NCERT MCQs | आधुनिक भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन | गवर्नर जनरल और वायसराय
गवर्नर जनरल और वायसराय
1. रॉबर्ट क्लाइव ने भारत का नक्शा बनाने की जिम्मेदारी किसे सौंपी थी?
(a) जॉर्ज मुलर
(b) चार्ल्स वुड
(c) जेम्स रेनेल
(d) ऑर्थर ड्यूक
उत्तर - (c)
व्याख्या- रॉबर्ट क्लाइव ने 1782 ई. में जेम्स रेनेल को भारत का नक्शा बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। जेम्स रेनेल भारत पर अंग्रेजों की विजय के समर्थक थे और उन्हें इस वर्चस्व प्रक्रिया के दौरान भारतीय नक्शे को तैयार करना दिलचस्प लगा । जेम्स रेनेल एक भूगोलविद्, इतिहासकार और समुद्रशास्त्री थे उन्हें 'समुद्र विज्ञान का जनक' भी कहा जाता था।
2. लॉर्ड क्लाइव के संदर्भ में निम्न में से कौन-सा कथन असत्य है?
(a) 1765 ई. में मद्रास के गवर्नर जनरल के रूप में नियुक्त किया गया था।
(b) प्लासी के युद्ध में अंग्रेजों का नेतृत्व किया।
(c) 'a' और 'b' दोनों
(d) न तो 'a' और न ही 'b'
उत्तर - (a)
व्याख्या- लॉर्ड क्लाइव के संदर्भ में कथन (a) असत्य है, क्योंकि लॉर्ड क्लाइव 1765 ई. में बंगाल के गवर्नर के पद पर आसीन था। कंपनी के अधीन बंगाल का प्रथम गवर्नर जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स (1773 ई.) बना। लॉर्ड क्लाइव ने 1757 ई. में प्लासी के युद्ध में अंग्रेजों का नेतृत्व किया था। इसने बंगाल में द्वैधशासन की स्थापना की थी।
3. निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1. वॉरेन हेस्टिंग्स मद्रास का प्रथम गवर्नर जनरल था।
2. वॉरेन हेस्टिंग्स के समय में रेग्युलेटिंग एक्ट को लाया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2
(d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - (a)
व्याख्या- दिए गए कथनों में से कथन (2) सत्य है। वॉरेन हेस्टिंग्स के समय में रेग्युलेटिंग एक्ट 1773 को लागू किया गया था। इस अधिनियम के अनुसार बंगाल के गवर्नर को अब अंग्रेजी क्षेत्रों के अधीन भारत का गवर्नर जनरल कहा जाने लगा, जिसका कार्यकाल 5 वर्ष निर्धारित किया गया था।
कथन (1) असत्य है, क्योंकि वॉरेन हेस्टिंग्स मद्रास का नहीं, बल्कि बंगाल का प्रथम गवर्नर जनरल था।
4. वॉरेन हेस्टिंग्स द्वारा न्याय के क्षेत्र में किए गए सुधारों के संबंध में कौन-सा/से कथन सत्य है / हैं?
(a) उसने 1772 ई. में नई न्याय व्यवस्था स्थापित की।
(b) इस व्यवस्था में दीवानी और फौजदारी अदालतों के गठन का प्रावधान था।
(c) दीवानी अदालतों के मुखिया यूरोपीय जिला कलेक्टर होते थे।
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर - (d)
व्याख्या- वॉरेन हेस्टिंग्स द्वारा न्याय के क्षेत्र में किए गए सुधारों के संबंध में सभी कथन सत्य हैं। वॉरेन हेस्टिंग्स की न्याय व्यवस्था मुगल प्रणाली पर आधारित थी। उन्होंने प्रशासनिक सुधार के साथ-साथ न्यायिक क्षेत्र में भी महत्त्वपूर्ण सुधार किए। उन्होंने 1772 ई. में एक नई न्याय व्यवस्था को लागू करते हुए प्रत्येक जिले में एक दीवानी और एक फौजदारी अदालत की स्थापना की।
दीवानी अदालतें यूरोपीय जिला कलेक्टर के अंतर्गत कार्य करती थीं, जिसमें मौलवी और हिंदू पंडित उनके लिए भारतीय कानूनों की व्याख्या करते थे, जबकि फौजदारी अदालतें काजी और मुफ्ती के अंतर्गत थीं, लेकिन वह कलेक्टर के दिशा-निर्देशानुसार कार्य करते थे।
5. निम्न में से किस गवर्नर जनरल पर इंग्लैंड में महाभियोग का मुकदमा चलाया गया?
