NCERT MCQs | आधुनिक भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन | सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन
1. राजा राममोहन राय के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1. ये 19वीं सदी के पूर्वार्द्ध में सामाजिक एवं सांस्कृतिक जागरण के प्रमुख नेता थे।
2. राजा राममोहन राय संस्कृत, फारसी, अरबी, अंग्रेजी तथा फ्रांसीसी भाषा जानते थे।
3. 1809 ई. में इन्होंने फारसी में अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'एकेश्वरवादियों को उपहार' (Gift to Monotheists ) लिखी।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(a) 1 और 2
(b) 2 और 3
(c) 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर - (d)
व्याख्या- राजा राममोहन राय के संबंध में दिए गए सभी कथन सत्य हैं।
राजा राममोहन राय 19वीं सदी के पूर्वार्द्ध में सामाजिक और सांस्कृतिक जागरण के प्रमुख नेता थे। बौद्धिक और सांस्कृतिक उथल-पुथल उन्नीसवीं सदी के भारत की विशेषता थी। राजा राममोहन राय को 'भारतीय पुनर्जागरण का अग्रदूत' माना जाता है।
राजा राममोहन राय प्राच्य और पाश्चात्य चिंतन के संशलिष्ट (मिले-जुले ) रूप के प्रतिनिधि थे। वे संस्कृत, फारसी, अरबी, अंग्रेजी, फ्रांसीसी, ग्रीक और हिब्रू सहित एक दर्जन से अधिक भाषाओं के जानकार थे।
इन्होंने 1809 ई. में फारसी में अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'एकेश्वरवादियों को उपहार' लिखी, जिसमें उन्होंने अनेक देवताओं में विश्वास के विरुद्ध और एकेश्वरवाद के पक्ष में मजबूती के साथ तर्क दिए ।
2. 'प्रीसेप्ट्स ऑफ जीसस' पुस्तक के लेखक हैं
(a) ईश्वरचंद्र विद्यासागर
(b) डी. के. कर्वे
(c) बी. जी. तिलक
(d) राजा राममोहन राय
उत्तर - (d)
व्याख्या- राजा राममोहन राय ने 1820 ई. में 'प्रीसेप्ट्स ऑफ जीसस' नामक पुस्तक प्रकाशित की, जिसमें उन्होंने 'न्यू टेस्टामेंट' के नैतिक और दार्शनिक संदेश की प्रशंसा की। वे चाहते थे, कि ईसा मसीह के उच्च नैतिक संदेश को हिंदू धर्म में समाहित कर लिया जाए, इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु उन्होंने यह पुस्तक लिखी थी।
3. ब्रह्म समाज के संदर्भ में निम्न में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
1. इसकी स्थापना 1828 ई. में हुई थी।
2. इसने मूर्तिपूजा तथा सती प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया।
3. इस समाज की यह मान्यता थी कि वेद त्रुटिहीन हैं।
कूट
(a) केवल 1
(b) 2 और 3
(c) 1, 2 और 3
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - (c)
व्याख्या- ब्रह्म समाज के संदर्भ में दिए गए सभी कथन सत्य हैं। राजा राममोहन राय ने 1828 ई. में ब्रह्म सभा नाम की एक धार्मिक संस्था की स्थापना की, जिसे बाद में ब्रह्म समाज कहा गया। इसका उद्देश्य हिंदू धर्म को स्वच्छ बनाना और एकेश्वरवाद की शिक्षा देना था।
ब्रह्म समाज ने मानवीय प्रतिष्ठा पर बल दिया तथा मूर्ति पूजा और सती प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों की आलोचना की। ब्रह्म समाज के दो आधार थे - तर्क शक्ति और वेद तथा उपनिषद् क्योंकि यह समाज वेदों को त्रुटिरहित मानता था।
4. यंग बंगाल आंदोलन के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है?
(a) इस आंदोलन का नेतृत्व लॉर्ड हेनरी ने किया था।
(b) इस आंदोलन ने सामाजिक व धार्मिक रूढ़ियों को तोड़ा।
(c) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्त्रियों की शिक्षा के लिए माँग उठाई
(d) इसने फ्रांस की क्रांति तथा इंग्लैंड के उदय चिंतन के आदर्श प्रस्तुत किए।
उत्तर - (a)
व्याख्या- यंग बंगाल आंदोलन के संबंध में कथन (a) असत्य है, क्योंकि यंग बंगाल आंदोलन का नेतृत्व लॉर्ड हेनरी ने नहीं, बल्कि हेनरी लुई विवियन डेरोजियो ने किया था। बंगाल में आधुनिकीकरण के आंदोलन को आगे बढ़ाने में युवा सामाजिक कार्यकर्ता हेनरी लुई विवियन डेरोजियो का बहुत बड़ा योगदान रहा।
5. कलकत्ता के प्रसिद्ध 'हिंदू कॉलेज' की स्थापना किसने की थी ?
