NCERT MCQs | आधुनिक भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन | 1857 का विद्रोह

1857 का विद्रोह

NCERT MCQs | आधुनिक भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन | 1857 का विद्रोह

NCERT MCQs | आधुनिक भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन | 1857 का विद्रोह

विद्रोह का कारण

1. 1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण क्या था?
(a) गाय और सुअर की चर्बी लगे कारतूसों का प्रयोग
(b) भारतीय सैनिकों को तिलक लगाने से मना करना
(c) भारतीयों को समुद्र पार दूसरे देशों में भेजना
(d) भारतीय सैनिकों की कंपनी की सेना से छँटनी
उत्तर - (a)
व्याख्या- 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारणों में कथन (1) सत्य है । वर्ष 1856 में ब्रिटिश सेना द्वारा पुरानी ब्राउन बैस के स्थान पर नई इनफील्ड राइफल को लाया गया था, इसमें कारतूस को भरने के लिए कारतूस पर लगे केवर को दाँत से कॉटना पड़ता था।
इन कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी का प्रयोग किए जाने की खबर फैल गई, जिसका परिणाम यह हुआ कि भारतीय सिपाहियों (हिंदू और मुस्लिम) ने विद्रोह कर दिया।
29 मार्च, 1857 को मंगल पांडे नामक एक सैनिक ने बैरकपुर में गाय की चर्बी "मिले कारतूसों को मुँह से काटने से स्पष्ट मना कर दिया था।
2. डलहौजी के कुछ उपायों ने भारत में गंभीर असंतोष उत्पन्न किया, जो 1857 के विद्रोह के लिए उत्तरदायी थे | निम्न में से कौन-सा एक उपाय उनमें से नहीं था ?
(a) हड़प नीति का सिद्धांत
(b) धर्म और जाति संबंधी नुकसान का डर
(c) कई शासकों के खिताब और पेंशन का उन्मूलन
(d) शैक्षिक सुधार
उत्तर -  (d)
व्याख्या- डलहौजी द्वारा किए गए कुछ उपायों ने भारतीयों में गंभीर असंतोष की स्थिति को उत्पन्न कर दिया, जिसने 1857 के विद्रोह को प्रारंभ करने में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन इन सभी कारणों में शैक्षिक सुधार शामिल नहीं था।
डलहौजी द्वारा हड़प नीति का सिद्धांत, जिसने कई राजाओं से उनके राज्यों को छीन लिया, कई शासकों की पेंशन का उन्मूलन किया गया, जिससे उन शासकों में ब्रिटिशों के विरुद्ध असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो गई और साथ ही धर्म और जाति के प्रति ब्रिटिशों के व्यवहार ने 1857 की पृष्ठभूमि को तैयार किया। 
3. ........... को बंगाल की सेना की नर्सरी कहा जाता था। 
(a) अवध
(b) बॉम्बे
(c) आगरा
(d) पंजाब
उत्तर - (a)
व्याख्या- अवध को 'बंगाल आर्मी की पौधशाला' अर्थात् बंगाल की सेना की नर्सरी कहा जाता था, क्योंकि बंगाल आर्मी के सिपाहियों में से बहुत सारे अवध और पूर्वी उत्तर प्रदेश के गाँवों से भर्ती होकर आए थे। इनमें से अधिकांश ब्राह्मण जाति के थे।
4. 1857 के विद्रोह के लिए निम्न में से कौन-सा सैन्य कारण जिम्मेदार था ?
(a) भारतीय और ब्रिटिश सैनिकों के मध्य वेतन और पेंशन संबंधी मुद्दे
(b) हड़प नीति का सिद्धांत
(c) जॉन लॉरेंस की गैर-हस्तक्षेप नीति
(d) इनाम आयोग की स्थापना
उत्तर - (a)
व्याख्या- 1857 के विद्रोह के संबंध में भारतीय और ब्रिटिश सैनिकों के बीच होने वाला भेदभाव, जिसमें वेतन और पेंशन संबंधी मुद्दे शामिल थे, विद्रोह का एक मुख्य कारण था। ब्रिटिश फौज में भारतीय सिपाहियों के लिए पदोन्नति सहित वेतन और पेंशन संबंधी समस्याएँ भी प्रबल थीं, क्योंकि सेना के सभी उच्च पद यूरोपीय सैनिकों के लिए सुरक्षित किए गए थे।
5. 1857 के विद्रोह के कारणों के बारे में निम्न कथनों पर विचार करें
1. निःसंतान राजाओं की बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया की समाप्ति।
2. भारतीय प्रजा को नीचा दिखाने की ब्रिटिश नीति .
3. अंग्रेजी और भारतीय सैनिकों के बीच भेदभाव
4. सामाजिक सुधार और ईसाई धर्म में परिवर्तन
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है /हैं?