(a) लॉर्ड कार्नवालिस
(b) लॉर्ड वेलेजली
(c) वॉरेन हेस्टिंग्स
(d) लॉर्ड डलहौजी
उत्तर - (c)
व्याख्या- वॉरेन हेस्टिंग्स पर इंग्लैंड में महाभियोग का मुकदमा चलाया गया था। पिट्स इंडिया एक्ट के विरोध में त्याग पत्र देकर जब वॉरेन हेस्टिंग्स 1785 ई. में इंग्लैंड लौटा तो ब्रिटिश राजनेता रेडमंड बर्क द्वारा बंगाल में कथित भ्रष्टाचार के आरोप में वॉरेन हेस्टिंग्स पर महाभियोग चलाया गया। इसी आरोप के कारण ब्रिटिश पार्लियामेंट में 1788 ई. से 1795 ई. तक लगातार सात वर्ष तक हेस्टिंग्स पर महाभियोग चलाया गया, लेकिन अंततः उसे सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया।
6. निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1. लॉर्ड कार्नवालिस 1793 ई. में भारत के गवर्नर जनरल थे।
2. उनके कार्यकाल के दौरान कई सुधार पेश किए गए।
3. उसके शासनकाल में महालवाड़ी व्यवस्था लागू की गई ।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(a) केवल 1
(b) 1 और 2
(c) 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर - (b)
व्याख्या- दिए गए कथनों में से कथन (1) और (2) सत्य हैं। लॉर्ड कार्नवालिस को 1786 ई. में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा पिट्स इंडिया एक्ट के अंतर्गत रेखांकित शांति स्थापना तथा शासन के पुनर्गठन हेतु गवर्नर जनरल के रूप में नियुक्त किया गया। इनका कार्यकाल 1786-93 ई. तक था।
लॉर्ड कार्नवालिस ने अपने शासनकाल के दौरान कई सुधार कार्य किए, जिनमें न्यायिक सुधार, पुलिस सुधार, सिविल सेवा सुधार तथा राजस्व सुधार प्रमुख थे। इन्हें भारत में सिविल सेवा परीक्षा का जन्मदाता माना जाता है।
इन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जमींदारों के पुलिस अधिकारों को समाप्त कर, थानों की स्थापना की और वहाँ एक दरोगा व कुछ पुलिस कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रारंभ व्यवस्था को किया।
कथन (3) असत्य है, क्योंकि लॉर्ड कार्नवालिस के शासनकाल में 1793 ई. में स्थायी बंदोबस्त व्यवस्था लागू की गई थी न कि महालवाड़ी बंदोबस्त ।
7. निम्नलिखित में से किस गवर्नर जनरल ने भारत की प्रसंविदाबद्ध सिविल सेवा (कोपैनेन्टेड सिविल सर्विस ऑफ इंडिया) का सृजन किया, जो कालांतर में भारतीय सिविल सेवा के नाम से जानी गई?
(a) वारेन हेस्टिंग्स
(b) लॉर्ड वेलेजली
(c) लॉर्ड कार्नवालिस
(d) विलियम बैंटिंक
उत्तर - (c)
व्याख्या- 'नागरिक सेवा' जिसे 'सिविल सेवा' भी कहा जाता है, का जन्मदाता लॉर्ड कार्नवालिस था। सिविल सेवा की परीक्षा प्रारंभ में इंग्लैंड में होती थी। प्रारंभ में इस परीक्षा के लिए निर्धारित अधिकतम आयु 23 वर्ष थी, जिसे बाद में घटाकर (कम करके) लॉर्ड लिटन ने 19 वर्ष करा दिया था। 1863 ई. में सत्येंद्रनाथ टैगोर ऐसे प्रथम भारतीय थे, जिनका चयन सिविल सेवा हेतु किया गया था।
8. बंगाल और बिहार में 'स्थायी बंदोबस्त' का प्रारंभ किस गवर्नर जनरल के काल में हुआ ?