(a) राजा राममोहन राय
(b) डेविड हेयर
(c) विलियम जोन्स
(d) वारेन हेस्टिंग्स
उत्तर - (b)
व्याख्या- कलकत्ता के प्रसिद्ध हिंदू कॉलेज की स्थापना डेविड हेयर ने की। इस कॉलेज की स्थापना 1817 ई. में हुई थी। वे स्कॉटलैंड के निवासी थे और घड़ियों के व्यापार हेतु कलकत्ता आए थे। बंगाल में आधुनिकीकरण के आंदोलन को आगे बढ़ाने में कलकत्ता के हिंदू कॉलेज ने एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजा राममोहन राय ने इस संस्था की स्थापना में हेयर का सहयोग किया।
6. ब्रह्म समाज को पुनर्जीवित करने का श्रेय किसे प्राप्त है ?
(a) रवींद्रनाथ ठाकुर
(b) केशवचंद्र सेन
(c) देवेंद्रनाथ ठाकुर
(d) सौम्येन्द्र नाथ टैगोर
उत्तर - (c)
व्याख्या- ब्रह्म समाज को पुनर्जीवित करने का श्रेय देवेंद्रनाथ ठाकुर को दिया जाता है। देवेंद्रनाथ ठाकुर रवींद्रनाथ ठाकुर के पिता थे, जो भारतीय विद्या की सर्वोत्तम परंपरा और नवीन पाश्चात्य चिंतन से सरोकार रखते थे। उन्होंने राजा राममोहन राय के विचारों के प्रचार के लिए 1839 ई. में 'तत्त्वबोधिनी सभा' की के स्थापना की थी।
7. ईश्वरचंद्र विद्यासागर के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1. उन्होंने संस्कृत कॉलेज गैर-ब्राह्मण विद्यार्थियों के लिए भी खोल दिए।
2. इन्होंने विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया तथा इसके लिए सफल आंदोलन भी चलाया।
3. इन्होंने बाल विवाह तथा बहुविवाह का समर्थन किया।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(a) केवल 1
(b) 1 और 2
(c) 2 और 3
(d) ये सभी
उत्तर - (b)
व्याख्या- ईश्वरचंद्र विद्यासागर के संबंध में दिए गए कथनों में से कथन (1) और (2) सत्य हैं। आधुनिक भारत के निर्माण में ईश्वरचंद्र विद्यासागर का अहम योगदान रहा है। उन्होंने संस्कृत पढ़ाने की नई तकनीक को विकसित किया, साथ ही संस्कृत कॉलेज के दरवाजे गैर-ब्राह्मण विद्यार्थियों के लिए खोल दिए, क्योंकि वे संस्कृत के अध्ययन पर ब्राह्मण जाति के तत्कालीन एकाधिकार के विरोधी थे।
ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने नारी जाति के उत्थान हेतु विधवा पुनर्विवाह की प्रथा का समर्थन किया। इन्होंने 1855 ई. में विधवा पुनर्विवाह के पक्ष में आवाज उठाई तथा जल्द ही यह एक आंदोलन में बदल गया।
कथन (3) असत्य है, क्योंकि ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने 1850 ई. में बाल विवाह का विरोध किया और उन्होंने बहुविवाह का विरोध करते हुए आजीवन आंदोलन चलाया।
8. प्रार्थना समाज के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1. प्रार्थना समाज की स्थापना 1867 ई. में हुई थी।
2. इसने जाति प्रथा और अस्पृश्यता की निंदा की।
3. इसके द्वारा विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया गया।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(a) 1 और 2
(b) 2 और 3
(c) 1 और 3
(d) ये सभी
उत्तर - (d)
व्याख्या- प्रर्थाना समाज के संबंध में दिए गए सभी कथन सत्य हैं। बंगाल में प्रारंभ हुआ धार्मिक-सामाजिक सुधार आंदोलन देश के कई भागों में फैला और इसी क्रम में 1867 ई. में बंबई में प्रार्थना समाज की स्थापना हुई। इसके प्रमुख नेता महादेव गोविंद रानाडे और रामकृष्ण गोपाल भंडारकर थो। इसके नेता ब्रह्म समाज से प्रभावित थे। इन्होंने जाति प्रथा और अस्पृश्यता की निंदा की और साथ ही स्त्रियों के उत्थान हेतु विधवा पुनर्विवाह का भी समर्थन किया।
9. परमहंस मंडली के संदर्भ में निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1. इसकी स्थापना 1849 ई. में महाराष्ट्र में हुई थी ।
2. इसके संस्थापक बहुदेववाद में विश्वास करते थे।
3. इस मंडली की शाखाएँ बड़ौदा, राजकोट, मैसूर आदि स्थानों पर विस्तृत थीं।
4. इस मंडली के लोग विधवा विवाह एवं स्त्री शिक्षण में विश्वास करते थे।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन असत्य है/हैं?