(a) केवल 1 
(b) केवल 2
(c) 3 और 4
(d) ये सभी
उत्तर - (d)
व्याख्या- 1857 के विद्रोह के कारणों के विषय में दिए गए सभी कथन सत्य हैं। 1857 में हुए विद्रोह के लिए अनेक कारण उत्तरदायी रहे हैं, जिनमें मुख्य था अंग्रेजों द्वारा दत्तक पुत्र या राजा द्वारा गोद लेने की प्रथा को समाप्त करना था, जिसने संबंधित भारतीय राजाओं को अंग्रेजों के नीतियों के विरुद्ध कर दिया।
ब्रिटिशों द्वारा भारतीयों को अपने नए नियमों या अन्य कारणों से नीचा दिखाना भी एक प्रमुख कारण था, जिससे भारतीय अंग्रेजों के विरुद्ध हुए और उनकी नीति से क्षुब्ध हुए।
भारतीय सैनिकों और अंग्रेज सैनिकों के बीच होने वाले भेदभाव ने क्रांति का • मार्ग प्रशस्त किया और साथ ही तत्कालीन समाज में व्याप्त अनेक प्रकार की रीतियों अंग्रेजों ने समाप्त कर दिया अथवा उनमें परिवर्तन कर दिए गए। को इसके अतिरिक्त अंग्रेज ईसाई मिशनरी द्वारा समाज के निचले तबके के लोगों का धर्म परिवर्तन कराने से भी विद्रोह को बल मिला।
6. 1857 के विद्रोह के विषय में कौन-सा कथन सत्य है?
(a) यह राजाओं, नवाबों और तालुकेदारों द्वारा सावधानीपूर्वक संगठित और नियोजित विद्रोह था।
(b) अफवाहों और भविष्यवाणियों ने इसके विस्तृत होने में कोई भूमिका नहीं निभाई।
(c) 1857 में विद्रोही उद्घोषणाओं ने आबादी के सभी वर्गों को उनकी जाति एवं पंथ के बावजूद बार-बार अपील की।
(d) अंग्रेज विद्रोहियों को शीघ्रतापूर्वक एवं आसानी से नियंत्रित करने में सफल रहे।
उत्तर - (a)
व्याख्या- 1857 के विद्रोह के विषय में कथन (a) सत्य है। 1857 का विद्रोह राजाओं, नवाबों और तालुकेदारों द्वारा सावधानीपूर्वक संगठित और नियोजित विद्रोह था, क्योंकि ब्रिटिशों की दोषपूर्ण नीतियों ने सबसे अधिक •प्रभाव इन्हीं पर डाला था। अवध के अधिग्रहण के पश्चात् संबंधित परिवारों पर बुरा प्रभाव पड़ा। अंग्रेजों द्वारा तालुकेदारों तथा जमींदारों की जमीनें जब्त कर लेने से वे सपत्तिहीन बन गए और अपनी खोई हुई जमीन तथा प्रतिष्ठा की प्राप्ति ने 1857 की क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया।
7. 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित पहली घटना थी
(a) नाना साहब के नेतृत्व में कानपुर का विद्रोह
(b) बेगम हजरत महल के द्वारा अवध का नेतृत्व
(c) सिपाहियों का दिल्ली के लाल किले तक मार्च
(d) झाँसी की रानी का विद्रोह
उत्तर - (c)
व्याख्या- 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित पहली घटना सिपाहियों का दिल्ली के लाल किले तक मार्च निकालना था। सिपाहियों की टोली मेरठ से पैदल चलकर 10 मई, 1857 को दिल्ली पहुँचकर मुगल बादशाह से मिलना चाहती थी, लेकिन जैसे ही अन्य टुकड़ियों को इस बात का पता चला, तो अन्य टुकड़ियों ने भी बगावत कर दी।
8. 1857 के विद्रोह का आरंभ कहाँ से हुआ था?
(a) फैजाबाद 
(b) कानपुर
(c) मेरठ
(d) झाँसी
उत्तर - (c)
व्याख्या- 1857 के विद्रोह का आरंभ 10 मई, 1857 को मेरठ से हुआ था। उसके पश्चात् यह तेजी से पूरे उत्तर भारत में फैलने लगा। जल्द ही उत्तर में पंजाब से लेकर दक्षिण में नर्मदा तक तथा पूर्व में बिहार से लेकर पश्चिम में राजस्थान तक एक विस्तृत भू-भाग इस विद्रोह की चपेट में आ गया।
9. निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1. मंगल पांडे ने बलिया में विद्रोह किया था।
2. उन्हें 9 मई, 1857 को फाँसी दे दी गई।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन असत्य है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2
(d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - (c)
व्याख्या- दिए गए दोनों कथन असत्य हैं। मंगल पांडे ने बलिया में नहीं, बल्कि बैरकपुर (पश्चिमी बंगाल) में विद्रोह किया था। मंगल पांडे को विद्रोह करने तथा अपने अधिकारियों पर हमला करने के कारण 8 अप्रैल, 1857 को फाँसी दे दी गई थी।
10. 12 मई, 1857 को मेरठ के विद्रोही सैनिकों ने दिल्ली के लाल किले पर धावा बोलकर किसे भारत का सम्राट घोषित किया?