(a) वॉरेन हेस्टिंग्स
(b) लॉर्ड वेलेजली
(c) सर जॉन शोर
(d) लॉर्ड कार्नवालिस
उत्तर - (d)
व्याख्या- 'इस्तमरारी व्यवस्था' जिसे 'स्थायी बंदोबस्त' के रूप जाना जाता है, का प्रारंभ लॉर्ड कार्नवालिस के शासनकाल में हुआ था। यह बंगाल, बिहार तथा उड़ीसा में प्रारंभ की गई थी। इस व्यवस्था के अंतर्गत जमींदारों को भू राजस्व का 10/11 भाग कंपनी को तथा 1/11 भाग अपनी सेवाओं के लिए अपने पास रखना होता था। शीघ्र ही यह व्यवस्था उत्पीड़न तथा शोषण का साधन बन गई।
9. किस गवर्नर जनरल के शासन काल में 'फोर्ट विलियम कॉलेज' की स्थापना की गई थी?
(a) लॉर्ड कार्नवालिस
(b) लॉर्ड वेलेजली
(c) लॉर्ड डलहौजी
(d) लॉर्ड लिटन
उत्तर - (b)
व्याख्या- लॉर्ड वेलेजली ने 1800 ई. में नागरिक सेवा में आने वाले लोगों के प्रशिक्षण के लिए कलकत्ता में 'फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना की थी। लेकिन कंपनी (ब्रिटिश ईस्ट इंडिया) के निर्देशकों को लॉर्ड वेलेजली की यह कार्रवाई पसंद नहीं आई और 1806 ई. में उन्होंने कलकत्ता के कॉलेज के स्थान पर इंग्लैंड में हेलीबरी के ईस्ट इंडियन कॉलेज में प्रशिक्षण का कार्य आरंभ किया।
10. 'सहायक संधि' की शुरुआत किस गवर्नर जनरल ने की थी ?
(a) लॉर्ड कार्नवालिस
(b) लॉर्ड वेलेजली
(c) सर जॉन शोर
(d) लॉर्ड ऑकलैंड
उत्तर - (b)
व्याख्या- 'सहायक संधि' प्रणाली की शुरुआत लॉर्ड वेलेजली द्वारा की गई थी। 1798 ई. में रिचर्ड वेलेजली जिसे 'माक्विस ऑफ वेलेजली' के नाम से जाना जाता है, बंगाल का गवर्नर जनरल बना। सहायक संधि को स्वीकार करने वाला प्रथम राज्य हैदराबाद था ।
11. लॉर्ड वेलेजली द्वारा लागू की गई सहायक संधि व्यवस्था के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
(a) दूसरों के खर्च पर एक बड़ी सेना बनाए रखना
(b) भारत को नेपोलियन के खतरे से सुरक्षित रखना
(c) कंपनी के लिए एक नियत आय का प्रबंध करना
(d) भारतीय रियासतों के ऊपर ब्रिटिश सर्वोच्च सत्ता स्थापित करना
उत्तर - (c)
व्याख्या- लॉर्ड वेलेजली द्वारा लागू की गई सहायक संधि के संदर्भ में कथन (c) सत्य नहीं है। सहायक संधि व्यवस्था का संबंध कंपनी के लिए एक नियत आय का प्रबंध करना नहीं था, बल्कि यह दूसरों के खर्च पर बड़ी सेना बनाने का लक्ष्य लेकर उठाया गया कदम था, जिससे नेपोलियन के आक्रमण के खतरे से ब्रिटिश सत्ता को पुण्ण रखा जा सके। यह भारतीय रियासतों के ऊपर ब्रिटिश सर्वोच्च सत्ता स्थापित करने से प्रभावित था।
12. निम्न में से किसने कहा था कि 'अखिल भारत हर समय हमारे पतन की ओर देख रहा है। प्रत्येक स्थान के लोग हमारे विनाश पर आनंदित होंगे या कल्पना करके आनंदित हो रहे होंगे।'
(a) लॉर्ड वेलेजली
(b) लॉर्ड मेटकॉफ
