NCERT EXAMPLAR SOLUTION | CLASS 9TH | SCIENCE (विज्ञान) | Gravitation गुरुत्वाकर्षण

Gravitation गुरुत्वाकर्षण

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NCERT EXAMPLAR SOLUTION | CLASS 9TH | SCIENCE (विज्ञान) | Gravitation गुरुत्वाकर्षण

1. चंद्रमा के पृष्ठ के निकट मुक्त रूप से गिरते विभिन्न द्रव्यमानों के से दो पिंडों-
(a) के वेग किसी भी क्षण समान होंगे 
(b) के विभिन्न त्वरण होंगे
(c) पर समान परिमाण के बल कार्य करेंगे 
(d) के जड़त्वों में परिवर्तन हो जाएँगे
उत्तर - (a)
2. गुरुत्वीय त्वरण का मान-
(a) विषुवत वृत्त तथा ध्रुवों पर समान होता है 
(b) ध्रुवों पर न्यूनतम होता है 
(c) विषुवत वृत्त पर न्यूनतम होता है
(d) ध्रुवों से विषुवत वृत्त की ओर बढ़ता है
उत्तर - (c)
3. दो पिंडों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल F है। यदि दोनों पिंडों के द्रव्यमान उनके बीच की दूरी को समान रखते हुए आधे कर दिए जाएँ, तो गुरुत्वाकर्षण बल हो जाएगा -
(a) F/4 
(b) F/2
(c) F
(d) 2F
उत्तर - (a)
4. कोई लड़का डोरी से बंधे पत्थर को किसी क्षैतिज वृत्ताकार पथ में घुमा रहा है। यदि डोरी टूट जाए, तो वह पत्थर-
(a) वृत्ताकार पथ में गति करेगा 
(b) वृत्ताकार पथ के केंद्र की ओर सरल रेखा के अनुदिश गति करेगा
(c) वृत्ताकार पथ पर किसी सरल रेखीय स्पर्शी के अनुदिश गति करेगा 
(d) लड़के से दूर वृत्ताकार पथ के अभिलंबवत् सरल रेखा के
उत्तर - (c)
5. संबंध F = GM m/d2 में राशि G
(a) परीक्षण स्थल पर g के मान पर निर्भर करती है 
(b) का उपयोग दो द्रव्यमानों में से एक पृथ्वी होने पर ही किया जाता है 
(c) पृथ्वी की सतह पर अधिकतम होता है 
(d) प्रकृति का सार्वत्रिक नियतांक है
उत्तर - (d)
6. गुरुत्वाकर्षण के नियम में गुरुत्वाकर्षण बल-
(a) केवल पृथ्वी तथा बिंदु द्रव्यमान के बीच होता है 
(b) केवल सूर्य तथा पृथ्वी के बीच होता है 
(c) द्रव्यमान रखने वाले किन्हीं भी दो पिंडों के बीच होता है 
(d) केवल दो आवेशित पिंडों के बीच होता है /
उत्तर - (c)
7. गुरुत्वाकर्षण के नियम में राशि G का मान-
(a) केवल पृथ्वी के द्रव्यमान पर निर्भर करता है 
(b) केवल पृथ्वी की त्रिज्या पर निर्भर करता है
(c) पृथ्वी के द्रव्यमान एवं त्रिज्या दोनों पर निर्भर करता है 
(d) पृथ्वी के द्रव्यमान एवं त्रिज्या पर निर्भर नहीं करता है 
उत्तर - (d)
8. वायुमंडल पृथ्वी से जकड़ा हुआ है-
(a) गुरुत्व बल द्वारा 
(b) पवन द्वारा
(c) बादलों द्वारा 
(d) पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र द्वारा 
उत्तर - (a)
9. एकांक दूरी पर स्थित दो एकांक द्रव्यमानों के बीच आकर्षण बल कहलाता है-
(a) गुरुत्वीय विभव 
(b) गुरुत्वीय त्वरण
(c) गुरुत्वीय क्षेत्र 
(d) सार्वत्रिक गुरुत्वीय नियतांक 
उत्तर - (d)
10. किसी पिंड का वायु में भार 10 N है। जल में पूरा डुबाने पर इसका भार केवल 8 N है। पिंड द्वारा विस्थापित जल का भार होगा-
(a) 2 N
(b) 8 N
(c) 10 N
(d) 12 N
उत्तर - (a)
11. कोई लड़की 60 cm लंबे, 40cm चौड़े तथा 20 cm ऊँचे किसी बॉक्स पर तीन ढंग से खड़ी होती है। बॉक्स द्वारा लगाया गया दाब -
(a) तब अधिकतम होगा जब आधार लंबाई व चौड़ाई से बना है
(b) तब अधिकतम होगा जब आधार चौड़ाई व ऊँचाई से बना है
(c) तब अधिकतम होगा जब आधार ऊँचाई व लंबाई से बना है
(d) उपरोक्त तीनों प्रकरणों में समान होगा 
उत्तर - (b)

ANSWERS

DISCUSSION

1. (a) 

अतः वस्तु का वेग उसके द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता है, अर्थात दोनो वस्तुओं का वेग किसी भी क्षण समान होगा। ,
चंद्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण = 1 /6 पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरणअर्थात त्वरण नियत रहेगा, ये विभिन्न नहीं हो सकते है । 
दोनों पिंडो पर विभिन्न बल कार्य करेगा। 