(c) 1, 2 और 3
(d) 2, 3 और 4
उत्तर - (b)
व्याख्या- परमहंस मंडली के संदर्भ में दिए गए कथनों में से कथन (2) और (3) असत्य हैं।
परमहंस मंडली के संस्थापक एकेश्वरवाद अर्थात् एक ईश्वर में विश्वास करते थे न कि बहुदेववाद में। परमहंस मंडली की शाखाएँ पूना, सतारा तथा महाराष्ट्र के कई नगरों में विस्तृत थीं न कि बड़ौदा, राजकोट तथा मैसूर में। कथन (1) और (4) सत्य हैं। 1849 ई. में स्थापित इस संस्था के लोग विधवा विवाह एवं स्त्री शिक्षण में विश्वास करते थे।
10. निम्न में से कौन-सा कथन सत्य है ?
1. 1850 ई. में विष्णु शास्त्री पंडित ने 'विधवा विवाह समाज' की स्थापना की थी।
2. करसोनदास मलजी ने 1852 में गुजराती भाषा में विधवा विवाह के समर्थन में 'सत्य प्रकाश' नामक पत्रिका निकाली।
कूट
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - (c)
व्याख्या- दिए गए दोनों कथन सत्य हैं। 1850 ई. में विष्णु शास्त्री पंडित ने 'विधवा-विवाह समाज' की स्थापना की थी। 19वीं सदी में विधवा विवाह को लेकर समाज सुधारकों ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण कार्य किए, जिसमें ईश्वरचंद्र विद्यासागर, राजा राममोहन राय, ज्योतिबा फुले आदि का नाम उल्लेखनीय रहा है।
करसोनदास मलजी विधवा विवाह के क्षेत्र में योगदान देने वाले एक महत्त्वपूर्ण कार्यकर्ता थे। 1852 ई. में उन्होंने गुजराती भाषा में विधवा विवाह के समर्थन में 'सत्य प्रकाश' नामक पत्रिका का प्रकाशन किया था।
11. समाज सुधारक ज्योतिबा फूले के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1. 1848 ई. में उन्होंने निम्न जाति की कन्याओं के लिए स्कूल खोला।
2. ज्योतिबा ने दलितों के उद्धार का जो महान कार्य किया, उसके लिए उन्हें महात्मा की पदवीं प्रदान की गई।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन असत्य है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - (d)
व्याख्या- समाज सुधारक ज्योतिबा फूले के संबंध में दिए गए दोनों कथन सत्य हैं ।
पश्चिमी भारत के महान समाज सुधारकों में ज्योतिबा फूले का अतुलनीय योगदान रहा है। इन्होंने दलितों और स्त्रियों के लिए अनेक महत्त्वपूर्ण कार्य किए। 1848 ई. में उन्होंने निम्न जातियों की कन्याओं के लिए स्कूल भी खोला था। उन्होंने दलितों के उद्धार के लिए जो कार्य किए, उसके लिए उन्हें 'महात्मा' की पदवीं प्रदान की गई थी।
12. 'सत्य शोधक समाज' की स्थापना किसने की?
(a) दयानंद सरस्वती
(b) ज्योतिबा फुले
(c) महात्मा गाँधी
(d) डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर
उत्तर - (b)
व्याख्या- 'सत्य शोधक समाज' की स्थापना ज्योतिबा फूले ने वर्ष 1873 में की। इस समाज का योगदान महाराष्ट्र में समाज सुधार के क्षेत्र में अत्यधिक रहा। जाति प्रथा की जड़ता को समाप्त करने के लिए ज्योतिबा फूले ने सामाजिक आंदोलन की शुरुआत की, जो समानता के लिए संघर्ष की प्रक्रिया का अंग प्रमाणित हुआ। ज्योतिबा फुले ने जाति व्यवस्था पर प्रहार करते हुए 'गुलाम गिरि' नामक एक पुस्तक की रचना भी की थी।
13. बाल शास्त्री जंभेकर के बारे में निम्न में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
1. उन्होंने दर्पण के नाम से एक साप्ताहिक पत्र आरंभ किया था।
2. वह बॉम्बे के पहले समाज सुधारक थे।
कूट
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2
(d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - (c)
व्याख्या- बाल शास्त्री जंभेकर के विषय में दिए गए दोनों कथन सत्य हैं। बाल शास्त्री जंभेकर मराठी पत्रकारिता के अग्रदूत थे। इन्होंने दर्पण नामक प्रथम मराठी पत्रिका आरंभ की थी। इन्होंने इतिहास और गणित से संबंधित विषयों पर अनेक पुस्तकें लिखीं। वे महाराष्ट्र के समाज सुधारक थे तथा बॉम्बे के पहले समाज सुधारक थे।
14. बी. आर. अंबेडकर को भारत में दलित आंदोलनों का जनक माना जाता है। उनके संबंध में निम्न में से कौन-सा कथन असत्य है?