(c) लॉर्ड मिले प्रथम
(d) लॉर्ड ऑकलैंड
उत्तर - (b)
व्याख्या- उपर्युक्त कथन का संबंध लॉर्ड मेटकॉफ से है, इस कथन को उसने अपने गवर्नर जनरल के काल के दौरान 1835-36 ई. में कहा था। इस उक्ति के लगभग बीस वर्ष के बाद ही सिपाही विद्रोह ( 1857 ई.) हुआ था, क्योंकि ब्रिटिश प्रशासनिक, आर्थिक व अन्य नीतियों ने भारतीयों के प्रति दोषपूर्ण व्यवहार को अपनाया था।
13. 1835 ई. में भारतीय प्रेस को प्रतिबंधों से मुक्त करने का श्रेय किस गवर्नर जनरल को प्राप्त है?
(a) चार्ल्स मेटकॉफ
(b) लॉर्ड रिपन
(c) लॉर्ड विलियम वेडरबर्न
(d) लॉर्ड एल्गिन-प्रथम
उत्तर - (a)
व्याख्या- 1835 ई. में भारतीय प्रेस को प्रतिबंधों से मुक्त करने का श्रेय चार्ल्स मेटकॉफ को दिया जाता है। एक गवर्नर जनरल के रूप में चार्ल्स मेटकॉफ का काल (1835-36) ई. तक था । समाचार पत्रों से प्रतिबंध हटाने के कारण इसे 'समाचार पत्रों का मुक्तिदाता' कहा जाता है।
14. किस गवर्नर जनरल के शासनकाल में अवध का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय किया गया?
(a) लॉर्ड मिटो-प्रथम
(b) लॉर्ड मैकाले
(c) लॉर्ड मेटकॉफ
(d) लॉर्ड डलहौजी
उत्तर - (d)
व्याख्या- लॉर्ड डलहौजी के शासनकाल में 1856 ई. में अवध को ब्रिटिश राज्य में विलय कर लिया गया था। लॉर्ड डलहौजी 36 वर्ष की आयु में गवर्नर जनरल के रूप में भारत आया था, उसने अंग्रेजी साम्राज्य के विस्तार हेतु युद्ध व व्यपगत के सिद्धांत के अंतर्गत अनेक महत्त्वपूर्ण एवं सुधारात्मक कार्यों को संपन्न किया।
15. लॉर्ड डलहौजी ने भारत में रेलवे के एक नेटवर्क के निर्माण की योजना बनाई थी ताकि
(a) भारतीय निर्यात के लिए आसानी से कच्चे माल की खरीद और निर्यात किया जा सके।
(b) ब्रिटिश पूँजी निवेश के लिए एक लाभदायक चैनल प्रदान करता है ।
(c) 'a' और 'b' दोनों
(d) भारत में परिवहन के सस्ते एवं आसान साधन हेतु
उत्तर - (c)
व्याख्या- भारत में रेलवे के विकास का श्रेय लॉर्ड डलहौजी को दिया जाता है। लॉर्ड डलहौजी द्वारा भारत में रेल नेटवर्क के निर्माण की योजना भारत में ब्रिटिश साम्राज्यवाद के आर्थिक, राजनीतिक तथा सैनिक हितों की पूर्ति हेतु लाई गई थी। ये रेल लाइनें मुख्यतः भारत के अंदरूनी भागों में स्थित कच्चे माल का निर्माण करने वाले क्षेत्रों को निर्यात करने वाले बंदरगाहों से जोड़ने हेतु निर्मित की गई थीं।
साथ ही भारत में रेल निर्माण की योजना ब्रिटिश पूँजी निवेशकों के लिए एक लाभदायक अवसर था, क्योंकि 1860 के दशक में ब्रिटेन में ब्याज की दर तीन प्रतिशत थी, जबकि भारत में यह दर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा ब्रिटिश निवेशकों को आकर्षित करने हेतु 5% रखी गई थी।
16. लॉर्ड डलहौजी के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए
1. इसने डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स (राज्य विलय का सिद्धांत) की नीति की शुरुआत की।
2. इसका शासनकाल 1846 से 1854 ई. तक था।
3. लॉर्ड डलहौजी ने 1854 ई. में सतारा को अंग्रेजी राज्य में मिला लिया।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन असत्य है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 2 और 3
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर - (c)
व्याख्या- लॉर्ड डलहौजी के संबंध में कथन (2) और (3) असत्य है। लॉर्ड डलहौजी का शासनकाल 1848-56 ई. तक था न कि 1846-64 ई. तक। लॉर्ड डलहौजी की विलय की नीति के अंतर्गत सतारा को, 1848 ई. ब्रिटिश साम्राज्य में शामिल किया गया था न कि 1854 ई. में। कथन (1) सत्य है, क्योंकि लॉर्ड डलहौजी अपने शासनकाल के दौरान ब्रिटिश साम्राज्य विस्तार के उद्देश्य से 'व्यपगत का सिद्धांत' (ड्राक्ट्रिन ऑफ लैप्स) जिसे 'राज्य विलय की नीति' भी कहा जाता है का प्रारंभ किया था।
17. किस गवर्नर जनरल के काल में कलकत्ता और आगरा के बीच सर्वप्रथम तार लाइन प्रारंभ की गई थी?
(a) लॉर्ड कैनिंग
(b) लॉर्ड कार्नवालिस
(c) लॉर्ड चेम्सफोर्ड
(d) लॉर्ड डलहौजी
उत्तर - (d)
व्याख्या- लॉर्ड डलहौजी द्वारा अपने गवर्नर जनरल के काल में 1853 ई. में कलकत्ता और आगरा के बीच सर्वप्रथम तार लाइन का प्रारंभ किया गया था। अंग्रेजों ने एक कुशल और आधुनिक डाक प्रणाली की व्यवस्था स्थित की थी और तार प्रणाली की भी शुरुआत की थी। लॉर्ड डलहौजी ने डाक टिकटों को भी प्रारंभ किया था।
इससे पूर्व जब भी कोई पत्र डाक द्वारा भेजा जाता था, तो नकद भुगतान करना पड़ता था, लेकिन डलहौजी ने डाक की दरें घटा दीं और पूरे भारत में कहीं भी पत्र भेजने के लिए एक समान दर रखी, जो एक अठन्नी (पुराने दो पैसे के बराबर) थी।
18. किस गवर्नर जनरल / वायसराय ने यह घोषणा की कि बहादुरशाह जफर की मृत्यु के बाद मुगलों से सम्राट की पदवी छीन ली जाएगी और वे केवल राजा ही कहे जाएँगे?
(a) लॉर्ड डलहौजी
(b) लॉर्ड कैनिंग
(c) लॉर्ड कर्जन
(d) लॉर्ड इरविन
उत्तर - (b)
व्याख्या- लॉर्ड कैनिंग ने 1866 ई. में यह घोषणा की थी कि बहादुरशाह की मृत्यु के पश्चात् मुगलों से सम्राट की पदवी छीन ली जाएगी और वे केवल राजा ही कहे जाएँगे, हालाँकि इसके पूर्व 1849 ई. में लॉर्ड डलहौजी ने मुगल वंश की प्रतिष्ठा पर चोट करते हुए यह घोषणा की थी कि बहादुरशाह के उत्तराधिकारी को ऐतिहासिक लाल किला छोड़कर दिल्ली के बाहर कुतुबमीनार के एक बहुत छोटे से निवास स्थान में रहना होगा।
19. प्रांतीय वित्त को केंद्रीय वित्त से अलग करने की दिशा में पहला कदम किस गवर्नर जनरल ने उठाया था ?
