> झारखण्ड में ताप विद्युत परियोजनाएँ
1. बोकारो ताप विद्युत गृह
> यह कोयला आधारित प्रथम ताप विद्युत गृह है जिसे दामोदर घाटी परियोजना के तहत स्थापित किया गया था।
> सन् 1953 में यहां से बिजली उत्पादन प्रारंभ हुआ तथा इसकी उत्पादन क्षमता 830 मेगावाट है।
> यह संयंत्र दामोदर नदी की सहायक बोकारो नदी पर स्थापित की गई है ।
> इससे राष्ट्रीय ग्रिड को विद्युत आपूर्ति की जाती है।
2. चंद्रपुरा ताप विद्युत गृह
> इसकी स्थापना 1965 ई. में दामोदर घाटी निगम द्वारा बोकारो जिले में की गई है।
> इसकी उत्पादन क्षमता 780 मेगावाट है।
3. पतरातू ताप विद्युत गृह
> रामगढ़ में अवस्थित यह संयंत्र रूस के सहयोग से चौथी पंचवर्षीय योजना के दौरान 1973 ई. में स्थापित किया गया था।
> 840 मेगावाट वाले इस संयंत्र से हटिया ( राँची) स्थित एच०सी०एल० को विद्युत आपूर्ति की जाती है।
> यह संयंत्र झारखण्ड राज्य विद्युत बोर्ड (JSEB) के अधीन कार्यरत है।
4. तेनुघाट ताप विद्युत गृह
> यह संयंत्र बोकारो जिले में तेनुघाट बाँध के समीप स्थापित की गई है।
> इसकी स्थापना 1990 के दशक में की गई थी ।
> इसकी क्षमता 420 मेगावाट है।
> झारखण्ड में जल विद्युत परियोजनाएँ
1. तिलैया जल विद्युत केन्द्र
> यह झारखण्ड की प्रथम जल विद्युत परियोजना है।
> इसकी स्थापना 1953 ई. में दामोदर घाटी निगम द्वारा की गई थी
> यह कोडरमा जिले में बराकर नदी पर स्थित है।
> इसकी उत्पादन क्षमता 60,000 किलोवाट है।
2. मैथन जल विद्युत केन्द्र
> इसकी स्थापना दामोघर घाटी निगम के अधीन 1957 ई. में की गई थी।
> यह धनबाद जिले में बराकर नदी पर स्थित है।
> यह गैस टरबाइन पर आधारित झारखण्ड का एकमात्र विद्युत उत्पादन केन्द्र है।
> यह दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी तरह का प्रथम विद्युत केन्द्र है।
> इसकी उत्पादन क्षमता 60,000 किलोवाट है।
3. स्वर्णरेखा जल विद्युत परियोजना
> 1989 ई. में स्थापित यह परियोजना राँची जिले में स्वर्णरेखा नदी पर अवस्थित है।
> विश्व बैंक की सहायता से इस परियोजना का निर्माण झारखण्ड, पश्चिम बंगाल तथा उड़ीसा सरकार द्वारा किया गया है।
> इसके तहत हुण्डरू जलप्रपात (राँची) से 130 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा है।
> इसके द्वारा उत्पादित विद्युत की आपूर्ति राँची क्षेत्र के उद्योगों को की जायेगी।
4. कोनार जल विद्युत केन्द्र
> यह परियोजना बोकारो जिले में कोनार नदी पर स्थित है ।
> इसकी उत्पादन क्षमता 40,000 किलोवाट है ।
> यहाँ भूमिगत जल विद्युत केन्द्र का निर्माण किया गया है।
5. अय्यर जल विद्युत केन्द्र
> यह परियोजना दामोदर नदी पर स्थित है।
> इसकी उत्पादन क्षमता 45,000 किलोवाट है।
6. पंचेत जल विद्युत केन्द्र
> यह परियोजना धनबाद एवं पुरूलिया ( प० बंगाल) की सीमा पर स्थापित किया गया है।
> दामोदर नदी पर स्थित इस परियोजना की उत्पादन क्षमता 40,000 किलोवाट है।
7. बाल पहाड़ी जल विद्युत केन्द्र
> यह परियोजना गिरिडीह जिले में बराकर नदी पर स्थित है।
> इसकी उत्पादन क्षमता 20,000 किलोवाट है।
> कोयलकारो परियोजना ( प्रस्तावित)
> यह परियोजना कोयल तथा कारो नदी पर राष्ट्रीय पनबिजली निगम (NHPC) द्वारा निर्मित किया जाना है।
> इस परियोजना से संबंधित जिले राँची, गुमला और पश्चिमी सिंहभूम हैं।
> इस परियोजना के तहत कुल 732 मेगावाट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसमें 710 मेगावाट विद्युत का उत्पादन प्रथम चरण में तथा शेष 22 मेगावाट विद्युत का उत्पादन द्वितीय चरण में किया जाना है।
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