पिंडों के सतह पर टकराने से पहले दोनों वस्तुओं के जड़त्व में कोई परिवर्त्तन नहीं होगा।
2. (c) इस स्थिति में वस्तु पर लगने वाला बल

3. (a) माना दोनों वस्तुओं का द्रव्यमान M1 तथा M2 है और उनके बीच की दूरी r है ।

गुरुत्वाकर्षण के नियम से

अब प्रश्नानुसार दूरी (r) को समान रखते हुए द्रव्यमान को 

अर्थात द्रव्यमान आधा पर बल 1/4 गुणा हो जाता है।
दो पिंडो के बिच लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल उनके द्रव्यमान के गुणनफल के समानुपाती होता है ।
द्रव्यमान बढ़ने से वस्तुओ के बिच लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल बढ़ेगा।
4. (c) डोरी से बंधा पत्थर तनाव T के कारण अभिकेन्द्र बल प्राप्त करता है।

रस्सी टूटने के पश्चात पत्थर वृत्ताकार पथ पर किसी सरल रेखीय स्पर्शी के अनुदिश गति करेगा।
अभिकेन्द्रीय बल के कारण पिण्ड वक्र-पथ पर गति करता है।
इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर अभिकेन्द्रीय बल के कारण चक्कर लगाते है।
एक वृत्ताकार गति में कण पर कार्य करने वाला बल त्रिज्यीय रूप से अंदर की ओर होता है।
5. (d) राशि 'G' प्रकृति का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक है। जिसका मान ब्रह्मांड में किसी भी स्थान पर नियत रहता है ।
गुरुत्वाकर्षण नियातांक 'G' का मान 6.67 × 10-11 Nm2/ kg2 होगा। 
न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम सदैव दो पिंडो के बीच लगता है।
गुरुत्वाकर्षण नियम के अनुसार- दो पिंडो के बीच लगने वाला

6. (c) न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के नियम अनुसार किन्हीं दो पिंडों के बीच लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल उनके द्रव्यमान के गुणनफल के समानुपाती होता है, तथा बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

अर्थात समी० (i) से।
(i) गुरुत्वाकर्षण बल दोनों वस्तुओं के द्रव्यमान पर निर्भर करता है अर्थात ये बल द्रव्यमान रखने वाले किन्हीं दो पिंडो के बीच लगेगा।
समी० (ii) से
(i) गुरुत्वाकर्षण बल उनके बीच की दूरी पर निर्भर करता 
(ii) दो पिंडो के बीच दूरी जितनी अधिक होगी यह बल उतना ही कम होगा।
(iii) दूरी कम होने पर बल बढ़ेगा।
सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियंताक 'G' का SI मात्रक N-m2/ kg2
'G' का मान 6.673 × 10-11 Nm2/Kg2 होता है।
7. (d) गुरुत्वाकर्षण के नियम में राशि 'G" का मान किसी पर भी निर्भर नहीं है।
गुरुत्वाकर्षण नियतांक 'G' का मान किसी भी पिंड के द्रव्यमान तथा त्रिज्या पर निर्भर नही करता है।
गुरुत्वाकर्षण नियतांक 'G' को प्रकृति का सार्वभौमिक या सार्वत्रिक नियंताक भी कहते है।
'G' का मान किसी भी पिंड के स्थिति अवस्था आदि किसी भी चीज पर निर्भर नहीं करता है ।
'G' का मान सर्वदा, सभी स्थानो पर नियत रहता है।
'G' का मान 6.67 × 10-11 Nm2/Kg2 होता है।
गुरुत्वाकर्षण का नियम न्यूटन ने दिया था।
न्यूटन ने गति के तीन नियम दिए है।
8. (a) वायुमंडल गुरुत्वीय बल द्वारा पृथ्वी से जकड़ा हुआ है।
पृथ्वी के वायुमंडल में मौजूद गैसों के विभिन्न परमाणुओं में द्रव्यमान होता है तो इनके और पृथ्वी के बीच गुरुत्वाकर्षण बल लगता है जिससे ये पृथ्वी से जकड़े रहते है।
यदि दो पिंडों में से एक पिंड पृथ्वी हो तो उनके बीच लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी का गुरुत्वीय बल कहलाता है।
गुरुत्वाकर्षण बल के कारण पृथ्वी सभी वस्तुओं को अपनी ओर खिंचता है।
गुरुत्वीय त्वरण 'g' का मान 9.8m/s2 होता है।
'g' का मान अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग होता है।
हमारे ग्रह के चारों ओर की हवा को गुरुत्वाकर्षण बल बाँध के रखता है।
9. (d) एकांक दूरी तथा एकांक द्रव्यमान होने पर 

एकांक दूरी तथा एकांक द्रव्यमान होने पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक के बराबर होता है।
10. (a) वायु में भार = 10 N
जल में भार = 8 N
जल में भार = वायु में भार - उत्पलावन बल
जल में भार = वायु में भार - विस्थापित जल
      ('.' उत्पलावन बल = विस्थापित जल का भार)
8 N = 10N – विस्थापित जल का भार
विस्थापित जल = 10N – 8N = 2N
विस्थापित जल = 2N
11. (b) बॉक्स की लंबाई = 60cm
                        चौड़ाई = 40cm 
                        ऊँचाई = 20cm 
                                             
माना लकड़ी का द्रव्यमान = M
लकड़ी का भार = mg

अर्थात दाब दूसरी स्थिति में जब आधार चौड़ाई एवं ऊँचाई से बना होगा तब अधिकतम होगा।
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