(a) शाहआलम द्वितीय 
(b) बहादुरशाह जफर
(c) बख्तखान
(d) अकबर द्वितीय
उत्तर - (b)
व्याख्या- 12 मई, 1857 को मेरठ के विद्रोही सैनिकों ने दिल्ली के लाल किले पर धावा बोलकर अंतिम मुगल बादशाह बहादुरशाह जफर को भारत का सम्राट घोषित किया और फिर सैनिकों ने उसी के नेतृत्व में युद्ध को जारी रखने का संकल्प किया।
11. बहादुरशाह जफर के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?
(a) उन्हें 1857 ई. में बंदी बना लिया गया था।
(b) उन पर मुकदमा चलाया गया और उन्हें भूटान निर्वासित कर दिया गया।
(c) उनकी मृत्यु 1865 ई. में हुई।
(d) उनके बड़े बेटे को उनका उत्तराधिकारी घोषित किया गया।
उत्तर - (a)
व्याख्या- बहादुरशाह जफर के संबंध में कथन (a ) सत्य है । बहादुरशाह जफर को 1857 ई. में अंग्रेजों द्वारा बंदी बना लिया गया तथा सितंबर, 1857 में अंग्रेजों द्वारा दिल्ली पर अधिकार कर लिया। इस विद्रोह को एक साल के अंदर ही दबा दिया गया। 1862 ई. में बहादुरशाह की मृत्यु अंग्रेजों द्वारा उस पर अभियोग चलाकर रंगून (बर्मा) निर्वासित करने के दौरान हुई थी ।
12. दिल्ली में प्रतीक के रूप में नेता बहादुरशाह जफर थे, किंतु वास्तविक नियंत्रण एक सैनिक समिति के हाथ में था। इस समिति का प्रमुख था
(a) सिकंदर हयात खाँ
(b) जफर खाँ 
(c) जनरल बख्त खाँ
(d) मौलवी अहमद उल्लाह
उत्तर - (c)
व्याख्या- दिल्ली में प्रतीक के रूप में विद्रोह का नेता बहादुरशाह जफर था, लेकिन वास्तविक नियंत्रण एक सैनिक समिति के हाथों में था, जिसका प्रमुख जनरल बख्त खाँ था। इन्होंने ही बरेली के सैनिकों का नेतृत्व किया था और इन्हें दिल्ली ले आए थे। 1857 के विद्रोह के प्रमुख केंद्र दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, बरेली, झाँसी तथा आरा (बिहार) थे।
13. निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1. 1857 के विद्रोह की शक्ति हिंदू-मुस्लिम एकता में निहित थी।
2. सभी विद्रोहियों ने बहादुरशाह को भारत का सम्राट मानने से इंकार कर दिया था। 
3. 1857 के विद्रोह के प्रमुख केंद्र दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, झाँसी आदि थे।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(a) 1 और 2
(b) 2 आर 3
(c) 1 और 3
(d) ये सभी
उत्तर - (c)
व्याख्या- दिए गए कथनों में से कथन (1) और (3) सत्य हैं। 1857 की क्रांति का मूल हिंदू-मुस्लिम एकता थी, क्योंकि विद्रोह के तात्कालिक कारण ने दोनों समुदायों की धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाई थी, जिसके परिणामस्वरूप दोनों समुदायों के सैनिकों ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह किया था। 1857 के विद्रोह के प्रमुख केंद्र - दिल्ली, कानपुर, बरेली, लखनऊ, झाँसी, आरा (बिहार) आदि थे।
कथन (2) असत्य है, क्योंकि विद्रोहियों ने ही मुगल सम्राट बहादुरशाह जफर को भारत का सम्राट माना था।
14. 1857 के विद्रोह के नेताओं के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1. तात्या टोपे, नाना साहब का विश्वसनीय सेवक था।
2. बरेली में खान बहादुर खान ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह का नेतृत्व किया था।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2
(d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - (c)
व्याख्या- 1857 के विद्रोह के नेताओं के विषय में दिए गए दोनों कथन सत्य हैं। तात्या टोपे, नाना साहब का एक विश्वसनीय सेवक था, जिसने अपनी सैन्य टुकड़ी के साथ नाना साहब की ओर से विद्रोह में मुख्य भूमिका निभाई थी। नाना साहब कानपुर में विद्रोह के नेता थे, तो वहीं बरेली में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व खान बहादुर खान ने किया था।
15. शाहमल उन नेताओं में से एक थे, जिन्होंने 1857 के विद्रोह में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। निम्न में से कौन-सा कथन उनके संदर्भ में असत्य है? 