(a) उनका जन्म महार परिवार में हुआ था।
(b) वर्ष 1931 में उन्होंने मंदिर प्रवेश आंदोलन शुरू किया।
(c) वे हिंदू धर्म में समानता और जातिवाद की अनुपस्थिति को लागू करना चाहते थे।
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं ।
उत्तर - (b)
व्याख्या- दिए गए कथनों में से कथन (b) सत्य नहीं है, क्योंकि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने वर्ष 1927 में मंदिर प्रवेश आंदोलन को प्रारंभ किया था न कि 1931 में। इस आंदोलन में महार जाति के लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया था। वर्ष 1927 से 1935 के बीच अंबेडकर ने मंदिरों में प्रवेश से संबंधित ऐसे तीन आंदोलनों को प्रारंभ किया था।
15. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
1. के. वीरेशलिंगम दक्षिण भारत में सुधार आंदोलनों के एक प्रसिद्ध नेता थे।
2. वीरेशलिंगम ने 1876 ई. में एक तेलुगू पत्रिका शुरू की, जो लगभग पूर्णत: समाज सुधार कार्य के लिए समर्पित थी।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2
(d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - (c)
व्याख्या- दिए गए दोनों कथन सत्य हैं। दक्षिण भारत में के. वीरशेलिंगम तथा श्रीधारलू नायडू सुधार आंदोलन के एक प्रमुख नेता थे। वे विशेष रूप से केशव चंद्र सेन के विचारों से अत्यधिक प्रभावित थे। उन्होंने 1876 ई. में एक तेलुगू पत्रिका ‘विवेकवर्धिनी' का प्रकाशन प्रारंभ किया, जो समाज सुधार कार्य के लिए समर्पित थी। इन्होंने समाज सुधार के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।
16. ' श्री नारायण धर्म परिपालन योगम्' (एस.एन.डी.पी) संस्था की स्थापना किसके द्वारा की गई थी?
(a) के. वीरेशलिंगम
(b) नारायण गुरु
(c) ज्योतिबा फूले
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - (b)
व्याख्या- नारायण गुरु ने वर्ष 1903 में 'श्री नारायण धर्म परिपालन योगम्' (एस. एन. डी. पी.) संस्था की स्थापना की, जो सामाजिक सुधार का एक महत्त्वपूर्ण साधन बनी। नारायण गुरु ने जाति तथा धर्म पर आधारित भेदों को निरर्थक माना और “एक जाति, एक धर्म और एक ईश्वर" की आवश्यकता पर बल दिया। ने
17. दयानंद सरस्वती के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है ?
(a) दयानंद सरस्वती का जन्म 1824 ई. में काठियावाड़ में हुआ था
(b) इनके बचपन का नाम मूलशंकर था
(c) 'a' और 'b' दोनों
(d) इनका मानना था कि उपनिषद् में ईश्वर द्वारा प्रदत्त सारा ज्ञान विद्यमान है
उत्तर - (c)
व्याख्या- दयानंद सरस्वती के संबंध में दिए गए कथनों में से कथन (a) और (b) दोनों सत्य हैं ।
उत्तर भारत में धार्मिक और सामाजिक सुधार का सबसे प्रभावशाली आंदोलन दयानंद सरस्वती ने प्रारंभ किया। दयानंद सरस्वती का जन्म 1824 ई. में काठियावाड़ प्रांत में हुआ था। इनके बचपन का नाम मूलशंकर था। 14 वर्ष की आयु में उन्होंने मूर्ति पूजा का बहिष्कार किया। दयानंद सरस्वती का मानना था कि ईश्वर द्वारा प्रदत्त सभी ज्ञान वेदों में विद्यमान है न कि उपनिषदों में।
18. आर्य समाज के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है?
(a) आर्य समाज की स्थापना 1875 ई. में बंबई में की गई थी।
(b) आर्य समाज बाल विवाह का विरोध तथा विधवा पुनर्विवाह का समर्थन करता है।
(c) आर्य समाज के सदस्य 5 सिद्धांतों का अनुसरण करते हैं।
(d) आर्य समाज की यह मान्यता है कि ईश्वर एक है।
उत्तर - (c)
व्याख्या- आर्य समाज के संबंध में कथन (c) असत्य है, क्योंकि आर्य समाज के सदस्य 'दस सिद्धांतों का अनुसरण करते थे न कि पाँच सिद्धांतों का, इनमें प्रथम है - वेदों का अध्ययन, शेष सिद्धांत सद्गुण और नैतिकता से संबंधित हैं। आर्य समाज की स्थापना दयानंद सरस्वती ने की थी और इसका मुख्य उद्देश्य था-वैदिक धर्म को पुनः शुद्ध रूप में स्थापित करना। इनका मूल नारा था - "वेदों की ओर लौटो ।”
19. स्वामी विवेकानंद द्वारा रामकृष्ण मिशन की स्थापना कब हुई थी ?
(a) 1886 ई.
(b) 1892 ई.
(c) 1898 ई.
(d) 1897 ई.
