NCERT MCQs | आधुनिक भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन | स्वतंत्रता के बाद
स्वतंत्रता के बाद
1. निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1. 15 अगस्त, 1947 को भारत ने अपना पहला स्वाधीनता दिवस मनाया।
2. 14 अगस्त, 1947 को जवाहरलाल नेहरू ने अपना प्रसिद्ध भाषण संविधान सभा में दिया।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2
(d) न तो 1 और ना ही 2
उत्तर - (c)
व्याख्या- दिए गए दोनों कथन सत्य हैं। 15 अगस्त, 1947 को भारत ने अपना पहला स्वाधीनता दिवस मनाया गया। स्वतंत्रता की घोषणा के पश्चात् 14 अगस्त, 1947 की अर्द्धरात्रि के समय जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा को संबोधित किया। यह भाषण 'नियति के साथ साक्षात्कार' के नाम से लोकप्रिय हुआ।
2. 14/15 अगस्त, 1947 की मध्यरात्रि को अंतरिम संसद के रूप में किसने सत्ता ग्रहण की?
(a) केंद्रीय लेजिस्लेटिव असेंबली
(b) संविधान सभा
(c) अंतरिम सरकार
(d) चैंबर ऑफ प्रिंसेज
उत्तर - (b)
व्याख्या- 14/15 अगस्त, 1947 की मध्यरात्रि को अंतरिम संसद के रूप में संविधान सभा ने सत्ता ग्रहण की। इसके पश्चात् संविधान सभा, संविधान निर्माण के साथ संसदीय कार्रवाई से जुड़ी गतिविधियों को भी अपनाती रही, जब तक वर्ष 1952 में लोकसभा का पहला चुनाव संपन्न नहीं हुआ।
3. भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम (द इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट) ब्रिटिश संसद द्वारा पारित किया गया
(a) जनवरी, 1947 में
(b) जुलाई, 1947 में
(c) अगस्त, 1947 में
(d) अगस्त, 1946 में
उत्तर - (b)
व्याख्या- 18 जुलाई, 1947 को भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम ( द इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट) ब्रिटिश संसद द्वारा पारित किया गया। इस अधिनियम द्वारा भारत की स्वतंत्रता के साथ इसके विभाजन को स्वीकार किया गया तथा पाकिस्तान के रूप में एक नए देश का जन्म हुआ।
4. भारत का अंतिम वायसराय था
(a) लॉर्ड वेवेल
(b) लॉर्ड माउंटबेटन
(c) लॉर्ड लिनलिथगो
(d) ऑकिन लेक
उत्तर - (b)
व्याख्या- लॉर्ड माउंटबेटन, भारत का अंतिम वायसराय था तथा यह स्वतंत्र भारतीय संघ का पहला गवर्नर जनरल था। 20 फरवरी, 1947 को लॉर्ड माउंटबेटन को भारत का वायसराय नियुक्त किया गया। माउंटबेटन द्वारा प्रस्तुत माउंटबेटन योजना में देशी रियासतों के लिए भारत तथा पाकिस्तान के साथ विलय की शर्तें निर्धारित की गई थीं।
5. भारत के विभाजन के विकल्प के रूप में गाँधीजी ने माउंटबेटन को सुझाया था कि वे
(a) स्वतंत्रता प्रदान करने के कार्य को स्थगित करें।
(b) जिन्ना को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करें।
(c) नेहरू एवं जिन्ना को साथ-साथ सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करें।
(d) सेना को कुछ समय के लिए अधिकार ग्रहण करने के लिए आमंत्रित करें।
उत्तर - (b)
व्याख्या- भारत के विभाजन के विकल्प के रूप में गाँधीजी ने तत्कालीन ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन को यह सुझाव दिया था कि वह विभाजन के अपने फैसले को रद्द करते हुए मोहम्मद जिन्ना को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करे।
6. सांप्रदायिकता के संदर्भ में किसने कहा था कि 'निश्चित रूप से यह हमारा दोष है और हमें अपनी कमजोरियों का दंड भुगतना होगा?'
(a) महात्मा गाँधी
(b) जवाहरलाल नेहरू
(c) राजेंद्र प्रसाद
(d) वल्लभभाई पटेल
उत्तर - (b)
व्याख्या- सांप्रदायिकता के बारे में वर्ष 1946 में जवाहरलाल नेहरू ने अपनी पुस्तक ‘भारत: एक खोज' में लिखा था कि “निश्चित रूप से यह हमारा दोष है और हमें अपनी कमजोरियों का दंड भुगतना होगा, किंतु ब्रिटिश अधिकारियों ने भारत में तोड़फोड़ उत्पन्न करने के लिए सोच-समझकर जो कुछ किया, उसके लिए मैं उन्हें क्षमा नहीं कर सकता।" (a) रक्षा (b) विदेशी मामले तथा राष्ट्रमंडल (c) खाद्य एवं कृषि
7. अगस्त, 1947 में स्वतंत्रता दिवस समारोहों में निम्नलिखित में से कौन-सा नेता कहीं भी सम्मिलित नहीं हुआ?