1. शाहमल ने 84 देश के जमींदारों और काश्तकारों को लामबंद किया।
2. उसने एक अंग्रेज अधिकारी के आवास पर अधिकार करके उसे 'न्याय के हॉल में बदल दिया।
3. जुलाई, 1860 में वह युद्ध में मारा गया।
कूट
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) केवल 3
(d) ये सभी
उत्तर - (c)
व्याख्या- दिए गए कथनों में से कथन (3) असत्य है, क्योंकि शाहमल की मृत्यु जुलाई, 1857 के युद्ध (1857 का विद्रोह) के दौरान हुई थी, न कि 1860 ई. में। शाहमल उत्तर प्रदेश के बड़ौत परगना के एक बड़े गाँव के जाट कुटुंब परिवार से संबंधित थे। इनका परगना चौरासी देस (चौरासी गाँव) में फैला था।
16. निम्न कथनों में से कौन-सा असत्य है?
(a) 1857 के विद्रोह के दौरान अंग्रेजों ने सर्वप्रथम कानपुर पर अधिकार किया।
(b) अंग्रेजों ने 20 सितंबर, 1857 को दिल्ली पर अधिकार कर सम्राट बहादुरशाह को बंदी बना लिया।
(c) दिल्ली के पतन के बाद विद्रोह का केंद्र बिंदु नष्ट हो गया।
(d) 1859 ई. के अंत तक भारत पर ब्रिटिश सत्ता पूरी तरह पुनर्स्थापित हो चुकी थी।
उत्तर - (a)
व्याख्या- दिए गए कथनों में से कथन (a) असत्य है। 1857 के विद्रोह के दौरान अंग्रेजों ने सर्वप्रथम दिल्ली पर अधिकार किया और 20 सितंबर, 1857 को सम्राट बहादुरशाह को बंदी बनाकर उस पर अभियोग की प्रक्रिया के अंतर्गत उसे रंगून (बर्मा) भेज दिया। 1859 ई. के अंत तक अंग्रेजों ने विद्रोह को पूरी तरह दबा दिया था और भारत में ब्रिटिश सत्ता को पुनर्स्थापित कर दिया था।
17. 1857 के विद्रोह के संबंध में विचार कीजिए
1. यह विद्रोह बहुत व्यापक क्षेत्र में फैला और इसे जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त था, फिर भी यह पूरे देश को या भारतीय समाज के सभी अंगों तथा वर्गों को अपने विद्रोह में नहीं ले सका।
2. ग्वालियर के सिंधिया, इंदौर के होल्कर, हैदराबाद के निजाम आदि शासकों ने विद्रोह को व्यापक रूप से अपना समर्थन प्रदान किया था। 
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(a) केवल 1 
(b) केवल 2
(c) 1 और 2
(d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - (a)
व्याख्या- 1857 के विद्रोह के संबंध में कथन (1) सत्य है।
1857 का विद्रोह व्यापक क्षेत्र में फैला था और इसे जन समर्थन भी प्राप्त था, लेकिन यह विद्रोह भारतीय समाज के सभी अंगों और वर्गों को विद्रोह में शामिल नहीं कर पाया। यह दक्षिण तथा पूर्वी और पश्चिमी भारत के अधिकांश भागों में नहीं फैल सका, क्योंकि इस क्षेत्र में पहले से ही अनेक विद्रोह हो चुके थे।
कथा (2) असत्य है, क्योंकि ग्वालियर के सिंधिया, इंदौर के होल्कर, हैदराबाद के निजाम, जोधपुर के राजा सहित अनेक सिख और राजपूत शासकों ने विद्रोह को अपना समर्थन न देंकर विद्रोह को कुचलने में अंग्रेजों की सहायता की थी।
18. 1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों द्वारा क्रूर दमन के दौरान निम्न नेताओं में से कौन नेपाल भागने में सफल रहे थे?
1. तात्याँ टोपे 
2. बेगम हजरत महल
3. कुँवर सिंह
4. नाना साहब
कूट
(a) 1 और 3
(b) 2 और 4
(c) 3 और 4
(d) ये सभी
उत्तर - (b)
व्याख्या- 1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों द्वारा क्रूर दमन के दौरान बेगम हजरत महल और नाना साहब नेपाल की ओर कूच करने में सफल रहे थे। 1859 ई. के आरंभ में नाना साहब कानपुर में हुई अपनी हार को स्वीकार न करते हुए नेपाल की ओर चले गए, जहाँ से उनका कोई पता न चला और अन्य नेताओं की मृत्यु के पश्चात् मजबूर होकर बेगम हजरत महल भी नेपाल में जा छिपी थी।
19. 1857 के विद्रोह के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?