उत्तर - (d)
व्याख्या- स्वामी विवेकानंद द्वारा रामकृष्ण मिशन की स्थापना 1897 ई. में इनके उपदेशों के प्रचार तथा उन्हें व्यवहार में लाने के उद्देश्य से की गई थी, जिसे वर्ष 1909 में सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत कराया गया। रामकृष्ण मिशन का कलकत्ता के वेल्लूर और अल्मोड़ा के मायावती नामक स्थान पर मुख्यालय खोला गया।
20. स्वामी विवेकानंद के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1. उन्होंने भारतीय एवं पाश्चात्य दर्शन का गहन अध्ययन किया।
2. उन्होंने 1893 ई. में अमेरिका के शिकागो नगर में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में भाग लिया था।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2
(d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - (c)
व्याख्या- स्वामी विवेकानंद के संबंध में दिए गए दोनों कथन सत्य हैं।
स्वामी विवेकानंद का जीवन चरित्र रामकृष्ण परमहंस से बिल्कुल भिन्न था। उन्होंने भारतीय और पाश्चात्य दर्शन का गहन अध्ययन किया था। उनके द्वारा देश के बाहर किए गए कार्यों ने विदेशियों का ध्यान भारतीय संस्कृति की ओर आकर्षित किया।
इसी क्रम में उन्होंने 1893 ई. में अमेरिका के शिकागो शहर में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में भाग लिया और उनके द्वारा सम्मेलन में दिए गए भाषण ने दूसरे देशों के लोगों को बहुत अधिक प्रभावित किया था।
मुस्लिम, पारसी और सिख सुधार
1. 19वीं शताब्दी के मुस्लिम धर्म सुधार आंदोलन से संबंधित कथनों पर विचार कीजिए
1. मुसलमानों में जागरण की शुरुआत 19वीं सदी के पूर्वार्द्ध में बरेली के सैयद अहमद और बंगाल के शरीयतुल्ला जैसे नेताओं के प्रयासों से हुई।
2. भारतीय मुसलमानों पर पाश्चात्य विचारों और आधुनिक शिक्षा का प्रभाव बहुत जल्दी से पड़ा।
3. अंग्रेजी शिक्षा और सामाजिक तथा आर्थिक लाभों से वंचित रहने के कारण भारतीय मुसलमानों में लंबे समय तक मध्य वर्ग का उदय नहीं हो सका।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन असत्य है/हैं?
(a) 1 और 2
(b) केवल 2
(c) केवल 3
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - (b)
व्याख्या- 19वीं शताब्दी के मुस्लिम धर्म सुधार आंदोलन से संबंधित दिए गए कथनों में से कथन (2) असत्य है, क्योंकि मुस्लिम धर्म सुधार आंदोलन के संदर्भ में भारतीय मुसलमानों पर पाश्चात्य विचारों और आधुनिक शिक्षा का प्रभाव देर से पड़ा न कि जल्द पड़ा। इसका प्रमुख कारण उन्नीसवीं सदी के पूर्वार्द्ध में मुसलमानों के बीच शिक्षा के माध्यम का विकास न होना था, क्योंकि दिल्ली और कलकत्ता के बहुत कम मुसलमानों ने तत्कालीन समय में अंग्रेजी शिक्षा प्राप्त की थी।
2. सर सैयद अहमद खाँ के संदर्भ में निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1. उन्होंने एक न्यायिक अफसर के रूप में ईस्ट इंडिया कंपनी की नौकरी की और 1857 ई. के विद्रोह के दौरान वे कंपनी के प्रति वफादार बने रहे।
2. 1864 ई. में उन्होंने अनुवाद समिति की स्थापना की।
3. उन्होंने 1870 ई. में अलीगढ़ में 'मोहम्मडन एंग्लो ओरियंटल कॉलेज' की स्थापना की थी।
4. कांग्रेस का विरोध करने के लिए उन्होंने कुछ हिंदू तथा मुसलमान नेताओं के सहयोग से इंडियन पेट्रियोटिक एसोसिएशन की स्थापना की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(a) 1 और 2
(b) 2 और 3
(c) 1, 2 और 3
(d) 1, 2 और 4
उत्तर - (d)
व्याख्या- सर सैयद अहमद खाँ के संदर्भ में दिए गए कथनों में से कथन (1), (2) और (4) सत्य हैं।
मुसलमानों में आधुनिक शिक्षा के प्रसार और सामाजिक सुधार के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण आंदोलन सर सैयद अहमद खाँ द्वारा प्रारंभ किया गया था।
आरंभिक जीवन में वे ईस्ट इंडिया कंपनी के न्यायिक अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। 1857 के विद्रोह के समय वे कंपनी के प्रति वफादार थे। उन्होंने मुसलमानों की शैक्षिक स्थिति को सुधारने की दिशा में अथक् प्रयास किए। 1864 ई. में उन्होंने अनुवाद समिति की स्थापना की, जिसे बाद में वैज्ञानिक समिति का नाम दिया गया। उन्होंने कांग्रेस का विरोध करने के उद्देश्य से ‘इंडियन पैट्रियोटिक एसोसिएशन' की स्थापना की थी और मुसलमानों को कांग्रेस में शामिल होने से मना किया था।
कथन (3) असत्य है, क्योंकि अलीगढ़ में 'मोहम्मडन एंग्लो ओरियंटल कॉलेज' की स्थापना 1875 ई. में हुई थी न कि 1870 में। यही कॉलेज आगे चलकर 'अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय' के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
3. निम्न कथनों में से कौन-सा कथन असत्य है?