(a) जवाहरलाल नेहरू
(b) महात्मा गाँधी
(c) वल्लभभाई पटेल
(d) राजेंद्र प्रसाद
उत्तर - (b)
व्याख्या- अगस्त, 1947 में स्वतंत्रता दिवस समारोहों के दौरान महात्मा गाँधी सम्मिलित नहीं हुए थे, क्योंकि वे उस दौरान दिल्ली से दूर नोआखाली (अब बांग्लादेश) से बिहार के गाँवों तक सांप्रदायिक दंगों से प्रभावित लोगों से मिल रहे थे।
8. रेडक्लिफ समिति किसलिए नियुक्त की गई थी?
(a) भारत में अल्पसंख्यकों की समस्या को सुलझाने के लिए
(b) स्वतंत्रता विधेयक को कार्यरूप में परिणत करने के लिए
(c) भारत और पाकिस्तान के मध्य सीमाओं को निर्धारित करने के लिए
(d) पूर्वी बंगाल के दंगों की जाँच के लिए
उत्तर - (c)
व्याख्या- अंतिम ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन द्वारा 30 जून, 1947 को भारत तथा पाकिस्तान के मध्य पंजाब और बंगाल में सीमा निर्धारण के लिए रेडक्लिफ आयोग का गठन किया गया, इस आयोग को पंजाब तथा बंगाल के मुस्लिम तथा गैर-मुस्लिम जनसंख्या के आधार पर सीमा निर्धारण का उत्तरदायित्व दिया गया।
9. बंगाल के तेभागा किसान आंदोलन की क्या माँग थी ?
(a) जमींदारों की हिस्सेदारी को फसल के आधे भाग से कम करके एक-तिहाई करना।
(b) भूमि का वास्तविक खेतिहार होने के नाते भू-स्वामित्व कृषकों को प्रदान करना।
(c) जमींदारी प्रथा का उन्मूलन तथा कृषि दासता का अंत करना।
(d) कृषकों के समस्त ऋणों को रद्द करना।
उत्तर - (a)
व्याख्या- बंगाल में तेभागा आंदोलन जमींदारों की हिस्सेदारी को फसल के आधे भाग से कम कर एक-तिहाई करने की माँग के साथ वर्ष 1946 में आरंभ हुआ। यह एक सशक्त आंदोलन था, जिसने सरकार पर फ्लाइड कमीशन की सिफारिश के अनुरूप लगान की दर लागू करने को मुख्य विषय बनाया गया। इस आंदोलन के मुख्य नेता कम्पाराम सिंह तथा भुवन सिंह थे।
10. अंतरिम सरकार में डॉ. राजेंद्र प्रसाद के पास कौन-सा विभाग था?
(a) रक्षा
(b) विदेशी मामले तथा राष्ट्रमंडल
(c) खाद्य एवं कृषि
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर - (c)
व्याख्या- भारत की अंतरिम सरकार का गठन 2 सितंबर, 1946 को जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में किया गया। इस सरकार का निर्माण निर्वाचित संविधान सभा से हुआ था। जवाहरलाल नेहरू इस अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री थे। डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जो संविधान सभा के अध्यक्ष थे, को खाद्य एवं कृषि मंत्रालय का उत्तरदायित्व प्रदान किया गया था।
11. भारत के विभाजन के समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष थे?
(a) सी. राजगोपालाचारी
(b) जे. वी. कृपलानी
(c) जवाहरलाल नेहरू
(d) मौलाना अबुल कलाम आजाद
उत्तर - (b)
व्याख्या- भारत के विभाजन तथा देश की स्वतंत्रता के समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष जे. बी. कृपलानी थे। वे एक प्रमुख गाँधीवादी थे। उनका जन्म 1888 ई. में सिंध प्रांत (पाकिस्तान) में हुआ था। वे मुजफ्फरपुर (बिहार) के कॉलेज में इतिहास तथा अंग्रेजी के शिक्षक थे। वर्ष 1927 में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए तथा वर्ष 1946 में उन्हें कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, वे दिसंबर 1946 से 1947 तक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे।
12. “इस समय भारत की प्रथम और अंतिम आवश्यकता यह है कि उसे एक राष्ट्र बनाया जाए। राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने वाली प्रत्येक चीज आगे बढ़नी चाहिए और उसमें रुकावट डालने वाली प्रत्येक वस्तु को समाप्त किया जाना चाहिए। हमने यही कसौटी भाषाई प्रांतों के सवाल पर भी अपनाई है।" यह कथन किसका है?
(a) जवाहरलाल नेहरू
(b) वल्लभभाई पटेल
(c) महात्मा गाँधी
(d) बी. आर. अंबेडकर
उत्तर - (b)
व्याख्या- यह वक्तव्य वल्लभभाई पटेल ने भाषाई आधार पर प्रांतों की माँग को समाप्त करते हुए दिया था। उनका मानना था कि स्वतंत्रता और विभाजन के उपरांत राष्ट्र के रूप में भारत की सबसे बड़ी चुनौती 'राष्ट्रवाद' को बढ़ावा देकर देश के एकीकरण के लक्ष्य को पूरा करना था। वे उन बाधाओं को अमान्य बनाना चाहते थे, जो 'राष्ट्र निर्माण' की प्रक्रिया में बाधक हैं।
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