(a) सभी नेताओं ने एक दूसरे के साथ सहज ढंग से समन्वय स्थापित किया।
(b) रानी लक्ष्मीबाई की मृत्यु 1857 ई. में हुई थी।
(c) कुँवर सिंह को उसके एक दोस्त ने धोखा देकर अंग्रेजों के हाथों फाँसी दिलवा दी।
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर - (d)
व्याख्या- 1857 के विद्रोह के संबंध में कोई भी कथन सत्य नहीं हैं।
1857 के विद्रोह को भारत के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय नेतृत्व प्रदान किया गया, जहाँ उनके बीच किसी भी प्रकार का समन्वय नहीं था। सभी नेतृत्वकर्ता क्षेत्र विशेष में अपने-अपने तरीके से विद्रोह को नेतृत्व प्रदान कर रहे थे।
रानी लक्ष्मीबाई की मृत्यु जून, 1858 में हुई थी, न कि 1857 में। ये झाँसी की रानी थीं और इन्होंने साहसपूर्वक अंग्रेजों का विरोध किया। कुँवर सिंह को नहीं, बल्कि तात्या टोपे को उसके एक मित्र के विश्वासघात के कारण अंग्रेजों ने फाँसी की सजा दी थी।
20. निम्न से कौन 1857 के विद्रोह की सबसे महत्त्वपूर्ण कमजोरी थी ?
(a) विद्रोही सिपाहियों में अनुशासन का अभाव 
(b) विद्रोहियों में समन्वय और संगठन की कमी 
(c) कुशल नेतृत्व का अभाव 
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर - (d)
व्याख्या- 1857 के विद्रोह ने अपने प्रारंभिक चरणों में ब्रिटिश सत्ता की नींव को हिला दिया था, लेकिन धीरे-धीरे इस विद्रोह में व्याप्त कमजोरियों ने विद्रोह की दिशा बदल दी, जिसमें शामिल हैं विद्रोही सिपाहियों में अनुशासन का अभाव था, क्योंकि विद्रोह में अधिकतर वे लौंग शामिल हुए थे, जिनके आपसी हित जुड़े थे, जिनमें अधिकतर जमींदार लोग थे।
विद्रोही अधिकतर अपने-अपने क्षेत्र में विद्रोह को दबाने का प्रयास कर रहे थे जिसके कारण अन्य नेतृत्वकर्ता से उनका समन्वय और सहयोग स्थापित नहीं हो सका।
विद्रोह को व्यापक समर्थन किसानों, सैनिकों, दस्तकारों आदि से प्राप्त हुआ था, लेकिन उनका नेतृत्व परंपरा प्रेमी शासक कर रहे थे, जिनकी शक्ति को विदेशी शासन ने समाप्त कर दिया, अतः कुशल नेतृत्व के अभाव में इस विद्रोह की कमजोरी उभरकर सामने आई।
21. आजमगढ़ में 25 अगस्त, 1857 की उद्घोषणा में निम्न में से किस एक मुद्दे पर बल दिया गया था ?
(a) हिंदू-मुस्लिम सौहार्द की भावना
(b) अंग्रेजी सरकार को समर्थन
(c) बादशाही की वापसी
(d) राजस्व की माँग
उत्तर - (a)
व्याख्या- आजमगढ़ में 25 अगस्त, 1857 को विद्रोहियों द्वारा जारी घोषणा पत्र में हिंदू-मुस्लिम एकता से संबंधित विचारों को सम्मिलित करते हुए, उनके द्वारा एकजुट होकर ब्रिटिश शासन के विरुद्ध लड़ाई को जारी रखने हेतु संकेत दिए गए थे, साथ ही लोगों से बड़ी संख्या में इस विद्रोह में शामिल होने हेतु आग्रह भी किया था। इस घोषणा पत्र में व्यापारी, जमींदार, कारीगर, सरकारी कर्मचारी सहित पंडितों, फकीरों आदि के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई थी।
22. 1857 के विद्रोह के बाद ब्रिटिश सरकार ने सिपाहियों का इन प्रांतों से चयन किया 
(a) उत्तर प्रदेश एवं बिहार
(b) बंगाल एवं ओडिशा
(c) गोरखा, सिख तथा पंजाब 
(d) मद्रास प्रेसीडेंसी एवं मराठा
उत्तर - (c)
व्याख्या- 1857 के विद्रोह के बाद ब्रिटिश सरकार ने गोरखा, सिख तथा पंजाबा प्रांतों से सिपाहियों का चयन किया। 1857 के विद्रोह को दबाने में सहायक पंजाबियों, गोरखों तथा पठानों को लड़ाकू जाति घोषित किया गया तथा उन्हें बड़ी संख्या में ब्रिटिश सेना में शामिल किया गया।
1857 के विद्रोह के बाद सेना का सावधानी के साथ पुनर्गठन किया गया, जिसका प्रमुख उद्देश्य एक और विद्रोह न होने देना था। सेना की भर्ती में जाति, क्षेत्र और धर्म के आधार पर भेदभाव किया जाने लगा। लड़ाकू तथा गैर-लड़ाकू "जातियों के मध्य भौगोलिक विभाजन किया गया। f
23. महारानी विक्टोरिया ने भारतीय प्रशासन को ब्रिटिश ताज के नियंत्रण में लेने की घोषणा कब की थी ?