(a) पारसी समाज सुधारक दादाभाई नौरोजी और नौरोजी फरदून जी दोनों ने मिलकर 'रास्त गोफ्तार' नामक पत्रिका का प्रकाशन किया था।
(b) 1870 के दशक में अमृतसर और लाहौर में सिंह सभाएँ स्थापित हुई और उन्होंने सिखों में सुधार आंदोलन को आरंभ किया।
(c) सिंह सभाओं के प्रयत्नों तथा अंग्रेजों की सहायता से 1890 ई. में लाहौर में खालसा कॉलेज की स्थापना हुई ।
(d) 20वीं सदी के आरंभिक दशकों में गुरुद्वारों में सुधार हेतु शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अकाली दल द्वारा मिलकर एक आंदोलन चलाया गया।
उत्तर - (c)
व्याख्या- दिए गए कथनों में से कथन (c) असत्य है, क्योंकि सिंह सभाओं के प्रयत्नों तथा अंग्रेजों की सहायता से वर्ष 1892 (न कि 1890 में) में अमृतसर में खालसा कॉलेज की स्थापना हुई थी। इस कॉलेज ने और इस प्रकार के अन्य प्रयत्नों से स्थापित विद्यालयों ने गुरुमुखी, सिख धर्मज्ञान और पंजाबी भाषा के साहित्य को प्रोत्साहन दिया।
4. रहनुमाई मजदायसन सभा (रिलीजस रिफॉर्म एसोसिएशन) के गठन से संबंधित थे
(a) नौरोजी फरदून जी
(c) दादा भाई नौरोजी
(b) एस. एस. बंगाली
(d) ये सभी
उत्तर - (d)
व्याख्या- 1851 ई. में रहनुमाई मजदायसन सभा (रिलीजस रिफॉर्म एसोसिएशन) का आरंभ नौरोजी फरदून जी दादा भाई नौरोजी, एस. एस. बंगाली तथा अन्य लोगों ने किया। इन सभी ने मिलकर धर्म के क्षेत्र में फैले रूढ़िवाद के विरुद्ध आंदोलन को प्रारंभ किया।
5. निम्न में से किस स्थान पर सिंह सभा आंदोलन का गठन किया गया था?
1. अमृतसर
2. लखनऊ
3. लाहौर
4. दिल्ली
कूट
(a) 1 और 3
(b) 2 और 3
(c) 2 और 3
(d) 3 और 4
उत्तर - (a)
व्याख्या- 1870 के दशक अमृतसर और लाहौर में सिंह सभाएँ स्थापित की गईं और उन्होंने सिखों में सुधार आंदोलन को प्रारंभ किया, तत्पश्चात् दोनों सभाएँ मिलकर एक हो गईं। सिंह सभा ने शिक्षा के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस आंदोलन के मुख्य उद्देश्य हैं- सच्चे सिख धर्म का प्रचार-प्रसार करना, इनके खोए हुए गौरव को पुनः प्राप्त करना, सिखों की ऐतिहासिक एवं धार्मिक पुस्तकें लिखना और उनका वितरण करना।
6. निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1. अकाली आंदोलन वर्ष 1921 में शुरू हुआ था।
2. अकाली आंदोलन के परिणामस्वरूप वर्ष 1922 में गुरुद्वारा अधिनियम अधिनियमित किया गया था।
3. अकाली आंदोलन की शुरुआत से पूर्व अमृतसर में खालसा कॉलेज शुरू किया गया था।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है /हैं?
(a) केवल 1
(b) 1 और 2
(c) 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर - (d)
व्याख्या- दिए गए सभी कथन सत्य हैं। सिखों में धार्मिक सुधार का आरंभ 19वीं सदी की समाप्ति के साथ हुआ जब अमृतसर में खालसा कॉलेज की स्थापना हुई। लेकिन सुधार के प्रयासों को बल वर्ष 1920 के बाद मिला, जब 1921 में पंजाब में अकाली आंदोलन प्रारंभ हुआ। आंदोलन के फलस्वरूप वर्ष 1922 में सिख गुरुद्वारा कानून बना और वर्ष 1925 में उसमें संशोधन भी हुए।
महिला शिक्षा और महिला संबंधी अन्य सुधार
1. आधुनिक भारत की सबसे प्रारंभिक और सबसे प्रसिद्ध महिला समाज सुधारक का नाम बताइए। वह 'स्त्री-पुरुष तुलना' नामक पुस्तक की लेखिका भी थीं?