(a) लॉर्ड कैनिंग
(b) लॉर्ड मेयो
(c) लॉर्ड रिपन
(d) लॉर्ड कर्जन
उत्तर - (b)
व्याख्या- लॉर्ड मेयो (1869-72 ई.) ने भारत में वित्त की विकेंद्रीकरण व्यवस्था को प्रारंभ किया, जिसके अंतर्गत प्रांतीय वित्त को केंद्रीय वित्त से अलग करने की दिशा में पहल की गई। उसने बजट के घाटे को भी कम किया और साथ ही आयकर की दर को 1% से बढ़ाकर 2.5% कर दिया।
20. लॉर्ड रिपन की सरकार द्वारा पारित प्रस्ताव 1858 ई. के बाद पेश किए गए प्रमुख प्रशासनिक परिवर्तनों में से एक था। निम्न में से कौन इस प्रस्ताव का हिस्सा नहीं था?
(a) ग्रामीण एवं शहरी निकायों को पदोन्नत किया गया था।
(b) स्थानीय निकायों के अधिकांश सदस्य ब्रिटिश सरकार के अधिकारी थे।
(c) स्थानीय निकाय के अध्यक्ष के रूप में गैर-सरकारी चुनाव को अनुमति दी।
(d) निर्वाचित सदस्य अल्पसंख्यक थे।
उत्तर - (b)
व्याख्या- स्थानीय संस्थाओं से संबंधित एक प्रस्ताव 1882 ई. में लॉर्ड रिपन के द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें ग्रामीण और नगरीय स्थानीय संस्थाओं द्वारा स्थानीय मामलों के प्रबंधन के संबंध में एक नीति निर्धारित की गई, जिसके अधिकांश सदस्य गैर-अधिकारी व्यक्ति थे, न कि ब्रिटिश सरकार के अधिकारी। 1882 ई. में लॉर्ड रिपन द्वारा स्थानीय संस्थाओं के विकास में अभूतपूर्व परिवर्तन की पहल की गई, इसी कारण लॉर्ड रिपन को 'स्थानीय स्वशासन का जनक' कहा जाता है।
21. लॉर्ड कर्जन के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन सत्य है?
(a) उन्हें कांग्रेस के प्रति सहानुभूति थी।
(b) उन्होंने सहायक गठबंधन की शुरुआत की थी।
(c) उन्होंने लॉर्ड कैनिंग को भारत के वायसराय के रूप में सफल बनाया।
(d) उन्होंने बंगाल विभाजन की घोषणा की।
उत्तर - (d)
व्याख्या- लॉर्ड कर्जन के विषय में कथन (d) सत्य है कि उसने बंगाल विभाजन की घोषणा की। लॉर्ड कर्जन दिसंबर 1898 ई. में भारत का वायसराय बना। उसने अपने काल में अत्यंत अलोकप्रिय कदम उठाए, जिनसे भारतीयों का ब्रिटिश शासन के प्रति रोष और अधिक बढ़ता गया। वर्ष 1905 में लॉर्ड कर्जन ने राष्ट्रीय आंदोलन को दबाने और कमजोर करने के उद्देश्य से बंगाल का विभाजन दो भागों में कर दिया। यह विभाजन 'फूट डालो और राज करो' की नीति पर आधारित था।
22. भारतीय परिषद् अधिनियम, 1909 के अधिनियमित होने के समय भारत का वायसराय कौन था ?