(a) 1 नवंबर, 1858
(b) 31 दिसंबर, 1957
(c) 6 जनवरी, 1958
(d) 17 नवंबर, 1859
उत्तर - (a)
व्याख्या- महारानी विक्टोरिया ने भारतीय प्रशासन को ब्रिटिश ताज के नियंत्रण में लेने की घोषणा 1 नवंबर, 1858 को की थी। तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड कैनिंग द्वारा इलाहाबाद में एक दरबार के आयोजन के दौरान ब्रिटेन *की महारानी विक्टोरिया के राजाज्ञा - पत्र को पढ़कर सुनाया गया था, जिसमें भारतीय राजाओं के अधिकारों को सुरक्षित रखने की घोषणा की गई थी और अन्य किसी भी भारतीय क्षेत्र को ब्रिटिश सत्ता में शामिल न करने की बात भी उस घोषणा-पत्र में शामिल थी।
24. महारानी विक्टोरिया की उद्घोषणा (1858) का उद्देश्य क्या था? 
1. किसी भी भारतीय राज्य को ब्रिटिश साम्राज्य में न मिलाया जाए।
2. भारतीय प्रशासन को ब्रिटिश सम्राट के अधीन रखना।
3. भारत के साथ ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापार का नियमन करना।
उपर्युक्त कौन-सा/से कथन सही हैं/ है ? 
(a) 1 और 2 
(b) केवल 2
(c) 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर - (a)
व्याख्या- दिए गए कथनों में से कथन (1) और (2) सत्य हैं। महारानी विक्टोरिया (1858) के घोषणा पत्र के उद्देश्य निम्न थे
इस घोषणा-पत्र के द्वारा भारतीय राज्यों को ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन न करने की बात कही गई थी, साथ ही भारतीय राजाओं के अधिकारों को सुरक्षित रखने की घोषणा भी की गई थी। इस घोषणा पत्र के द्वारा 1858 ई. में ब्रिटिश पार्लियामेंट ने एक अधिनियम पास कर भारत में कंपनी के शासन को समाप्त कर दिया और भारत पर ब्रिटिश सम्राट के नियंत्रण की बात कही गई थी । कथन (3) सत्य नहीं है, क्योंकि इस घोषणा का उद्देश्य ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापार का नियमन नहीं था।
25. 1857 के विद्रोह के बाद प्रशासन में कौन-से परिवर्तन किए गए थे?
(a) गवर्नर जनरल को वायसराय की उपाधि दी गई।
(b) गवर्नर जनरल की परिषद् का विस्तार किया गया।
(c) 'a' और 'b' दोनों
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर - (c)
व्याख्या- 1857 के विद्रोह के पश्चात् 1858 के घोषणा पत्र के द्वारा महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए तथा प्रशासनिक परिवर्तन भी किए गए, जो निम्न हैं 1858 के कानून के अनुसार भारत का शासन संचालन गवर्नर जनरल के द्वारा संचालित किया जाना था, उसे वायसराय अर्थात् सम्राट के व्यक्तिगत प्रतिनिधि की पदवी दी गई थी।
इस कानून में गवर्नर जनरल हेतु एक कार्यकारिणी परिषद् की भी व्यवस्था की गई, जिसके द्वारा इस परिषद् के सदस्य विभिन्न विभागों के प्रमुख व गवर्नर जनरल के सहयोगी की भूमिका को निभाएँगे अर्थात् गवर्नर जनरल की शक्तियों व अधिकार क्षेत्र में विस्तार किया गया।
26. 1857 के विद्रोह के बाद ब्रिटिश प्रांतीय प्रशासन में लाए गए सुधारों के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1. प्रांतों को निश्चित अनुदान देने की व्यवस्था 1882 ई. में समाप्त कर दी गई।
2. केंद्रीय और प्रांतीय वित्त को अलग करने की दिशा में पहला कदम 1870 ई. में लॉर्ड मेयो ने उठाया था।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन असत्य है/हैं? 