(a) पंडिता रमाबाई
(b) श्रीमती ऐनी बेसेंट
(c) ताराबाई शिंदे
(d) मुथुलक्ष्मी रेड्डी
उत्तर - (c)
व्याख्या- आधुनिक भारत की सबसे प्रारंभिक और सबसे प्रसिद्ध महिला समाज सुधारक ताराबाई शिंदे थीं, जिन्होंने पूना में घर पर ही शिक्षा प्राप्त की थी। इन्होंने 'स्त्री-पुरुष तुलना' नामक एक पुस्तक की रचना भी की थी, जिसमें पुरुषों और महिलाओं के बीच मौजूद सामाजिक भेदभाव की आलोचना की गई थी।
2. पंडिता रमाबाई के संबंध में निम्न में से कौन-सा/से कथन है/हैं?
1. वह संस्कृत की विद्वान् थीं।
2. उन्होंने महिलाओं को आश्रय प्रदान करने के लिए पूना में एक विधवा गृह की स्थापना की।
कूट
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2
(d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - (c)
व्याख्या- पंडिता रमाबाई के संबंध में दिए गए दोनों कथन सत्य हैं। पंड़िता रमाबाई संस्कृत की महान विद्वान् थी। इनका मानना था कि हिंदू धर्म महिलाओं का दमन करता है। उन्होंने ऊँची जातियों की हिंदू महिलाओं की स्थिति को दर्शाने हेतु एक पुस्तक की रचना भी की थी।
उन्होंने पूना में एक विधवा गृह की स्थापना भी की थी, जिसमें ससुराल वालों का अत्याचार झेल रही महिलाओं को पनाह दी जाती थी ।
3. शारदा एक्ट का संबंध था
(a) बाल विवाह प्रतिबंध से
(b) अंतर्जातीय विवाह प्रतिबंध से
(c) विधवा विवाह प्रतिबंध से
(d) जनजातीय विवाह प्रतिबंध से
उत्तर - (a)
व्याख्या- शारदा एक्ट का संबंध बाल विवाह प्रतिबंध से है। बीसवीं सदी में बाल विवाह को रोकने हेतु वर्ष 1929 में शारदा एक्ट लाया गया। इस कानून में विवाह के लिए लड़कियों की उम्र न्यूनतम 16 वर्ष और लड़कों की उम्र न्यूनतम 18 वर्ष निश्चित की गई।
सांस्कृतिक जागरण एवं अन्य सुधार
1. राजा राममोहन राय के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है?
(a) वे भारतीय पत्रकारिता के अग्रदूत थे।
(b) उन्होंने राजनीतिक आधार पर सार्वजनिक आंदोलन शुरू किया।
(c) 'a' और 'b' दोनों
(d) न तो 'a' और न ही 'b'
उत्तर - (c)
व्याख्या- राजा राममोहन राय के संबंध में दिए गए दोनों कथन असत्य हैं, क्योंकि राजा राममोहन राय को भारतीय पुनर्जागरण का अग्रदूत कहा जाता है। उन्होंने सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलन में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।
राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित ब्रह्म समाज धार्मिक सुधार का पहला महत्त्वपूर्ण संगठन था। इस समाज ने धार्मिक और सामाजिक कुरीतियों का बहिष्कार किया और समाज के लिए एक नए नियम का प्रतिपादन किया।
2. थियोसोफिकल सोसायटी की स्थापना किसने की थी ?
(a) मैडम एच. पी. ब्लावत्स्की
(b) राजा राममोहन राय
(c) महात्मा गाँधी
(d) स्वामी विवेकानंद
उत्तर - (a)
व्याख्या- थियोसोफिकल सोसायटी की स्थापना मैडम एच. पी. ब्लावत्स्की तथा कर्नल ऑलकाट के द्वारा की गई थी। मद्रास के निकट अड्यार में इस सोसायटी ने अपना मुख्यालय स्थापित किया था। 1893 ई. में भारत आने वाली श्रीमती ऐनी बेसेंट के नेतृत्व में थियोसोफी आंदोलन संपूर्ण भारत में फैल गया था।
3. थियोसोफिकल सोसायटी के संबंध में निम्न में कौन-सा कथन सत्य है ?