(a) लॉर्ड मिंटो द्वितीय
(b) लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय
(c) लॉर्ड लैंसडाऊन
(d) लॉर्ड इरविन
उत्तर - (a)
व्याख्या- भारतीय परिषद् अधिनियम, 1909 जिसे 'मार्ले मिंटो सुधार अधिनियम' भी कहा जाता है, के समय भारत का वायसराय लॉर्ड मिंटो द्वितीय था। जॉन मार्ले को भारत का राज्य सचिव नियुक्त किया गया था। अधिनियम के अंतर्गत भारत में प्रथम बार पृथक् निर्वाचन व्यवस्था की शुरुआत की गई थी और साथ ही मुसलमानों के प्रतिनिधित्व के मामले में विशेष रियायतें भी प्रदान की गई थीं।
23. निम्न में से ऐसे गवर्नर जनरल / वायसराय कौन थे, जिनको मारे जाने के इरादे से हमला किया गया था ?
1. लॉर्ड रीडिंग
2. लॉर्ड मिंटो
3. लॉर्ड डफरिन
4. लॉर्ड हार्डिंग कूट
कूट
(a) 1 और 2
(b) 2 और 3
(c) 1 और 3
(d) 2 और 4
उत्तर - (d)
व्याख्या- लॉर्ड मिंटो और लॉर्ड हार्डिंग ऐसे दो वायसराय थे, जिन पर बम फेंककर उनकी हत्या की कोशिश की गई थी, लेकिन दोनों के विरुद्ध यह योजना असफल रही।
लॉर्ड मिंटो पर 13 नवंबर 1909 को अहमदाबाद में एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा हमला किया गया था, जबकि 23 दिसंबर, 1912 को दिल्ली के चाँदनी चौक में एक जुलूस के दौरान लॉर्ड हार्डिंग पर हमला किया गया था, जिसे दिल्ली षड्यंत्र के नाम से जाना जाता है और इसका प्रमुख प्रणेता रास बिहारी बोस को माना जाता है।
24. उस वायसराय का नाम बताइए जिसके कार्यकाल के दौरान प्रांतों में द्वैध शासन प्रणाली शुरू की गई ?
(a) लॉर्ड लिनलिथगो
(b) लॉर्ड लिटन
(c) लॉर्ड रिपन
(d) लॉर्ड चेम्सफोर्ड
उत्तर - (d)
व्याख्या- वर्ष 1919 में लॉर्ड चेम्सफोर्ड के शासनकाल में प्रांतों में द्वैध शासन प्रणाली की शुरुआत की गई थी। यह व्यवस्था वर्ष 1919 के भारत शासन अधिनियम, जिसे मॉण्टेग्यू चेम्सफोर्ड रिपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है के द्वारा प्रारंभ की गई थी। प्रांतों में द्वैध शासन की स्थापना से तात्पर्य प्रांतों में उत्तरदायी सरकार की स्थापना से था। इस व्यवस्था के अंतर्गत प्रांतीय कार्यकारिणी परिषद् को दो भागों में बाँट दिया गया, जिसके पहले भाग में गवर्नर और उसकी कार्यकारिणी • सदस्य शामिल जबकि दूसरे भाग में गवर्नर और मंत्रिगण शामिल थे।
25. लॉर्ड इरविन के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
(a) इनके शासनकाल में गाँधी इरविन समझौता संपन्न हुआ था।
(b) गाँधी इरविन समझौते के परिणामस्वरूप सविनय अवज्ञा आंदोलन को बंद कर दिया गया।
(c) लॉर्ड विलिंगडन को इनका उत्तराधिकारी बनाया गया।
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर - (d)
व्याख्या- लॉर्ड इरविन के संदर्भ में दिए गए सभी कथन सत्य हैं। लॉर्ड इरविन का वायसराय के रूप में कार्यकाल वर्ष 1926-31 तक था। 5 मार्च, 1931 को गाँधीजी और लॉर्ड इरविन के बीच एक समझौता हुआ, जिसे “गाँधी इरविन समझौता” या “दिल्ली समझौता” कहा जाता है। जिसके परिणामस्वरूप कांग्रेस की ओर से गाँधीजी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन को वापस लेने का निर्णय लिया। लॉर्ड इरविन के कार्यकाल के पश्चात् लॉर्ड विलिंगडन (वर्ष 1931-36) को भारत का वायसराय नियुक्त किया गया।
26. वायसराय लॉर्ड विलिंगडन के कार्यकाल के दौरान निम्न में से कौन-सी घटना हुई थी ?
