" से सूचित करते है।
NA का मान 6.02214179 × 1023 mol-1 होता है।
लेकिन संक्षिप्त रूप में NA = 6.022 × 1023 mol-1 होता है।
6. (a)
- 40° पर सेल्सियस और फॉरेनहाइट पैमाना समान होता है।
केल्विन 'K' को S.I मात्रक के रूप में उपयोग करते है।
जबकि "°C" को C.G.S मात्रक के रूप में उपयोग करते है।
जल का त्रिक बिंदु 273.16 K और 0.01°C होता है।
परम शून्य ⇒ 0K/- 273.15° C /–459.67° F
जल का त्रिक बिंदु ⇒ 273.16K/0.01°C/32.018°F
जल का क्वथनांक ⇒ 373.1339K/99.9839° C / 211.9710° F
7. (b) उर्ध्वपातन (Sublimation) के उदाहरण (Trick से)-

जब किसी ठोस को गर्म करते है तो वह बिना द्रव में बदले गैसीय अवस्था में परिणत हो जाता है उसे उर्ध्वपातन कहते है।

निक्षेपण (Deposition या Desublimation) : एक ऊष्मागतिक प्रक्रिया है जिसमें कोई गैस, सीधे ठोस बन जाती है।
अत्यधिक गर्म कांच का धीरे-धीरे ठंडा होना एनीलिंग (Annealing) कहलाता है।
8. (c) केल्विन मापक्रम में,
35° C = 35 + 273 = 308 K 
56° C = 56 + 273 = 329K
118° C = 118 + 273 = 391K
S.I गुणांक : केल्विन
उप गुणांक

9. (a) जल के वाष्पन में वृद्धि तापमान के वृद्धि करके किया जा सकता है।
जल के ताप में कमी करने पर वाप्पन की गति में कमी होगी।
जल का पृष्ठीय क्षेत्रफल जितना ज्यादा खुला होगा उतना अधिक वाष्पन में वृद्धि होगा।
जल में नमक मिलाने पर जल का गलनांक घटेगा जबकि जल का क्वथनांक बढ़ेगा।
जल एक ऐसा पदार्थ है जो तीनों अवस्था ठोस, द्रव और गैस में पाया जाता।
जल का त्रिक बिंदु 273.16K/0.01°C/32.018°F होता है।
आसुत जल विद्युत का कुचालक होता है।
10. (c) H2 गैस के अणुओं के मध्य दूरी बढ़ेगी, जब पात्र रिसाव होने लगे या गैस के पात्र का आयतन बढ़े।
गैसों में अंतराण्विक बल नगण्य पाया जाता है, जिसके कारण गैसों का आयतन और आकार दोनों अनिश्चित होता है।
गैसों को जिस बर्त्तन में रखा जाता है वह उसी बर्त्तन के आकार और आयतन का हो जाता है।
गैसों के अणुओं के मध्य दूरी होने के कारण ही इसे दाब बढ़ाकर संपीड़ित किया जा सकता है।
गैसों में द्रव्यमान पाया जाता है।
गैसों को निम्न ताप तथा उच्च दाब के द्वारा उसे तरल में बदलकर किसी बन्द और मजबूत बर्त्तन/सिलेंडर में भरा जा सकता है।
L.P.G सिलेंडरों में इसी प्रकार से गैसों को भरकर उपयोग किया जाता है।
L.P.G गैसों के रिसाव का पता लगाने हेतु इसमें सल्फर गैस के यौगिक मिथाइल मरकेप्टॉन को मिलाया जाता है, जो कि रंगहीन द्रवित पदार्थ होता है।
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