1. इसके संस्थापक गैर भारतीय थे।
2. भारत में इसका मुख्यालय कलकत्ता में था।
3. यह संस्था हिंदू धर्म के पुनरुद्धार के पक्ष में थी।
4. इसने आत्मा के पुनरागमन के सिद्धांत को मान्यता दी।
कूट
(a) 1, 2 और 3
(b) 2, 3 और 4
(c) 1, 3 और 4
(d) 1 और 2
उत्तर - (c)
व्याख्या- थियोसोफिकल सोसायटी के संबंध में दिए गए कथनों में कथन (1), (3) और (4) सत्य हैं। थियोसोफिकल सोसायटी के संस्थापक गैर भारतीय थे और इसकी स्थापना संयुक्त राज्य अमेरिका में की गई थी। थियोसोफिस्ट प्रचार करते थे कि हिंदुत्व, पारसी मत ( जरथुष्ट मत) तथा बौद्ध मत जैसे प्राचीन धर्मों को पुनर्स्थापित तथा मजबूत किया जाए। साथ ही उन्होंने आत्मा के पुनरागमन सिद्धांत को भी प्रचारित किया।
कथन (2) असत्य है, क्योंकि थियोसोफिकल सोसायटी का मुख्यालय कलकत्ता में नहीं, बल्कि मद्रास के निकट अड्यार में स्थापित किया गया था।
4. निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1. राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' की रचना रवींद्रनाथ ठाकुर ने की थी।
2. राष्ट्रगान की रचना बंकिमचंद्र चटर्जी ने की थी ।
3. 'सारे जहाँ से अच्छा' गीत की रचना मुहम्मद इकबाल ने की थी।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(a) केवल 1
(b) 1 और 2
(c) केवल 3
(d) ये सभी
उत्तर - (c)
व्याख्या- दिए गए कथनों में से कथन (3) सत्य है । सुधारवादी विचारों ने समाज में बदलाव लाने के उद्देश्य से बीसवीं सदी में अपनी गहरी छाप छोड़ी। इसी क्रम में मुहम्मद इकबाल ने उस दौरान राष्ट्रगीत के रूप में 'सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ता हमारा' की रचना की थी।
कथन (1) और (2) असत्य हैं, क्योंकि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की रचना बंकिमचंद्र चटर्जी ने और राष्ट्रगान की रचना रवींद्रनाथ ठाकुर ने की थी।
5. निम्न कथनों में से कौन-सा कथन असत्य कथन है ?
(a) अवनींद्र नाथ ठाकुर एक प्रसिद्ध चित्रकार थे ।
(b) राजा रवि वर्मा ने भारतीय महाकाव्यों तथा आख्यानों के आधार पर चित्र बनाए ।
(c) अमृता शेरगिल ब्रिटिश काल के बाद की एक प्रसिद्ध नृत्यांगना थी।
(d) नंदलाल बसु एक प्रसिद्ध चित्रकार थे।
उत्तर - (c)
व्याख्या- दिए गए कथनों में से कथन (c) असत्य है, क्योंकि अमृता शेरगिल ब्रिटिशकाल के पश्चात् की एक प्रसिद्ध ख्याति प्राप्त चित्रकार थीं न कि नृत्यांगना। बीसवीं सदी में अवनींद्रनाथ ठाकुर और अन्य चित्रकार जैसे राजा रवि वर्मा, नंदलाल बसु आदि प्रसिद्ध चित्रकार थे। इन चित्रकारों के प्रयासों से जिस नवीन चित्रकला शैली का विकास हुआ, वह बंगाल शैली के रूप में जानी गई। राजा रवि वर्मा ने इस काल में भारतीय महाकाव्यों तथा आख्यानों के आधार पर चित्र बनाए तो वहीं दूसरी ओर, नंदलाल बसु ने प्राचीन कथाओं के दृश्यों के साथ-साथ कारीगरों और शिल्पियों के दैनिक जीवन को अपनी चित्रकारी के माध्यम से दिखाया।
6. मोतीलाल घोष द्वारा संपादित पत्रिका कौन-सी है ?
(a) द हिंदू
(b) स्वदेशमित्रम्
(c) प्रभाकर
(d) अमृत बाजार पत्रिका
उत्तर - (d)
व्याख्या- मोतीलाल घोष और शिशिर कुमार घोष नामक दो भाइयों ने अमृत बाजार पत्रिका का संपादन किया था। अमृत बाजार पत्रिका बांग्ला भाषा का एक प्रमुख भारतीय समाचार पत्र है। इसका प्रथम प्रकाशन 20 फरवरी, 1868 ई. को हुआ था। वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट के बाद इस पत्रिका को पूर्णत: अंग्रेजी भाषा का बना दिया गया, लेकिन इससे पूर्व यह बांग्ला और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं में प्रकाशित होती थी।
7. निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1. पीसी महालनोबिस ने भारत में सांख्यिकी के अध्ययन की ठोस नींव रखी थी।
2. श्रीनिवास रामानुजन 20वीं सदी के एक महान इंजीनियर थे।
3. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया, ब्रिटिश शासन के दौरान एक प्रसिद्ध गणितज्ञ एवं खगोलशास्त्री थे।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(a) केवल 1
(b) 2 और 3
(c) 1 और 3
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर - (a)
व्याख्या- दिए गए कथनों में से कथन (1) सत्य है । उन्नीसवीं सदी के अंतिम चरण और संपूर्ण बीसवीं सदी को भारत में विज्ञान के विकास के रूप में जाना जाता है। इसी चरण में पी. सी. महालनोबिस एक श्रेष्ठ वैज्ञानिक थे, जिन्होंने भारत में सांख्यिकी के अध्ययन की मजबूत नींव रखी।
कथन (2) और (3) असत्य हैं, क्योंकि श्रीनिवास रामानुजन 20वीं सदी के एक महान गणितज्ञ थे न कि इंजीनियर । साथ ही मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया, ब्रिटिश शासन के दौरान (1861-1962 ई.) के इंजीनियरी और टेक्नोलॉजी क्षेत्र के महान भारतीय वैज्ञानिक थे न कि गणितज्ञ और खगोलशास्त्री |
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