(a) क्रिप्स मिशन
(b) दूसरा गोलमेज सम्मेलन
(c) जलियाँवाला बाग हत्याकांड
(d) ये सभी
उत्तर - (b)
व्याख्या- लॉर्ड विलिंगडन (वर्ष 1931-36) के कार्यकाल के दौरान द्वितीय गोलमेज सम्मेलन का आयोजन लंदन में हुआ था। इस सम्मेलन में कांग्रेस की ओर से गाँधीजी ने प्रतिनिधित्व किया था। भारत में वायसराय के रूप में नियुक्त होने से पूर्व विलिंगडन बंबई और मद्रास के गवर्नर के रूप में भी कार्यभार का संचालन कर चुके थे।
27. किस वायसराय ने यह अवलोकन किया था कि "यह दुनिया बहुत खूबसूरत है, किंतु यह गाँधी के लिए नहीं है?"
(a) लॉर्ड इरविन
(b) लॉर्ड वेवेल
(c) लॉर्ड माउंटबेटन
(d) लॉर्ड विलिंगडन
उत्तर - (d)
व्याख्या- लॉर्ड विलिंगडन ने कहा था कि “यह दुनिया बहुत खूबसूरत है, लेकिन यह गाँधीजी के लिए नहीं है । "
“लॉर्ड विलिंगडन के काल में ही अगस्त, 1932 में रैम्जे मैकडोनॉल्ड ने प्रसिद्ध सांप्रदायिक निर्णय की घोषणा की। गाँधीजी ने यरवदा जेल में बंद रहते हुए उनका दृढ़ विरोध किया। जिसके फलस्वरूप पूना समझौता संपन्न हुआ और हस्ताक्षर के साथ यह समझौता दलित जातियों के प्रश्नों पर सांप्रदायिक निर्णय लेने में परिवर्तित कर दिया था।
28. स्वतंत्र भारत के अंतिम वायसराय कौन थे?
(a) लॉर्ड लिनलिथगो
(b) लॉर्ड माउंटबेटन
(c) लॉर्ड वेवेल
(d) लॉर्ड रीडिंग
उत्तर - (b)
व्याख्या- स्वतंत्र भारत के अंतिम वायसराय और प्रथम गवर्नर जनरल लॉर्ड माउंटबेटन थे, जिनका कार्यकाल वर्ष 1947-48 तक था।
उन्होंने लॉर्ड वेवेल के स्थान पर कार्यभार ग्रहण किया था। भारत विभाजन की योजना लॉर्ड माउंटबेटन द्वारा घोषित की गई थी।
29. सी. राजगोपालाचारी के संदर्भ में कौन-सा/से कथन असत्य है/हैं?
1. वह स्वतंत्र भारत के प्रथम भारतीय गवर्नर जनरल थे।
2. वह आंतरिक सरकार के सदस्य थे।
कूट
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2
(d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर - (d)
व्याख्या- सी. राजगोपालाचारी के संदर्भ में दिए गए कथनों में से कोई भी कथन असत्य नहीं है। सी. राजगोपालाचारी जून, 1948 से जनवरी, 1950 तक स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल रहे। उनके काल में 26 नवंबर, 1949 को स्वतंत्र संविधान सभा द्वारा भारत का संविधान अंगीकृत किया गया। साथ ही वह भारत के अंतिम गवर्नर जनरल भी थे, क्योंकि उनके पश्चात् इस पद को समाप्त कर दिया गया था। 24 अगस्त, 1946 को अंतरिम सरकार के गठन की घोषणा की गई। जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में 11 सहयोगियों के साथ 2 सितंबर, 1946 को सरकार का गठन किया गया, जिसमें मुस्लिम लीग शामिल नहीं हुई। सी राजगोपालाचारी इस अंतरिम सरकार में शामिल सदस्य थे और इन्हें शिक्षा विभाग सौंपा गया था।
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