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2
(d) नै तो 1 और न ही 2
उत्तर - (d)
व्याख्या- 1857 के विद्रोह के पश्चात् ब्रिटिश प्रांतीय प्रशासन में सुधारों के संबंध में दिए गए दोनों कथन असत्य हैं।
1858 के घोषणा पत्र के पश्चात् प्रांतीय प्रशासन में भी परिवर्तन हुए और 451882 ई. में प्रांतों को निश्चित अनुदान देने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया और उसके स्थान पर यह व्यवस्था की गई कि किसी प्रांत को कुछ स्रोतों से
प्राप्त पूरी आय दी जाएगी और साथ ही अन्य स्रोतों से प्राप्त आय का एक निश्चित भाग दिया जाएगा।
प्रांतीय वित्त को केंद्रीय वित्त से अलग करने दिशा में पहला कदम 1870 ई. में लॉर्ड मेयो द्वारा उठाया गया था। पुलिस, जेल, शिक्षा, चिकित्सीय सेवाओं तथा सड़कों जैसी कुछ सेवाओं के प्रशासन के लिए प्रांतीय सरकारों को निर्धारित रकम दी जाने लगी और उसका उपयोग प्रांतीय सरकार की इच्छा पर आधारित कर दिया गया।
27. 1858 के ब्रिटिश शासन द्वारा पारित एक्ट के संदर्भ में निम्न कथनों पर विचार कीजिए 
1. इस एक्ट के द्वारा देश के सभी शासकों को यह विश्वास कराया गया कि भविष्य में कभी भी उनके भू-क्षेत्र पर अधिकार नहीं किया जाएगा।
2. इस एक्ट के माध्यम से सेना में यूरोपीय सिपाहियों का अनुपात कम करने और भारतीय सिपाहियों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया।
3. मुसलमानों की जमीन और संपत्ति बड़े पैमाने पर छीन ली गई।
4. इस एक्ट के माध्यम से अंग्रेजों ने निर्णय किया कि वे भारत के लोगों के धार्मिक और सामाजिक रीति-रिवाजों का सम्मान करेंगे।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन असत्य है/हैं?
(a) 1 और 2
(b) केवल 2
(c) 2 और 3
(d) 3 और 4
उत्तर - (b)
व्याख्या- 1858 के ब्रिटिश शासन द्वारा पारित एक्ट के संदर्भ में कथन ( 2 ) असत्य है।
1858 के ब्रिटिश शासन द्वारा पारित अधिनियम के माध्यम से सेना में भी परिवर्तन किए गए और सेना का पुनर्गठन किया गया, जिसका प्रमुख उद्देश्य 1857 के विद्रोह की स्थिति को दोबारा न दोहराना था। इस परिवर्तन में सेना पर यूरोपीय सैनिकों का वर्चस्व सुनिश्चित किया गया और सेना में भारतीयों के मुकाबले यूरोपीय सैनिकों को वरीयता दी गई और उस अनुपात को बढ़ा दिया गया। बंगाल की सेना में यह अनुपात एक और का तथा मद्रास और बंबई की सेनाओं में दो और पाँच का था।
28. किस वर्ष बजट की प्रणाली भारत में 1857 के विद्रोह के बाद प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक कदम के रूप में पेश की गई थी?
(a) 1858 ई.
(b) 1859 ई.
(c) 1860 ई.
(d) 1862 ई.
उत्तर - (c)
व्याख्या- 1860 ई. में बजट प्रणाली की शुरुआत भारत में 1857 के विद्रोह के बाद प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम था।
बजट प्रणाली की शुरुआत के साथ ही प्रत्येक स्रोत से आने वाली अनुमानित आय का ब्यौरा तैयार किया गया। कुछ समय पश्चात् केंद्रीय तथा प्रांतीय सरकारों के बीच आय के वितरण के विषय में निर्णय लिया गया।
29. हिंदू-मुस्लिम एकता 1857 के विद्रोह का मुख्य स्तंभ था। दोनों समुदायों के बीच फूट और दरार पैदा करने के लिए अंग्रेजों ने क्या उपाय किए? 
(a) प्रारंभिक वर्षों में मुस्लिमों के साथ सेवा में भेदभाव किया जाता था।
(b) उन्हें हिंदुओं के संचालक के रूप में दिखाया गया था।
(c) यह प्रचारित किया गया था कि ब्रिटिश शासन के प्रति वफादार होने पर ही हिंदुओं का हित है।
(d) उपर्युक्त सभी 
उत्तर - (d)
व्याख्या- 1857 के विद्रोह के पश्चात् हिंदू-मुस्लिम एकता में फूट डालने के उद्देश्य से अंग्रेजों द्वारा मुसलमानों को नौकरियाँ देने में उनके साथ भेदभाव किया गया, क्योंकि ब्रिटिशों ने मुस्लिमों को 1857 के विद्रोह का मुख्य शत्रु माना।
तत्पश्चात् उन्होंने हिंदुओं को यह समझाने का प्रयास किया कि मुसलमानों ने हिंदुओं का दमन किया है।
इसी उद्देश्य को लेकर वह लगातार दोनों समुदायों के बीच कभी धर्म के आधार पर, कभी सुविधाओं व नौकरियों के आधार पर तथा अन्य कुछ कारणों के आधार पर फूट डालने का प्रयास करते रहे।
30. 1857 की क्रांति के पश्चात् सेना पुनर्गठन के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए | 
1. सेना के भारतीय अंग का संगठन 'संतुलन और जवाबी संतुलन' तथा 'बाँटो और राज करो' की नीति के आधार पर किया गया था।
2. सेना की भर्ती में जाति, क्षेत्र और धर्म के आधार पर भेदभाव को समाप्त कर सैन्य संगठन को मजबूती प्रदान की गई।x
3. विद्रोह को कुचलने में सहायता देने वाले पंजाबियों, गोरखों और पठानों को लड़ाकू जाति घोषित किया गया।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन असत्य है / हैं?
(a) 1 और 2
(b) केवल 2
(c) 2 और 3
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर - (b)
व्याख्या- 1857 की क्रांति के पश्चात् सेना पुनर्गठन के संबंध में कथन ( 2 ) असत्य है। 1857 के विद्रोह के पश्चात् ब्रिटिशों के द्वारा सेना में परिवर्तन के प्रयास किए गए ताकि पूर्व की परिस्थितियाँ फिर से उत्पन्न न हों। इसी आधार पर सेना में भर्ती जाति, क्षेत्र और धर्म के आधार पर की जाने लगी न कि इसे समाप्त किया गया था।
कथन (1) और (3) सत्य हैं। सेना के भारतीय अंग का संगठन 'संतुलन और जवाबी संतुलन' तथा 'बाँटो और राज करो' की नीति के आधार पर किया गया था। विद्रोह को कुचलने में सहायता देने वाले पंजाबियों, गोरखों और पठानों को लड़ाकू जाति घोषित किया गया। साथ ही 'लड़ाकू’ और ‘गैर-लड़ाकू' की अवधारणा को भी विकसित किया गया। अवध, बिहार, मध्य भारत और दक्षिण भारत के सैनिकों ने ही आरंभ में अंग्रेजों की भारत विजय में सहायता की थी, परंतु 1857 के विद्रोह में उनके भाग न लेने के कारण इन्हें 'गैर-लड़ाकू' घोषित कर दिया गया और सेना में उनको भर्ती करना बंद कर दिया गया।
31. ब्रिटिश शासन द्वारा 1858 ई. के पश्चात् अपनाई गई नीतियों के संबंध में विचार कीजिए 
1. इसके पश्चात् भारतीयों में परस्पर बाँटों और राज करो की नीति को आगे बढ़ाया गया।
2. 1870 ई. के पश्चात् उच्च तथा मध्यवर्गीय मुसलमानों को राष्ट्रीय आंदोलन के विरुद्ध खड़ा करने का प्रयास किया गया।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है / है?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2
(d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - (c)  
व्याख्या- ब्रिटिश शासन द्वारा 1858 ई. के पश्चात् अपनाई गई नीतियों के संबंध में दिए गए दोनों कथन सत्य है।
1857 की क्रांति के बाद ब्रिटिश शासन द्वारा 1858 ई. के घोषणा पत्र के माध्यम से अपनाई गई नीतियों में प्रशासनिक, प्रांतीय सैन्य सहित अन्य सुधारों को महत्त्व दिया गया, लेकिन साथ ही ब्रिटिशों ने 'बॉटों और राज करो' की नीति को भी आगे बढ़ाया।
इसके अंतर्गत उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता पर प्रहार किया। एक ओर जहाँ उन्होंने (1857 के पश्चात् मुस्लिमों के साथ भेदभाव किया और हिंदुओं को अपना हितैषी बताया, तो वहीं (1870 के बाद इस नीति के बिल्कुल विपरीत उच्च तथा मध्यवर्गीय मुसलमानों को राष्ट्रवादी आंदोलन के विरुद्ध खड़ा करने का प्रयास किया, क्योंकि अंग्रेजों ने राष्ट्रीय आंदोलन को धर्म के आधार पर बाँटना प्रारंभ कर दिया था।
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